आपका शहर Close

आईआईटीएम

Vinit Narain

Updated Sun, 20 May 2012 12:00 PM IST
भारतीय उष्ण कटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के वैज्ञानिकों ने दक्षिण एशियाई मानसून क्षेत्र में उच्च स्तरीय जलवायु परिवर्तन के पूर्वानुमानों पर एक खास तरह का अध्ययन शुरू किया है, जिससे भविष्य में फसलों, जल प्रबंधन एवं योजना निर्माण में काफी मदद मिलने की उम्मीद है। यह अध्ययन विश्व मौसम विज्ञान संगठन के समन्वित क्षेत्रीय जलवायु प्रयोग परियोजना का हिस्सा है।
आजादी के बाद देश में आर्थिक विकास कार्यक्रमों को लागू करने के लिए एक ऐसे संस्थान की जरूरत महसूस हुई, जो मूलभूत जलवायु समस्याओं के अध्ययन एवं उष्ण कटिबंधीय क्षेत्र में मौसम एवं मानसून से संबंधित प्रणालियों को समझने के लिए काम कर सके। इसी के मद्देनजर मौसम विज्ञान के विभिन्न पहलुओं के अनुसंधान हेतु केंद्र सरकार ने तीसरी पंचवर्षीय योजना में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी, और 17 नवंबर, 1962 को उष्ण कटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान की स्थापना की गई।

लेकिन एक अप्रैल, 1971 को इसे इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेटरोलॉजी नाम दिया गया। शुरुआत में यह पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत था, जिसे 1985 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन लाया गया। फिर 12 जुलाई, 2006 से यह विशेष रूप से गठित भू-विज्ञान मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संस्थान के रूप में काम कर रहा है।

इसका मुख्यालय पुणे में है। शोध विकास एवं प्रभावी जलवायु विज्ञान को समझने में सक्षम शोधकर्ताओं को तैयार करना, महासागर-वायुमंडलीय अनुसंधान को आगे बढ़ाना एवं इस क्षेत्र शोधरत संस्थानों के साथ सहयोग करना आईआईटीएम का प्रमुख उद्देश्य है।
Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

सलमान ने एक और भाषा में किया 'स्वैग से स्वागत', मजेदार है यह नया वर्जन, देखें वीडियो

  • गुरुवार, 14 दिसंबर 2017
  • +

PHOTOS: शादी पर खर्चे थे 100 करोड़ सोचिए रिसेप्‍शन कैसा होगा, पूरा कार्ड देखकर लग जाएगा अंदाजा

  • गुरुवार, 14 दिसंबर 2017
  • +

अनुष्‍का की शादी में मेहमानों पर 'विराट' खर्च, दिया कीमती गिफ्ट, वेडिंग प्लानर ने खोले कई और राज

  • गुरुवार, 14 दिसंबर 2017
  • +

Bigg Boss 11: बिकिनी पहन प्रियांक ने की ऐसी हरकत, भड़के विकास ने नेशनल टीवी पर किया बेइज्जत

  • गुरुवार, 14 दिसंबर 2017
  • +

विदेश जाकर टूट गया था 'आवारा' राजकपूर का दिल, करने लगे थे भारत लौटने की जिद

  • गुरुवार, 14 दिसंबर 2017
  • +

Most Read

कसमे-वादे और बैंक डिपॉजिट

promise and Bank Deposit
  • गुरुवार, 14 दिसंबर 2017
  • +

राहुल के लिए पहाड़ जैसी चुनौतियां

Challenges like mountain for Rahul
  • रविवार, 10 दिसंबर 2017
  • +

कट्टरता के आगे समर्पण

 bowed down to radicalism
  • शुक्रवार, 8 दिसंबर 2017
  • +

तुष्टिकरण के विरुद्ध

Against apeasement
  • बुधवार, 13 दिसंबर 2017
  • +

क्या अब नेपाल में स्थिरता आएगी?

Will there be stability in Nepal now
  • मंगलवार, 12 दिसंबर 2017
  • +

आसान नहीं राहुल की राह

Not easy way for Rahul
  • सोमवार, 11 दिसंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!