विज्ञापन

'लेखक को हमेशा अपने समाज की गलतियों को सामने लाना चाहिए'

अभियान डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 31 Jan 2018 02:02 PM IST
Kartar Singh Duggal
Kartar Singh Duggal
विज्ञापन
ख़बर सुनें
मेरा जन्म रावलपिंडी से पांच मील दूर एक गांव धमाल में हुआ था। वह पोठोहार का इलाका था, जिसकी अपनी समृद्ध संस्कृति थी। बचपन से ही मैंने अपने इलाके में साझा संस्कृति देखी, इसलिए मैं विभाजन और उससे उपजे दंगे को कभी स्वीकार नहीं कर पाया। बचपन में एक बार मुझे त्वचा की बीमारी हो गई थी, जो वैद्य की जड़ी-बूटियों से ठीक नहीं हुई।
विज्ञापन
फिर मुझे एक मौलवी साहब के पास ले जाया गया। उनकी दुआ की बदौलत मेरी बीमारी दूर हो गई। मैं वह चमत्कार कभी भूल नहीं सकता। एम.ए. करने के बाद मैं ऑल इंडिया रेडियो से जुड़ गया था, जिसमें तब अमृता प्रीतम समेत पंजाब की कई बड़ी साहित्यिक हस्तियां काम करती थीं।

आएशा से शादी करने के पीछे भी साझा संस्कृति के प्रति मेरा लगाव ही था। विभाजन से पहले समाज में कोई भेदभाव नहीं था। लेकिन विभाजन और दंगों ने सब कुछ उलट-पलट दिया। मैंने महसूस किया कि विभाजन ने किस तरह कौमों को अलग-अलग कर दिया।

विभाजन से भारतीय मुस्लिमों की हालत जहां पहले से खराब हुई, वहीं हिंदू और सिखों की सोच में भी बहुत बदलाव आया। मेरी कहानियों और उपन्यासों में पोठोहार की बोली-वाणी, संस्कृति और विभाजन का दर्द छिपा है, तो इसकी वजह यह है कि मैं इन सब का गवाह रहा हूं। मैंने पाया कि अपने समाज में औरतों को दोयम दर्जा मिला हुआ है। ऐसे में, एक लेखक के तौर पर मेरा फर्ज बनता था कि मैं औरतों के दुख-दर्द के बारे में लिखूं। मेरा मानना है कि लेखक को हमेशा अपने समाज की गलतियों को सामने लाना चाहिए।
-चर्चित पंजाबी लेखक

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Opinion

सबका साथ-सबका विकास के मायने

नरेंद्र मोदी ने जो वायदे किए, उनका 65 फीसदी भी लागू हो जाता है, तो वह देश के सबसे परिवर्तनकारी प्रधानमंत्री साबित होंगे, पर अगर ऐसा नहीं हुआ, तो उनके दिखाए गए आकर्षक सपने ज्यादातर सपने ही रह जाएंगे।

22 अक्टूबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

पटाखों के शोर में नहीं सुनाई दी ट्रेन की आवाज, 61 लोगों की दर्दनाक मौत

पंजाब के #अमृतसर में बड़ा रेल हादसा हुआ है। रावण दहन देख रहे लोगों पर मौत बनकर ट्रेन दौड़ गई। ट्रेन हादसा #अमृतसर के जौड़ा फाटक पर हुआ।

19 अक्टूबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree