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Valentine Day Special: प्रेम आपका अधिकार हो सकता है लेकिन प्रेमी पर जताया गया हक नहीं

Bhawna Masiwalभावना मासीवाल Updated Fri, 14 Feb 2020 07:53 AM IST
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प्रेम करने और चाहने के इस दौर में प्रेम सोचना भी अपने आप में डर है।
प्रेम करने और चाहने के इस दौर में प्रेम सोचना भी अपने आप में डर है। - फोटो : Pexels
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फरवरी का महीना है जो प्रेमोत्सव के रूप में मनाया जाता है। एक ओर बसंत का आगमन है तो दूसरी ओर वेलेंटाइन डे का आगाज़। हर कोई प्रेम करना और पाना चाह रहा है। बाज़ार भी पूरी तैयारी के साथ इस प्रेम को बेच रहा है। प्रेम करने और चाहने के इस दौर में प्रेम सोचना भी अपने आप में डर है। क्योंकि हर प्रेमी, प्रेम में 'हां' सुनने की फरमाइश रखता है और 'ना' सुनना उसके कोष का हिस्सा नहीं होता है।
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ऐसे में ना कहना कितना घातक हो सकता है ये सिर्फ जान गवाने वाला जान सकता है। आज का प्रेम, प्रेम नहीं सिर्फ जिद्द का हिस्सा है। यहाँ कोई किसी को पसंद करता है तो उस पर अधिकार जताने लगता है, अधिकार काम नहीं करता तो मार देता है, जला देता है और वजह बताता है कि वो उससे प्यार करता था।

 
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