विज्ञापन
विज्ञापन

श्रावण मास 2019ः प्रकृति, शिव और समाज से जोड़ती है कांवड़ यात्रा

Ashish Vashishtआशीष वशिष्ठ Updated Wed, 17 Jul 2019 06:44 PM IST
कांवड़ का अर्थ है परात्पर शिव के साथ विहार।
कांवड़ का अर्थ है परात्पर शिव के साथ विहार। - फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें
कांवड़ का अर्थ है परात्पर शिव के साथ विहार। अर्थात् ब्रह्म यानी परात्पर शिव, जो उनमें रमण करे वह कांवड़िया। प्रत्येक वर्ष श्रावण मास में लाखों की तादाद में कांवड़िए दूर-दराज से आते हैं और अपने आस-पास के स्थानों से गंगा जल भरते हैं, तत्पश्चात् पदयात्रा कर अपने-अपने स्थानों को वापस लौट जाते हैं।
विज्ञापन
इसी यात्रा को कांवड़ यात्रा कहा जाता है। फिर चतुर्दशी के दिन उस गंगा जल से अपने के आसपास शिव मंदिरों में शिव का अभिषेक किया जाता है, और शिव जी से अपनी और अपनों की सुख शांति की प्रार्थना की जाती है। कहने के लिए तो ये बस एक धार्मिक आयोजन मात्र है, लेकिन इसका सामाजिक और धार्मिक महत्व बहुत है। इसका सामाजिक सरोकार भी हैं। 

कांवड़ यात्रा का सामाजिक महत्व 
कांवड़ के माध्यम से जल की यात्रा का यह पर्व सृष्टि रूपी शिव की आराधना के लिए है। जल आम आदमी के साथ-साथ पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों, धरती में निवास करने वाले हजारों-लाखों तरह के कीड़े-मकोड़ों और समूचे पर्यावरण के लिए बेहद आवश्यक तत्व है। उत्तर भारत की भौगोलिक स्थिति को देखें तो यहां के मैदानी इलाकों में मानव जीवन नदियों पर ही आश्रित है।

कांवड़िए जलस्रोत से एक बार जल भरकर उसे अभीष्ट कर्म के पूर्व अर्थात् शिवजी को अर्पण करने के पहले भूमि पर नहीं रखते हैं। इसके मूल में भावना यह है कि जलस्रोत से प्रभु को सीधे जोड़ा है जिससे धारा प्राकृतिक रूप से उन पर बनी रहे एवं उनकी कृपा हमारे ऊपर भी सतत् धारा के अनुसार बहती रहे जिससे संसार सागर को सुगमता से पार किया जा सके।

भोलेनाथ के भक्त यूं तो साल भर कांवड़ चढ़ाते रहते हैं, लेकिन सावन में इसकी धूम कुछ ज्यादा ही रहती है क्योंकि यह मास भगवान शिव को समर्पित है। अब तो उत्तर भारत में खासतौर पर दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी व पूर्वी यूपी में कांवड़ यात्रा एक पर्व कुंभ मेले के समान एक महाआयोजन का रूप ले चुकी है। काशी और देवघर में भी कांवड़ यात्रा का खासा महत्व है। पिछले डेढ़ दशक में कांवड़ यात्रा  की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। 
 
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन

Recommended

बायोमेडिकल एवं लाइफ साइंस में लेना है एडमिशन, ये है सबसे नामी संस्था
Dolphin PG

बायोमेडिकल एवं लाइफ साइंस में लेना है एडमिशन, ये है सबसे नामी संस्था

सुखी वैवाहिक जीवन के लिए इस जन्माष्टमी मथुरा में कराएं राधा-कृष्ण युगल पूजा, 24 अगस्त को
Astrology Services

सुखी वैवाहिक जीवन के लिए इस जन्माष्टमी मथुरा में कराएं राधा-कृष्ण युगल पूजा, 24 अगस्त को

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Blog

भाजपा में जाने की चर्चाओं को लेकर आखिर क्यों चुप हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया?

मप्र की सियासत में इस समय ज्योतिरादित्य सिंधिया चर्चा का केंद्रीय विषय बने हुए हैं क्योंकि उन्हें लेकर पिछले एक सप्ताह से सोशल मीडिया पर खबरें वायरल हो रही हैं

21 अगस्त 2019

विज्ञापन

INX मीडिया केस: पी चिदंबरम की गिरफ्तारी पर भड़के बेटे कार्ति, ‘हम लड़ेंगे राजनीतिक और कानूनी लड़ाई'

पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने चेन्नई में मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके पिता की गिरफ्तारी अनुचित और राजनीतिक विद्वेषपूर्ण है।

22 अगस्त 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree