विज्ञापन
विज्ञापन

जल संरक्षण के लिए मोदी ने कही रहीम के ‘मन की बात’, ये तकनीक कर सकती है चमत्कार

Dr. Praveen Tiwariडॉ.प्रवीण तिवारी Updated Mon, 01 Jul 2019 06:29 PM IST
बुरहानपुर का कुंडी भंडारा जल संरक्षण की अनोखी तस्वीर पेश करता है।
बुरहानपुर का कुंडी भंडारा जल संरक्षण की अनोखी तस्वीर पेश करता है। - फोटो : social media
ख़बर सुनें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोबारा चुनाव जीतने के बाद पहली बार मन की बात में पानी बचाने पर जमकर जोर दिया है। मैं इसे देश की सबसे बड़ी चुनौती की तौर पर देख रहा हूं। उनकी सबसे अच्छी बात ये लगी कि उन्होंने पुराने या परंपरागत तरीकों को ढूंढने में मदद करने की बात कही। मैं ये बात बहुत पहले से कह रहा हूं और इस पर लिख भी रहा हूं।

विज्ञापन
जलसंरक्षण की 400 साल पुरानी तकनीक 
एक बार फिर मुझे 400 साल पहले किए गए उस बेहतरीन प्रयास को आपके सामने रखने का मौका मिल रहा है जो आज भी देश के एक पानी पीड़ित शहर की प्यास बुझाने में असरदार भूमिका निभाता है। मैं बात कर रहा हूं बुरहानपुर के कुंडी भंडारा की जिसका निर्माण अब्दुर्रहीम खानखाना ने करवाया था।
 

रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून
पानी गए न ऊबरे मोती मानस चून


अब्दुर्रहीम खानखाना या रहीम को आप उनके दोहों के लिए जानते हैं। ऐसा ही एक मशहूर दोहा यहां लिखा गया है। रहीम सिर्फ कवि ही नहीं थे वे एक कुशल शासक और योद्धा के तौर पर भी जाने जाते थे। यही वजह है कि अकबर ने उन्हें अपने नौ रत्नों में जगह दी थी। सबसे अहम बात ये कि रहीम पानी बचाने के प्रयासों मे जुटे रहे और इसके लिए जल संरक्षण की तकनीकों को उन्होंने मप्र के बुरहानपुर में स्थापित किया।

रहीम पानी के महत्व को समझते थे। उन्होंने फलसफे के लिहाज से तो उपरोक्त दोहे में पानी के महत्व को बताते हुए कहा कि पानी के बिना सब शून्य है, लेकिन वे इसके महत्व को अपनी यांत्रिक समझ के जरिए मूर्त रूप देने में भी कामयाब हुए।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर के जल वैज्ञानिक डॉ. शैलेश की कहानी 
मुझे बुरहानपुर यात्रा के दौरान उनकी इस समझ को देखने और समझने का एक जबरदस्त मौका मिला। ये मौका अहम इसीलिए था क्योंकि इस यात्रा के दौरान अंतर्राष्ट्रीय स्तर के जल वैज्ञानिक डॉ. शैलेश खर्कवाल भी मेरे साथ थे। नेशनल युनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के वैज्ञानिक शैलेश के लिए ये किसी आश्चर्य से कम नहीं था क्योंकि जिस तरह के प्रयोग अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे हैं उन्हें 400 साल पहले 1615 में करवाना निश्चित तौर पर आश्चर्य का विषय ही है।

डॉ. शैलेश न सिर्फ अंतर्राष्ट्रीय स्तर के जल वैज्ञानिक हैं बल्कि वो जल सरंक्षण के लिए दुनिया भर की तकनीकों पर शोध भी करते रहते हैं। सिंगापुर ने जल संकट से निपटने के लिए किस तरह के कारगर कदम उठाए डॉ. शैलेश पिछले 15 सालों से उसके न सिर्फ गवाह हैं बल्कि उस प्रक्रिया का हिस्सा भी हैं।

विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन

Recommended

शेयर मार्केट, अब नहीं रहेगा गुत्थी
Invertis university

शेयर मार्केट, अब नहीं रहेगा गुत्थी

समस्या कैसी भी हो, पाएं इसका अचूक समाधान प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से केवल 99 रुपये में
Astrology Services

समस्या कैसी भी हो, पाएं इसका अचूक समाधान प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से केवल 99 रुपये में

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Blog

वन-डे और T-20 के बाद क्या अब खतरे में है आर अश्विन का टेस्ट करियर?

टेस्ट मैच के पहले दिन जब प्लेइंग 11 का एलान हुआ तब वही कॉमेंट्री कर रहे थे। आर अश्विन को प्लेइंग 11 से बाहर रखने के फैसले को उन्होंने ‘एस्टॉनिशिंग’ यानी बेहद हैरान करने वाला बताया।

24 अगस्त 2019

विज्ञापन

देशभर में जन्माष्टमी की धूम, वृंदावन के इस्कॉन मंदिर में लगी भक्तों की भीड़

पूरे भारत में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी बहुत ही हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया जा रहा है। वृंदावन के इस्कॉन मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा हुआ नजर आया।

25 अगस्त 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree