विज्ञापन
विज्ञापन

ऋतु परिवर्तन का सूचक है उत्तराखंड का हरेला पर्व

Lalit fularaललित फुलारा Updated Wed, 17 Jul 2019 05:34 PM IST
हरेला सिर्फ एक त्योहार न होकर उत्तराखंड की जीवनशैली का प्रतिबिंब है।
हरेला सिर्फ एक त्योहार न होकर उत्तराखंड की जीवनशैली का प्रतिबिंब है। - फोटो : Social Media
ख़बर सुनें
हरेला सिर्फ एक त्योहार न होकर उत्तराखंड की जीवनशैली का प्रतिबिंब है। यह प्रकृति के साथ संतुलन साधने वाला त्योहार है। प्रकृति का संरक्षण और संवर्धन हमेशा से पहाड़ की परंपरा का अहम हिस्सा रहा है। हरियाली इंसान को खुशी प्रदान करती है। हरियाली देखकर इंसान का तन-मन प्रफुल्लित हो उठता है। इस त्योहार में व्यक्तिवादी मूल्यों की जगह समाजवादी मूल्यों को वरीयता दी गई है।
विज्ञापन
सामाजिक सद्भाव और सहयोग का पर्व 
हरेले के त्योहार में लोग अपने घर के हरेले (समृद्धि) को अपने तक ही सीमित न रखकर उसे दूसरे को भी बांटते हैं। यह विशुद्ध रूप से सामाजिक सद्भभाव और प्रेम की अवधारणा है। हरेले के त्योहार में भौतिकवादी चीज़ों की जगह मानवीय गुणों को वरीयता दी गई है। मानवीय गुण हमेशा इंसान के साथ रहते हैं जबकि भौतिकवादी चीज़ें नष्ट हो जाती हैं।

जहां आज प्रकृति और मानव को परस्पर विरोधी के तौर पर देखा जाता है वहीं, हरेले का त्योहार मानव को प्रकृति के साथ सामंजस्य बैठाने की सीख देता है। हरेला पर्व हरियाली और जीवन को बचाने का संदेश देता है। हरियाली बचने से जीवन भी बचा रहेगा। इस प्रकार यह पर्व प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन को खासा अहमियत देता है।

हरेला पारिवारिक एकजुटता का पर्व है। संयुक्त परिवार चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो उसमें हरेला एक ही जगह बोया जाता है। आसपड़ोस और रिश्तेदारों के साथ ही परिवार के हर सदस्य चाहे वह घर से कितना भी दूर क्यों न हो ‘हरेला’ भेजा जाता है। यह त्योहार संयुक्त परिवार की व्यवस्था पर जोर देता है। संपत्ति के बंटवारे और विभाजन के बाद ही एक घर में दो भाई अलग-अलग हरेला बो सकते हैं।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन

Recommended

शेयर मार्केट, अब नहीं रहेगा गुत्थी
Invertis university

शेयर मार्केट, अब नहीं रहेगा गुत्थी

समस्या कैसी भी हो, पाएं इसका अचूक समाधान प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से केवल 99 रुपये में
Astrology Services

समस्या कैसी भी हो, पाएं इसका अचूक समाधान प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्यों से केवल 99 रुपये में

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Blog

वन-डे और T-20 के बाद क्या अब खतरे में है आर अश्विन का टेस्ट करियर?

टेस्ट मैच के पहले दिन जब प्लेइंग 11 का एलान हुआ तब वही कॉमेंट्री कर रहे थे। आर अश्विन को प्लेइंग 11 से बाहर रखने के फैसले को उन्होंने ‘एस्टॉनिशिंग’ यानी बेहद हैरान करने वाला बताया।

24 अगस्त 2019

विज्ञापन

देशभर में जन्माष्टमी की धूम, वृंदावन के इस्कॉन मंदिर में लगी भक्तों की भीड़

पूरे भारत में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी बहुत ही हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया जा रहा है। वृंदावन के इस्कॉन मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा हुआ नजर आया।

25 अगस्त 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree