विज्ञापन
विज्ञापन

जब खय्याम की धुनें सुनकर आशा भोंसले ने 8 दिनों के लिए टाल दी थी रिकॉर्डिंग

आसिफ़ इक़बालAsif Iqbal Updated Tue, 20 Aug 2019 06:15 PM IST
हरदिल अज़ीज़ संगीतकार ख़य्याम साहब आज दुनिया से रुख़सत हो गए। 
हरदिल अज़ीज़ संगीतकार ख़य्याम साहब आज दुनिया से रुख़सत हो गए।  - फोटो : social media
ख़बर सुनें
चाहे 'ऐ दिले नादां' हो या 'कभी-कभी मेरे दिल में ख़्याल आता है' या फिर 'दिल चीज़ क्या है आप मेरी जान लीजिए'....दिल को छूने वाले इन नग़मों को सजाने वाला भले ही आज हमसे दूर चला गया हो पर उसके सुर हमारे दिलों को ता-ज़िंदगी धड़काते रहेंगे, अहसासों को ज़िंदा करते रहेंगे और मोहब्बत में पाकीज़गी भरते रहेंगे। हरदिल अज़ीज़ संगीतकार ख़य्याम साहब आज दुनिया से रुख़सत हो गए। 
विज्ञापन
शास्त्रीय संगीत में उनका कोई सानी नहीं था। 92 साल की ज़िंदगी लेकर आया ये फ़नकार मौसिकी की दुनिया में अपने सुरों की ख़ुशबू हमेशा-हमेशा के लिए बिखेर गया। ख़य्याम साहब ने कभी भी बेहतरीन संगीत से समझौता नहीं किया और हमेशा उसे मज़हब की तरह पूजा।

और क्या-क्या बताएं आपको इनके बारे में...करोगे याद तो उनकी हर बात याद आएगी।

आइए उनकी 92 साल की ज़िंदगी पर रौशनी डालते हैं....18 फ़रवरी, 1927 को पंजाब के जालंधर में जन्मे ख़य्याम के बचपन का नाम सआदत हुसैन था। केएल सहगल की फिल्मों से प्रभावित छोटे ख़य्याम उनकी तरह अभिनेता और गायक बनना चाहते थे। घर वाले उनके शौक़ के ख़िलाफ़ हुए तो जनाब ने घर छोड़ना ही बेहतर समझा और अपने चाचा के घर दिल्ली आ गए।

यहां उन्होंने पंडित अमरनाथ और पंडित हंसलाल भगतराम से संगीत की तालीम ली। चूंकि ख़य्याम का रुझान फ़िल्मों की तरफ़ था तो उनके गुरुजनों ने उन्हें सलाह दी कि वो लाहौर का रुख़ करें जहां सिनेमा के लिए संगीत तैयार किया जाता था।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन

Recommended

डिजिटल मीडिया में करियर की संभावनाओं पर नि:शुल्क काउंसलिंग का आयोजन
TAMS

डिजिटल मीडिया में करियर की संभावनाओं पर नि:शुल्क काउंसलिंग का आयोजन

घर बैठे इस पितृ पक्ष गया में पूरे विधि-विधान एवं संकल्प के साथ कराएं श्राद्ध पूजा, मिलेगी पितृ दोषों से मुक्ति
Astrology Services

घर बैठे इस पितृ पक्ष गया में पूरे विधि-विधान एवं संकल्प के साथ कराएं श्राद्ध पूजा, मिलेगी पितृ दोषों से मुक्ति

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Opinion

कश्मीर की लड़ाई जलालाबाद और काबुल में!

पाकिस्तान के दो अधूरे एजेंडे हैं-एक, कश्मीर को हथियाना और दूसरा, काबुल में कमजोर सरकार। पाकिस्तान के ये अधूरे एजेंडे एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, इसलिए भारत को कूटनीति का सहारा लेना होगा।

18 सितंबर 2019

विज्ञापन

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस की पत्नी ट्विटर पर हुईं ट्रोल, पीएम मोदी को बताया 'राष्ट्रपिता'

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की पत्नी ट्विटर पर जमकर ट्रोल हो रही हैं। अमृता फडणवीस ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री मोदी को उनके जन्मदिन की बधाई दी, लेकिन इस बधाई संदेश में उन्होने पीएम मोदी को राष्ट्रपिता बता दिया।

17 सितंबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree