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ट्रैक पर पड़ा रहा शव, पुलिस और जीआरपी उलझी रही 'हम-तुम' में

टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 05 May 2017 05:49 PM IST

सार

-सीमा विवाद में 40 मिनट खड़ी रही शताब्दी
- गुरुवार सुबह साइकिल सवार युवक की ट्रेन से कटकर हो गई थी मौत, शव रेलवे ट्रैक पर ही पड़ा रहा
- सूचना के बावजूद नहीं पहुंची जीआरपी, आरपीएफ के सिपाहियों ने खुद ही शव हटाया 
 
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रेलवे ट्रैक पर शव पड़ा होने के चलते काफी देर खड़ी रही ट्रेन
रेलवे ट्रैक पर शव पड़ा होने के चलते काफी देर खड़ी रही ट्रेन - फोटो : अमर उजाला, कानपुर
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विस्तार

उन्नाव के शुक्लागंज में घटी घटना ने मानवता को लज्जित करने का काम किया। रेलवे क्रासिंग पार कर रहे युवक की पैसेंजर ट्रेन से कटकर मौत हो गई और फिर शुरू हुआ खेल। जनता के रखवाले आपस में कुछ इस तरह उलझे की शव ट्रैक पर पड़ा सड़ता रहा। इसका खामियाजा शताब्दी एक्सप्रेस में बैठे लोगों को भुगतना पड़ा।
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गौरतलब है कि बुधवार को सुबह सरसैया क्रांसिग पर ट्रेन की चपेट में आने से एक अज्ञात की मौत हो गई। करीब 47 मिनट तक शव पटरी पर पड़ा। आस- पास के लोगों को अजीब सी बू आई तो इसकी जानकारी जीआरपी को दी। लेकिन अधिकारी ने अपना इलाका न लगने की बात कह पुलिस को सूचना देने की बात कहीं। पुलिस भी हीलाहवाली कर टाल मटोल करती रही। इस बीच शताब्दी को रोकना पड़ा। 


गंगाघाट थाना क्षेत्र के गांधीनगर के पास निषाद मार्केट निवासी मनोज कुमार श्रीवास्तव (50) पुत्र गोपीचंद्र सुबह साइकिल से सिलेंडर लेने जा रहा था। रेलवे क्रासिंग पार करते समय मनोज पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गया। शव डाउन लाइन के ओएचई पोल संख्या- 62/24 के बीच ट्रैक पर पड़ा रहा। सिलेंडर और क्षतिग्रस्त साइकिल काफी दूर जाकर गिरी। इस दौरान शताब्दी एक्सप्रेस सहजनी क्रासिंग पर पहुंची। ट्रैक पर शव देख कर सहायक चालक वीके वर्मा ने ट्रेन रोक दी और गेटमैन मुन्ना से शव हटवा कर लाइन क्लीयर करने को कहा।

गेटमैन ने टालमटोल कर दी। इस पर चालक ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। गेटमैन ने बताया कि उसने मामले की जानकारी स्टेशन अधीक्षक और जीआरपी को दी थी। दोपहर करीब 12.16 बजे गंगाघाट पुलिस पहुंची। पुलिस ने भी मामला जीआरपी का होने की बात कही। इधर, शताब्दी खड़े होेने की सूचना पर रेल विभाग में हड़कंप मच गया। कुछ देर बाद आरपीएफ  सिपाही धीरज और मुकेश मौके पर पहुंचेे। कीमैन बुद्धीलाल और पैट्रोलमैन बाबूलाल से शव हटाने को कहा। दोनोें खिसक लिए। बाद में आरपीएफ  के सिपाहियों ने खुद ही शव को हटाया। करीब 12.30 बजे शताब्दी लखनऊ रवाना हुई।

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