रिसर्च चोरी करना अब कानूनी अपराध

टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 06 Sep 2017 06:55 PM IST
Research Theft Now Legal Crime
डेमो पिक - फोटो : अमर उजाला
‌र‌िसर्च और थी‌स‌िस को कॉपी करना अब मंहगा पड़ेगा। अगर एेसा ‌क‌िया तो अपनी नौकरी गवांनी पड़ सकती है। यूजीसी ने इस पर अपना रुख साफ कर ‌द‌िया है। इस बौद्ध‌िक चोरी के ख‌िलाफ यूजीसी सख्त कदम उठाने जा रही है।

एमफिल और पीएचडी रिसर्च स्कॉलर्स यदि अपनी थीसिस या रिसर्च में किसी अन्य व्यक्ति द्वारा तैयार सामग्री का प्रयोग करते हैं तो उन्हें इसकी जानकारी देनी होगी। यदि कोई स्कॉलर साहित्यिक चोरी करता पकड़ा जाता है तो उसका रजिस्ट्रेशन तक रद्द हो सकता है। वहीं, यदि शिक्षक ऐसा करता पकड़ा गया तो उसके इंक्रीमेंट और प्रकाशन पर रोक लग सकती है। नियमों का बार-बार उल्लंघन करने पर शिक्षक की नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। यूजीसी ने साहित्यिक चोरी को कानूनी अपराध बनाने की तैयारी में हैं। यूजीसी ने विशेषज्ञों व छात्रों से 30 सितंबर तक इस पर उनकी राय मांगी है।

यूजीसी के सचिव पीके ठाकुर ने विश्वविद्यालयों समेत छात्रों के नाम पब्लिक नोटिस जारी किया है। इसमें कहा है कि रिसर्च व साहित्य चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। इस के चलते यूजीसी ने दूसरे के ज्ञान को अपना बताने के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए विशेषज्ञों की कमेटी बनाई थी। जिसकी सिफारिशों के आधार पर अब साहित्यिक चोरी रोकने के लिए रेग्यूलेशन 2017 तैयार किया गया है। इसके आधार पर रिसर्च स्कालर्स, शिक्षक या विशेषज्ञ अपनी राय भेज सकते हैं। कमेटी ने अपनी सिफारिश में लिखा है कि साहित्य, रिसर्च की चोरी पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी होगी।

बताना होगा किसकी सामग्री का इस्तेमाल किया.....
कमेटी की सिफारिश के तहत रिसर्च स्कॉलर्स यदि किसी अन्य के ज्ञान का प्रयोग करता है तो उसे अपनी थीसिस या रिसर्च में बताना होगा कि उसने जिस सामग्री का प्रयोग किया है, वह कहां से ली है। यदि कोई रिसर्च स्कॉलर्स दस फीसदी सामग्री की चोरी करता पकड़ा गया तो कोई जुर्माना नहीं लगेगा। 40 फीसदी कंटेंट चुराने वाले छात्र को कोई अंक नहीं दिया जाएगा। 60 फीसदी सामग्री चोरी का इस्तेमाल करने पर रजिस्ट्रेशन तक रोकने की सिफारिश की गई है।

... जा सकती है शिक्षक की नौकरी
यदि कोई शिक्षक 40 फीसदी तक साहित्यिक चोरी करता पकड़ा जाता है तो लिखित सामग्री को हटाने के साथ ही एक साल तक उसके प्रकाशन पर भी रोक लगेगी। 60 फीसदी से अधिक की चोरी करने पर लिखित सामग्री हटाने के साथ-साथ तीन साल तक प्रकाशन पर रोक लगाने की भी तैयारी है। वहीं, ऐसे शिक्षक को तीन साल तक के लिए अंडरग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, एमफिल और पीएचडी स्कॉलर्स का गाइड न बनाने की भी सिफारिश की गई है। यदि छात्र गलती करता है तो रजिस्ट्रेशन पर रोक लग जाएगी, जिससे उसकी डिग्री भी ब्लॉक होगी। वहीं, शिक्षक यदि गलती करता है कि उसे एक साल तक प्रकाशन पर रोक के साथ इंक्रीमेंट रुकेगा। वहीं, यदि बार-बार गलती की जाती है तो उसे नौकरी से निकालने का भी प्रावधान होगा।



 
 यूजीसी ने विशेषज्ञों और छात्रों से 30 सितंबर तक मांगे सुझाव
- रिसर्च स्कॉलर का रजिस्ट्रेशन होगा रद्द, शिक्षक का इंक्रीमेंट रुकेगा

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