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मानदेय भुगतान के बाद ही मिलेगी पगार

अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 13 Sep 2018 12:41 AM IST
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demonatration - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिला चिकित्सालय में तैनात एनजीओ कर्मियों को मानदेय न  मिलने के मसले में जिलाधिकारी ने सीएमएस को जमकर फटकार लगाई। डीएम ने जिला चिकित्सालय के अधीक्षक को दो टूक कहा कि जब तक कर्मचारियों को उनका मानदेय नहीं मिलता, तब तक सदर अस्पताल में किसी को वेतन नहीं मिलेगा। जिला चिकित्सालय के सभी अधिकारियाें का तब तक वेतन रुका रहेगा, जब तक एनजीओ कर्मियों को उनका मानदेय नहीं मिल जाता।
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संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग कर्मचारी संघ की ओर से स्टाफ नर्स, मल्टी टास्क वर्करों ने जिलाध्यक्ष दीप बहादुर सिंह के नेतृत्व में डीएम से मुलाकात की। आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से जिला चिकित्सालय में 36 कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। हालांकि यह मुलाकात पहली नहीं थी। बार-बार एक ही समस्या को लेकर आ रहे कर्मियों के मानदेय के विषय में डीएम ने सीएमएस डॉ. प्रभाकर से बात की। उन्होंने मानदेय दिलाने की सुस्त प्रक्रिया पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी का वेतन रोकने के आदेश दिए। जिले स्तर से समस्या हल ना होता देख डीएम ने तत्काल प्रमुख सचिव से बात की और उन्हें कर्मियों के मानदेय की समस्या से अवगत कराया। मानदेय ना मिलने के कारण यह सभी कर्मचारी हड़ताल पर चल रहे थे। डीएम की कार्रवाई और आश्वासन पर कर्मचारियों ने बुधवार को अपनी हड़ताल भी समाप्त कर दी। ज्ञापन देने वालों में जिला महामंत्री अनुज सिंह, प्रेमा देवी, स्नेहलता, नीतू, अमिता, श्वेता, देवेंद्र कुमार, अमिता सिंह, सिंपी, कमलेश कुमारी, हिमांशी सिंह, अमित सिंह, ममता मौर्या, रचना, अजय कुमार, उदित कुमार, सत्यम श्रीवास्तव,  प्रमोद कुमार, राम प्रकाश, धर्मेंद्र सिंह, मशरूर, राम मिलन, विभा मौर्या, प्रिया पटेल आदि रहे।

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