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डॉ. देशवाल की उपलब्धियां युवाओं के लिए प्रेरणादायक : डीसी
04jjrp03- पद्म श्री से सम्मानित डॉ संत राम देशवाल का अभिवादन करते हुए डीसी व अन्य अधिकारी। स्र
झज्जर। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने बुधवार को लघु सचिवालय में भारत सरकार की ओर से पद्मश्री से सम्मानित प्रख्यात साहित्यकार, पत्रकार, शोधकर्ता डॉ. संत राम देशवाल का स्वागत किया।
नगर परिषद चेयरमैन जिले सिंह सैनी, डीसीपी जसलीन कौर, एडीसी जगनिवास, सीटीएम रविंद्र मलिक सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। डीसी ने कहा कि यह जिले के लिए गर्व का विषय है कि मूल रूप से जिले के गांव खेड़का गुज्जर से ताल्लुक रखने वाले डॉ. देशवाल को उनकी सामाजिक क्षेत्र की बड़ी उपलब्धियों पर देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि डॉ. देशवाल ने हिंदी और हरियाणवी साहित्य को न केवल समृद्ध किया है बल्कि पत्रकारिता, अनुसंधान, लोक संस्कृति और सामाजिक सरोकारों में भी अनुकरणीय योगदान दिया है। एक सामान्य किसान परिवार से निकलकर उन्होंने जो ऊंचाइयां प्राप्त की हैं, वह आज के युवाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है।
हरियाणवी संस्कृति हर दृष्टि से समृद्ध : डॉ. देशवाल
पद्म सम्मान जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिए जा रहे हैं जो सचमुच धरातल पर समाज की बेहतरी के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे हैं। यह सरकार का ऐसा सराहनीय कदम है, जो जमीनी स्तर पर बदलाव की एक नई ऊर्जा और उम्मीद भरने का कार्य कर रहा है। हरियाणा की लोक संस्कृति, परंपराएं, बोली, गीत, लोकनाट्य और जीवन मूल्य न केवल विविधता से परिपूर्ण हैं, बल्कि इनमें सामाजिक एकता, आत्मसम्मान और नैतिकता की गहरी जड़े हैं।
नगर परिषद चेयरमैन जिले सिंह सैनी, डीसीपी जसलीन कौर, एडीसी जगनिवास, सीटीएम रविंद्र मलिक सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। डीसी ने कहा कि यह जिले के लिए गर्व का विषय है कि मूल रूप से जिले के गांव खेड़का गुज्जर से ताल्लुक रखने वाले डॉ. देशवाल को उनकी सामाजिक क्षेत्र की बड़ी उपलब्धियों पर देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि डॉ. देशवाल ने हिंदी और हरियाणवी साहित्य को न केवल समृद्ध किया है बल्कि पत्रकारिता, अनुसंधान, लोक संस्कृति और सामाजिक सरोकारों में भी अनुकरणीय योगदान दिया है। एक सामान्य किसान परिवार से निकलकर उन्होंने जो ऊंचाइयां प्राप्त की हैं, वह आज के युवाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है।
हरियाणवी संस्कृति हर दृष्टि से समृद्ध : डॉ. देशवाल
पद्म सम्मान जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिए जा रहे हैं जो सचमुच धरातल पर समाज की बेहतरी के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे हैं। यह सरकार का ऐसा सराहनीय कदम है, जो जमीनी स्तर पर बदलाव की एक नई ऊर्जा और उम्मीद भरने का कार्य कर रहा है। हरियाणा की लोक संस्कृति, परंपराएं, बोली, गीत, लोकनाट्य और जीवन मूल्य न केवल विविधता से परिपूर्ण हैं, बल्कि इनमें सामाजिक एकता, आत्मसम्मान और नैतिकता की गहरी जड़े हैं।
झज्जर। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने बुधवार को लघु सचिवालय में भारत सरकार की ओर से पद्मश्री से सम्मानित प्रख्यात साहित्यकार, पत्रकार, शोधकर्ता डॉ. संत राम देशवाल का स्वागत किया।
नगर परिषद चेयरमैन जिले सिंह सैनी, डीसीपी जसलीन कौर, एडीसी जगनिवास, सीटीएम रविंद्र मलिक सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। डीसी ने कहा कि यह जिले के लिए गर्व का विषय है कि मूल रूप से जिले के गांव खेड़का गुज्जर से ताल्लुक रखने वाले डॉ. देशवाल को उनकी सामाजिक क्षेत्र की बड़ी उपलब्धियों पर देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि डॉ. देशवाल ने हिंदी और हरियाणवी साहित्य को न केवल समृद्ध किया है बल्कि पत्रकारिता, अनुसंधान, लोक संस्कृति और सामाजिक सरोकारों में भी अनुकरणीय योगदान दिया है। एक सामान्य किसान परिवार से निकलकर उन्होंने जो ऊंचाइयां प्राप्त की हैं, वह आज के युवाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है।
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हरियाणवी संस्कृति हर दृष्टि से समृद्ध : डॉ. देशवाल
पद्म सम्मान जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिए जा रहे हैं जो सचमुच धरातल पर समाज की बेहतरी के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे हैं। यह सरकार का ऐसा सराहनीय कदम है, जो जमीनी स्तर पर बदलाव की एक नई ऊर्जा और उम्मीद भरने का कार्य कर रहा है। हरियाणा की लोक संस्कृति, परंपराएं, बोली, गीत, लोकनाट्य और जीवन मूल्य न केवल विविधता से परिपूर्ण हैं, बल्कि इनमें सामाजिक एकता, आत्मसम्मान और नैतिकता की गहरी जड़े हैं।
नगर परिषद चेयरमैन जिले सिंह सैनी, डीसीपी जसलीन कौर, एडीसी जगनिवास, सीटीएम रविंद्र मलिक सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। डीसी ने कहा कि यह जिले के लिए गर्व का विषय है कि मूल रूप से जिले के गांव खेड़का गुज्जर से ताल्लुक रखने वाले डॉ. देशवाल को उनकी सामाजिक क्षेत्र की बड़ी उपलब्धियों पर देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि डॉ. देशवाल ने हिंदी और हरियाणवी साहित्य को न केवल समृद्ध किया है बल्कि पत्रकारिता, अनुसंधान, लोक संस्कृति और सामाजिक सरोकारों में भी अनुकरणीय योगदान दिया है। एक सामान्य किसान परिवार से निकलकर उन्होंने जो ऊंचाइयां प्राप्त की हैं, वह आज के युवाओं के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है।
हरियाणवी संस्कृति हर दृष्टि से समृद्ध : डॉ. देशवाल
पद्म सम्मान जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिए जा रहे हैं जो सचमुच धरातल पर समाज की बेहतरी के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे हैं। यह सरकार का ऐसा सराहनीय कदम है, जो जमीनी स्तर पर बदलाव की एक नई ऊर्जा और उम्मीद भरने का कार्य कर रहा है। हरियाणा की लोक संस्कृति, परंपराएं, बोली, गीत, लोकनाट्य और जीवन मूल्य न केवल विविधता से परिपूर्ण हैं, बल्कि इनमें सामाजिक एकता, आत्मसम्मान और नैतिकता की गहरी जड़े हैं।