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पीजीआई से मिली प्रो. राजबहादुर को हरी झंडी

Chandigarh Updated Sun, 20 May 2012 12:00 PM IST
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चंडीगढ़। पीजीआई की गवर्निंग बॉडी ने प्रो. राज बहादुर को तब तक वापस न बुलाने को मंजूरी दे दी है, जब तक जीएमसीएच में नया डायरेक्टर प्रिंसिपल न आ जाए। ऐसे में प्रो. राज 31 मई के बाद भी जीएमसीएच में अपनी सेवाएं दे सकेंगे। हालांकि उनके जीएमसीएच में बने रहने का अंतिम फैसला यूटी प्रशासन का है। वैसे यूटी प्रशासन ने पहले से ही फैसला किया है कि जब तक नया डीपी नहीं आएगा तब तक प्रो. राज यहां बने रहेंगे।
‘अमर उजाला’ ने शनिवार को ही प्रो. राज बहादुर के जीएमसीएच में बने रहने की खबर प्रकाशित की थी। इस पर पीजीआई की गवर्निंग बॉडी के फैसले ने पुख्ता मुहर लगा दी है कि प्रो. राज बहादुर अपने सेवा विस्तार का कार्यकाल पूरा करने के बाद भी रुक सकेंगे। उनका सेवा विस्तार 31 मई को समाप्त हो रहा है। प्रो. राज बहादुर के कार्यकाल और बार-बार मिल रहे सेवा विस्तार को लेकर पीजीआई की गवर्निंग बॉडी में एजेंडा रखा गया था। सूत्रोें के मुताबिक गवर्निंग बॉडी में इस एजेंडे को पास कर दिया गया है। इसके मुताबिक प्रो. राज बहादुर जीएमसीएच में नए डायरेक्टर प्रिंसिपल के आने तक अपनी सेवाएं देते रहेंगे। इस बारे में प्रो. राज बहादुर का कहना है कि उनको जो निर्देश होगा, वह उसके मुताबिक ही अपनी सेवाएं देंगे।

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