सरकारी अस्पतालों में इलाज होगा आसान

Chandigarh Published by: Updated Tue, 09 Jul 2013 05:31 AM IST
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चंडीगढ़। इस वित्तीय वर्ष में शहर के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को कई सुविधाएं मिलने जा रही हैं। जहां 100 से ज्यादा डाक्टरों और विशेषज्ञों की नियुक्तियाें को मंजूरी मिल चुकी है, वहीं अस्पतालों के लेबर रूम और नवजात शिशुओं (नियो नेटल) के वार्ड में वेंटिलेटर लगेंगे। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में नवजात शिशुओं की सर्जरी के लिए अलग से वार्ड बनाने का भी प्रस्ताव भेजा गया है। यह कदम लेबर रूम में वेंटिलेटर के न होने से एक गर्भवती की मौत के बाद उठाया गया है। डाक्टरों का कहना है कि लेबर रूम में कई बार ऐसी स्थिति आ जाती है, जबकि मरीज को दूसरे अस्पतालों में लेकर नहीं जाया जा सकता है। ऐसी स्थिति में वेंटिलेटर का लाभ मिलेगा।
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चार अस्पतालों में लगेंगे सात करोड़ से 12 वेंटिलेटर
चंडीगढ़ प्रशासन के स्वास्थ्य विभाग द्वारा भेजे गए इस प्रस्ताव को प्लानिंग कमीशन ने हरी झंडी दे दी है। शहर के सरकारी अस्पतालों के लिए वेंटिलेटर जल्द उपलब्ध करवा दिए जाएंगे। छह वेंटिलेटर सरकारी अस्पतालों के लेबर रूम में लगाए जाएंगे और छह वेंटिलेटर नियो नेटल वार्ड मेें होंगे। चंडीगढ़ के गृह सचिव अनिल कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि जीएमसीएच-32, सेक्टर-16 के गवर्नमेंट मल्टी स्पेशिएलिटी हास्पिटल, सेक्टर-22 के साथ ही मनीमाजरा और सेक्टर-45 में बनाए जाने वाले नए अस्पताल में इन वेंटिलेटर को लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वेंटिलेटर का प्रोजेक्ट सात करोड़ रुपये का है।

पीजीआई में नवजात की सर्जरी के लिए लंबी वेटिंग
चंडीगढ़ परिवार कल्याण विभाग की डा. सोमा ने कहा कि पीजीआई में नवजात शिशुओं की सर्जरी होती है, जिसमें कम से कम छह महीने तक वेटिंग चलती है। यहां अन्य कोई इंतजाम नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने सर्जरी कराने की सुविधा मुहैया करवाने के लिए प्रस्ताव भेजा है।
सरकारी अस्पतालों को जल्द मिलेंगे डाक्टरों
चंडीगढ़ के अस्पतालों से डाक्टरों की कमी जल्द दूर हो जाएगी। यही नहीं, सरकारी अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डाक्टर भी मिलेंगे, जिससे पीजीआई पर बोझ कम होगा और मरीजों को जल्द इलाज मिलेगा। मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए शहर की डिसपेंसरी और अन्य अस्पतालों के लिए 78 मेडिकल अफसर, 118 नर्स और 43 स्पेशलाइज्ड डाक्टर के पद मंजूर हुए हैं।
चंडीगढ़ प्रशासन को मिले तीन अवार्ड
चंडीगढ़ प्रशासन को पब्लिक हेल्थ केयर में नवाचार के साथ बेस्ट प्रेक्टिस के लिए तीन अवार्ड प्रदान किए गए हैं। यह अवार्ड एसकेआईसीसी श्रीनगर में तीन से पांच जुलाई 2013 तक आयोजित नेशनल सिमट में प्रदान किए गए। यूटी को इंडोर पेशेंट केयर, आउटडोर पेशेंट केयर के साथ शिक्षु मृत्यु दर और नवजात शिशु मृत्यु दर में आई कमी को देखते हुए अवार्ड मिले हैं।

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