पानीपत का छोरा टेनिस कोर्ट में चमका

Chandigarh Updated Sat, 04 May 2013 05:30 AM IST
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चंडीगढ़। पानीपत के गांव की मिट्टी में पले-बढ़े और चंडीगढ़ लॉन टेनिस एकेडमी में खेल की बारीकियां सीखने वाले विजयंत मलिक ने शुक्रवार को सभी खेल प्रेमियों का दिल जीत लिया। उन्होंने आईटीएफ मैंस फ्यूचर 15000 यूएस डालर टेनिस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने में कामयाबी हासिल की। वीरवार को उन्होंने आईटीएफ में टॉप वरीयता प्राप्त युकी भांबरी को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था और शुक्रवार को उन्होंने रंजीत विराली को कड़े मुकाबले में शिकस्त दी।
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गांव के सरकारी स्कूल के कोर्ट से शुरुआत
पानीपत थर्मल कालोनी निवासी विजयंत ने बताया कि उनकी मां केला पति थर्मल कालोनी के ही सरकारी स्कूल में डीपीआई हैं और उनके पिता रणबीर सिंह मलिक थर्मल से आपरेटर रिटायर हुए हैं। वे छठीं कक्षा तक पानीपत के सेंट मेरी कान्वेंट स्कूल में पढ़े हैं। इस दौरान वे अपनी मां के स्कूल में बने कोर्ट में ही प्रैक्टिस करते थे। इसके बाद वे सीएलटीए चंडीगढ़ में चार्ट ट्रेनी आ गए। इस दौरान उन्होंने डीएवी स्कूल से अपनी ग्रेजुएशन पूरी की। सीएलटीए से सीखी गई खेल की बारीकियाें ने ही उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। शुक्रवार को सेमीफाइनल में जीत के बाद उन्होंने सबसे पहले फोन पर अपनी मां का आशीर्वाद लिया।

विष्णुवर्धन ने मैच बीच में छोड़ा
इस 23 वर्षीय टेनिस स्टार ने कम समय में ही कामयाबी की सीढ़ियों की ओर अपने कदम बढ़ा दिए हैं। शुक्रवार को सेक्टर 10 स्थित सीएलटीए में पहला सेमीफाइनल मुकाबला विजयंत मलिक और रंजीत विराली के बीच खेला गया। विजयंत ने यह मुकाबला एक घंटा 56 मिनट में 6-3, 1-6 और 7-6 से जीता। दूसरे सिंगल सेमीफाइनल में विष्णुवर्धन और साकेत मेयनी के बीच खेला जा रहा था। पहला सेट साकेत 6-2 से जीत चुके थे, लेकिन इसके कुछ देर बाद विष्णुवर्धन के शरीर की मांसपेशियाें में खिंचाव आने से उन्हें मैच से हटना पड़ा। इस तरह साकेत मेयनी फाइनल में पहुंच गए और फाइनल में वह शनिवार को विजयंत मलिक से भिड़ेंगे।
डबल में बालाजी और विराली ने जीता खिताब
डबल के फाइनल मुकाबले में टूर्नामेंट में दूसरी वरीयता प्राप्त एन. श्रीराम बालाजी और रंजीत विराली की जोड़ी ने पहली वरीयता प्राप्त विष्णुवर्धन और अरुण प्रकाश की जोड़ी को 6-3, 6-4 से हराकर खिताब पर कब्जा जमाया। यह मुकाबला 56 मिनट चला। मैच के बाद एन श्रीराम बालाजी ने कहा कि उन्हाेंने पूरे मैच के दौरान आक्रामक शैली अपनाई। खासकर अरुण प्रकाश को सर्विस तोड़ने का कोई मौका नहीं दिया। अब वे अगले सप्ताह रोहतक में होने वाले मैंस फ्यृूचर टूर्नामेंट में खेलेंगे।

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