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सदन में विपक्ष ने मुंह पर बांधी पट्टियां

Chandigarh Updated Tue, 26 Mar 2013 05:32 AM IST
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चंडीगढ़। जब भाजपा-अकाली पार्षदों की मांग पर हाउस टैक्स का प्रस्ताव खारिज नहीं किया गया तो उन्होंने मुंह पर काली पट्टियां बांधकर और काले बैनर पकड़कर रोष प्रकट किया। भाजपा-अकाली पार्षदों का आरोप है कि उन्हें हर मामले में बोलने का उचित समय नहीं दिया जाता है और उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जाता है। सोमवार को सदन की बैठक में ऐसा पहली बार हुआ जब भाजपा अकाली पार्षद दो घंटे तक मौन रहे और कांग्रेस मनोनीत पार्षदों के बहुमत से प्रस्ताव पास करते जा रहे थे। यह सारा नजारा रेल मंत्री एवं शहर के सांसद रेल मंत्री पवन बंसल के सामने हुआ। भाजपा के इस रोष के कारण पवन बंसल किसी चर्चा में भी भाग नहीं ले पाए और वे करीब आधा घंटा व्यतीत करते हुए वापस लौट गए।
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भाजपा अकाली पार्षदों को रोष प्रकट करने का नुकसान भी झेलना पड़ा क्योंकि सदन में उनके वार्ड का एक भी विकास का प्रस्ताव पास नहीं हुआ। भाजपा अकाली पार्षदों का आरोप है कि मेयर उन्हें बोलने के लिए समय नहीं देते है और उनकी हर आवाज को दबा देते है। शुरुआत की सदन की बैठक के एक घंटे तक भाजपा अकाली पार्षदों ने मिनिट्स पास के समय चर्चा में भाग लिया। उधर अकाली पार्षद हरजिंदर कौर और भाजपा पार्षद सतिंदर सिंह सदन की बैठक समाप्त होने से पहले ही अपने साथियों का साथ छोड़कर वापस चले गए।
मोदगिल और सतीश में तनातनी
मुंह में पट्टियां बांधने से पहले भाजपा पार्षद देवेश मोदगिल और डिप्टी मेयर सतीश कैंथ के बीच खूब तनातनी हुई। उन्होंने एक दूसरे को अपशब्द भी कहे।
क्या लिखा था बैनरों में
बैनरों में हाउस टैक्स, कंजेशन टैक्स, पेड पार्किंग का रेट बढ़ाने का प्रस्ताव और बिजली और पानी के बढ़े हुए रेट वापस लेने की मांग की गई थी। साथ ही राष्ट्रगान का अपमान न किया जाए। भाजपा पार्षदों का आरोप है कि जब भी मेयर को बैठक समाप्त करवानी होती है वे राष्ट्रगान शुरू करवा देते हैं। एक बैनर में यह भी लिखा था कि मेयर झूठ बोलना बंद करें।
मकान गिर सकते हैं
मनीमाजरा के पार्षद गुरचरण दास काला ने मेयर सहित कमिश्नर को चेतावनी देते हुए कहा कि उनके यहां पर कई जगह बेसमेंट का निर्माण हो रहा है, कई का निर्माण हो चुका है। इस कारण यहां कई इमारतें गिर सकती हैं। कमिश्नर ने अतिरिक्त कमिश्नर को कार्रवाई करने का आदेश दिया।
कोट्स
भाजपा-अकाली पार्षद सदन को लोकसभा समझते हैं जबकि सदन की बैठक सिर्फ एक दिन के लिए होती है। भाजपा अकाली पार्षदों को कांग्रेस पार्षदों से भी ज्यादा समय बोलने के लिए दिया जाता है लेकिन उनका काम सिर्फ हंगामा करके विकास कार्यों में अड़चन डालना है और वे यह काम अच्छी तरह से कर रहे हैं।
-सुभाष चावला, मेयर, नगर निगम।
पिछली बार भी उन्हें बजट पर बोलने से मना किया गया। सोमवार को सदन की बैठक में जब हाउस टैक्स और अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए समय मांगा गया तो मेयर ने विपक्षी पार्षदों को रोका।
-अरुण सूद, विपक्ष के नेता।
मेयर की ओर से विपक्षी पार्षदों को चर्चा के लिए समय नहीं दिया जाता है। जब तक चर्चा नहीं होगी तब तक अच्छे परिणाम नहीं निकलेंगे।
-देवेश मोदगिल, पार्षद भाजपा।
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