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पॉश होटल के कमरे से 18 लाख की चोरी

Chandigarh Updated Tue, 12 Feb 2013 05:31 AM IST
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चंडीगढ़। पहले एनआरआई दंपति के सामान (बैग आदि) की स्कैनिंग कर कीमती डायमंड और गोल्ड ज्वेलरी का पता लगाया, फिर बड़ी होशियारी से पॉश होटल के कमरे को डुप्लीकेट कार्ड (चाबी) की मदद से खोलकर एनआरआई दंपति को 18 लाख की चपत लगा दी। फिल्मी स्टाइल से यह सनसनीखेज चोरी की वारदात सेक्टर-17 के फाइव स्टार होटल पार्क प्लाजा के कमरा नंबर-317 में सोमवार को हुई।
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पुलिस को दी जानकारी में एनआरआई डॉक्टर दंपति ने बताया कि सोमवार सुबह उनके कमरे में चोरी उस वक्त हुई जब वे ब्रेकफास्ट कर रहे थे। चोर ने डायमंड ज्वेलरी, कनेडियन डॉलर और करीब 35 हजार रुपये कैश उड़ा लिए हैं।

डाक्टर दंपति ने आरोप लगाया कि चोरी की जब होटल प्रबंधन को सूचना दी गई तो रिकवरी और नुकसान की भरपाई के झूठे आश्वासन दिए गए। शाम करीब 7 बजे जब होटल प्रबंधन ने कुछ भी करने से मना कर दिया तो दंपति ने पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर डीएसपी सेंट्रल आशाीष कपूर, सेक्टर-17 थाना के एसएचओ रामगोपाल पहुंच गए और होटल पार्क प्लाजा के कमरों की छानबीन की। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट्स ने मौके से जरूरी सबूत जुटाए। बाद में क्राइम ब्रांच के डीएसपी सतबीर सिंह ने भी मौके पर जाकर छानबीन शुरू कर दी। माना जा रहा है कि डुप्लिकेट कार्ड (चाबी) की मदद से चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। दंपति का आरोप है कि यह चोरी नहीं लास वेगास के कैसिनों में होने वाली डकैती की तर्ज पर की गई वारदात है।होटल के जीएम गगनदीप ने कहा कि इस घटना की पुलिस जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि दंपति की शिकायत के बाद से होटल कर्मियों की ओर से सभी मामलों की जांच की जा रही है, लेकिन अभी इसका पता नहीं चल सका है।
कनाडा में रह रहे कार्डियोलॉजिस्ट डा. मोहित सिंगला और गायनकोलॉजिस्ट डा. आशिमा रविवार से होटल के कमरा नंबर-317 में ठहरे हुए थे। डा. मोहित को 15 फरवरी को लुधियाना में एक कांफ्रेंस में शामिल होना था। इसके लिए 3 फरवरी को कनाडा से भारत आए थे। सोमवार सुबह उन्हें अपने पैरेंट्स से मिलने के लिए जगरांव जाना था। इसी बीच 10.30 और 10.45 बजे के बीच उन्हें होटल स्टाफ की तरफ से कई बार ब्रेकफास्ट के लिए बुलाया गया। डा. मोहित ने बताया कि देरी नहीं हो जाए, इस वजह से ब्रेकफास्ट के लिए जाने से कतरा रहे थे। लेकिन, बार-बार रिक्वेस्ट आने के बाद दोनों करीब पौने ग्यारह बजे ब्रेकफास्ट के लिए ग्राउंड फ्लोर पर चले गए। जगरांव जाने की जलदी में बहुत जल्द लौटे और जब डा. आशिमा पहनने के लिए ज्वेलरी की तलाश करने लगीं तो उनकी ट्रॉली और ब्रीफकेस में रखा एक डायमंड नेकलेस, एक गोल्डन नेकलेस और अन्य ज्वेलरी सहित चार हजार कनेडियन डॉलर और करीब 35 हजार रुपये गायब मिले। दंपति ने अपने परिजनों को तुरंत इस घटना की जानकारी दी तो उन्होंने होटल में रुकने को कहा और शाम तक उनके परिजन पहुंच गए। इस मामले की होटल प्रबंधन को सूचना दी गई तो उन्होंने गलती मानते हुए कहा कि नुकसान की भरपाई कर देंगे। लेकिन, शाम तक इंतजार के बाद भी उन्हें कुछ नहीं मिला तो पुलिस को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने सेक्टर-17 थाने में मामला दर्ज कर, इसकी छानबीन शुरू कर दी है।
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किसे दी गई डुप्लिकेट चाबी
डा. आशिमां ने बताया कि जैसे ही ब्रेकफास्ट के बाद लिफ्ट से निकलकर अपने कमरे की ओर बढ़ने लगीं तो वहां मौजूद एक कर्मी वहां रुक गया। जब अपने पास के कार्ड की मदद से कमरे को खोलने की कोशिश करने लगीं तो यह नहीं खुला। मौके पर मौजूद कर्मी ने मदद करने की बात कही और मास्टर-की निकालकर कमरे को खोल दिया। कमरा खुलने के बाद जल्दबाजी में आशिमां और मोहित तैयार होने लगे। दंपति ने आरोप लगाया कि डुप्लिकेट चाबी की मदद से किसी ने कमरे को खोला था और इस कारण ही उनकी चाबी से यह नहीं खुला।
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डिलीट कर दी सीसीटी कैमरे की रिकॉर्डिंग
डॉक्टर दंपति ने बताया कि करीब सुबह करीब 11 बजे से 12 बजे के बीच थर्ड फ्लोर के सभी सीसीटी कैमरे बंद कर दिए गए थे या इसकी रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी गई। होटल प्रबंधन को जैसे ही लाखों की चोरी की भनक मिली, उन्होंने आनन फानन में मामले को दबाने की कोशिश शुरू कर दी। पहले कीमती सामान के नुकसान की भरपाई का आश्वासन दिया। बाद में यह कहा कि बैंक में कर्मी को भेजा गया है और सभी रुपये लौटा दिए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने सीसीटी फुटेज और वॉयस रिकॉर्डिंग सुनाने की भी दलील दी। लेकिन, बाद में बताया कि इस फ्लोर के सभी कैमरे बंद थे।
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साजिश के तहत की गई चोरी
मोहित और आशिमा के रिश्तेदार जतिन्दर गुप्ता ने कहा कि चोरी की यह घटना साजिश है। प्रबंधन की ओर से पूरे दिन दंपति को नुकसान की भरपाई के नाम पर गुमराह किया गया। फाइव स्टार होटल में डुप्लिकेट की (कार्ड) क्यों बनाया गया। ब्रेकफास्ट के नाम पर बार-बार बुलाने के पीछे चोरी की पूरी साजिश थी। इस मामले में दोषी पर सख्त कार्रवाई और होटल प्रबंधन की भूमिका की भी छानबीन की जानी चाहिए।
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स्कैनिंग के जरिये कीमती सामान की मिली जानकारी
लगेज की स्कैनिंग के दौरान इसमें रखे गए कीमती सामान और ज्वेलरी का चोर को अंदाजा मिला। आखिरकार, किसी के हाथ में डुप्लिकेट की क्यों दी गई, इसकी पुलिस छानबीन कर रही है। चोरी किए गए सामान मेटेलिक थे और पुलिस भी मान रही है कि इसी की मदद से चोरी की योजना तैयार की गई।
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चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर-17 थाने में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
आशीष कपूर, डीएसपी सेंट्रल
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पुलिस ने मौके से जरूरी सबूत जुटाए हैँ और जल्द ही मामले का खुलासा हो जाएगा।
सतबीर सिंह, डीएसपी क्राइम

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