बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

कुरुक्षेत्र में बम ब्लास्ट के आरोपी को दबोचा

Chandigarh Updated Sun, 10 Feb 2013 05:31 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
चंडीगढ़। शाहबाद मारकंडा में हरियाणा रोडवेज की बस में 27 साल पहले हुए ट्रांजिस्टर बम धमाके के मास्टर माइंड बताए जाए रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग संतोख सिंह बाजवा को चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया, जहां से उसे पूछताछ के लिए 16 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर ले लिया गया है। पुलिस के मुताबिक विस्फोट के बाद आरोपी ने अपना नाम बदलकर बलवंत सिंह रख लिया था। इसी नाम पर उसने ड्राइविंग लाइसेंस, प्रेस आई कार्ड बनवा लिए और देश के अलग-अलग शहरों में रहकर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देता रहा। आरोपी से पुलिस ने एक 0.30 बोर की पिस्टल, 12 बोर की राइफल, 19 जिंदा कारतूस के अलावा लैपटॉप, हैंडी कैम और डीवीडी भी बरामद की है। एसएसपी नौनिहाल सिंह ने बताया कि दोनों हथियार अवैध हैं। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने शाहाबाद मारकंडा ब्लास्ट में खुद के शामिल होने की बात कबूल कर ली है।


नेटवर्क के बारे में होगी पूछताछ
पुलिस ने शुक्रवार रात गुप्त सूचना के आधार पर दिल्ली नंबर की कार को सेक्टर-37/38 की डिवाइडिंग रोड पर नाके लगाकर जांचा। इस दौरान संतोष सिंह बाजवा को पकड़ा गया और पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी के नेटवर्क के बारे में पूछताछ करेगी।

बाजवा को किया था भगौड़ा घोषित
1985 मेें हरियाणा रोडवेज की बस में कुरुक्षेत्र के शाहबाद मारकंडा में ट्रांजिस्टर बम से ब्लास्ट हुआ था। इस हादसे में दो बस यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि 15 घायल हो गए थे। पुलिस ने इस मामले में 10 मई, 1985 को संतोख सिंह बाजवा और उसके तीन साथियों गुरबख्श सिंह, कुलदीप सिंह और प्रीतम सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। बाजवा के अलावा चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन बाजवा फरार होने में कामयाब रहा। बाद में 24 सितंबर, 1985 को संतोख सिंह बाजवा को भगौड़ा घोषित कर दिया गया।

नाम के साथ बदल रहा था ठिकाने
पुलिस के मुताबिक आरोपी संतोख सिंह 27 वर्षों से बलवंत सिंह के नाम से देश के विभिन्न शहरों में रह रहा था। इस दौरान कथित आतंकी ने नाम बदलकर फरीदकोट (पंजाब) से आई कार्ड बनवाए। इसके बाद वह पिछले कुछ वर्षों से हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब के शिलाई में रह रहा था। हिमाचल और पंजाब में वह फ्रीलांस पत्रकार के तौर पर काम कर रहा था।

आरोपी के कई रूप : खिलाड़ी, एएसआई, पत्रकार और भगौड़ा
आरोपी संतोख सिंह बाजवा मूल रूप से हरियाणा के अंबाला जिले के मुलाना के पास अधोई गांव का निवासी है। उसने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से राजनीति शास्त्र में एमए की पढ़ाई की थी। उसने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर रिले दौड़ स्पर्धा में आठ गोल्ड मेडल जीते थे। 1963 में बाजवा पंजाब पुलिस में बतौर एएसआई तैनात रहा। इसके बाद वह 1968 में कनाडा चला गया। कनाडा में दो साल तक एक अग्रणी मेडिसिन कंपनी में काम करने के बाद 1970 में देश लौट आया। इसके बाद उसने ‘कृति युग’ नामक पत्रिका की भी शुरुआत की। इस पत्रिका की चंडीगढ़ में प्रिंटिंग होती थी, जबकि प्रकाशन केंद्र शाहबाद मारकंडा ही था।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us