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अस्थायी कर्मचारियों को आयु सीमा में छूट

Chandigarh Updated Sat, 09 Feb 2013 05:31 AM IST
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चंडीगढ़। नगर निगम में तैनात जिन अस्थायी कर्मचारियों की नौकरी पाने की आयु सीमा निकल चुकी है, उनके लिए राहत वाली खबर है। प्रशासन उन्हें आयु सीमा में छूट देने के लिए तैयार हो गया, लेकिन अस्थायी कर्मचारी चाहते थे कि उन्हें वर्तमान स्थिति में ही रेगुलर किया जाए।
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शुक्रवार को प्रशासन और नगर निगम की कोआर्डिनेशन कमेटी की बैठक हुई, जिसमे शहर के कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। इस बैठक में सलाहकार केके शर्मा, गृह, वित्त सचिव, मुख्य वास्तुकार, मेयर सुभाष चावला, कमिश्नर विवेक प्रताप सिंह कई जिम्मेवार अधिकारियों ने भाग लिया। यह इस साल की पहली बैठक थी, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि अब शहर की सभी सरकारी इमारतों को भी नगर निगम के फायर विभाग से एनओसी लेनी होगी। इस समय तक सरकारी इमारतों के लिए यह प्रावधान नहीं था, जबकि कई इमारतों में फायर सेफ्टी के लिहाज से कई वायलेशन हैं। इस बैठक में नगर निगम ने वास्तुकार विभाग के प्रति नाराजगी व्यक्त की, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया कि मुख्य वास्तुकार नगर निगम के चीफ इंजीनियर के साथ हर माह अलग से बैठक करेगी और रुके हुए प्रोजेक्टों के स्टेटस पर निर्णय लिया जाएगा।

मनोनीत को फंड देने का मामला प्रशासक के पास
मनोनीत पार्षदों को भी निर्वाचित की तर्ज पर फंड देने का प्रस्ताव प्रशासक को मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। कोआर्डिनेशन की बैठक में सलाहकार ने यह भी बताया कि नगर निगम के पार्षदों का मानदेय पंजाब व हरियाणा की तर्ज पर यहां पर भी जल्द बढ़ा दिया जाएगा। ऐसा होने पर हर पार्षद को 5 की जगह 10 हजार रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा। मेयर सुभाष चावला का कहना है कि बैठक में वार्ड कमेटियों के गठन पर भी प्रशासन मान गया है। जो नाम पिछले साल कमेटियों में शामिल करने के लिए भेजे गए थे, उन्हें ही कमेटियों में शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
रुकी हुई ग्रांट का मामला भी गरमाया
इस बैठक में नगर निगम ने पिछले कई सालों से रुकी करोड़ों रुपये की ग्रांट का भी मामला भी उठाया। नगर निगम की ओर से कहा गया कि प्राइमरी स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग अब उनके पास है। नगर निगम ने कहा कि उन्हें चौथे दिल्ली फाइनेंस कमीशन के तहत कुल बजट का 22 प्रतिशत ग्रांट दी जाए। इसके लिए यह निर्णय हुआ कि कमिश्नर अलग से प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
7 नए डाक्टर मिलेंगे
नगर निगम ने प्रशासन ने डिस्पेंसरियों के लिए 15 नए डाक्टरों और नर्स की मांग की। इस पर प्रशासन 7 नए डाक्टर निगम को देने के लिए तैयार हो गया है। इसके साथ नगर निगम को कहा गया है कि वह अपने स्तर भी नए डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भरती कर लें। बैठक में प्रशासन से 4 नए फायर स्टेशन का निर्माण करने के लिए जमीन भी मांगी गई। इसके साथ ही प्राइमरी स्वास्थ्य और शिक्षा कमेटियों के गठन की भी मंजूरी जल्द से जल्द देने की मांग की गई।

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