डीआईजी आलोक कुमार को राष्ट्रपति पुलिस मेडल

Chandigarh Updated Sat, 26 Jan 2013 05:30 AM IST
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चंडीगढ़। ‘अमर उजाला चंडीगढ़ पुलिस गली क्रिकेट लीग’ के जरिए सैकड़ों युवाओं को नशे और अपराधों से दूर रखनेऔर उन्हें सकारात्मक काम से जोड़कर कम्युनिटी पुलिसिंग का नया रूप सामने लाने में अहम योगदान देने वाले चंडीगढ़ के डीआईजी (कार्यवाहक आईजी) आलोक कुमार को गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति के पुलिस पदक से नवाजा गया है। प्रेसीडेंट मेडल के लिए चुने जाने के बाद उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में काम करने का अलग आनंद है। यहां लोगों से जुड़कर सुधार का हर प्रोग्राम चलाया जा सकता है।
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आईपीएल-1 के दौरान पुलिस व्यवस्था के लिए ब्लूप्रिंट तैयार करने, दिल्ली में जामा मस्जिद के पास बम विस्फोट के बाद हालात को काबू करने सहित चंडीगढ़ स्थित बुड़ैल जेल में प्रिजन मैनेजमेंट सिस्टम, इग्नू सेंटर की दोबारा श्ुारुआत कर समाज से अपराध कम करने के लिए किए गए उनके उत्कृष्ट कार्यों को आखिरकार ऐसा सम्मान मिला जिसे हर पुलिस अफसर पाना चाहता है। दिल्ली पुलिस में डीसीपी स्पेशल ब्रांच, डीसीपी सेंट्रल के अलावा चंडीगढ़ पुलिस के भी अहम पदों पर रहकर उन्होंने पुलिस-पब्लिक संपर्क बढ़ाने और पुलिसकर्मियों के कल्याण के बहुत से कार्य किए हैं। मूल रूप से बिहार के बेगुसराय निवासी आलोक कुमार का वर्ष 1996 में भारतीय पुलिस सेवा में चयन हुआ था।

काम जिनसे नाम हुआ
दिल्ली में बतौर डीसीपी सेंट्रल उन्होंने भूमि सुधार संबंधी अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच करने वाले 35,000 लोगों की भीड़ को नियंत्रित कर बेहतरीन सूझबूझ का परिचय दिया। आईपीएल मैचों के दौरान भी उन्होंने डे-नाइट मैचों के दौरान पेश आने वाली चुनौतियों को सामना किया। मिजोरम के सैहा में एसपी पद पर होते हुए भी आलोक कुमार ने बेहतरीन कार्य किए। इसके लिए उन्हें हार्ड एरिया मेडल का भी सम्मान मिल चुका है।
आईपीएस बनने के बाद सबसे पहले आलोक कुमार ने चंडीगढ़ में बतौर एएसपी सेंट्रल उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसके बाद एएसपी ट्रैफिक पद भी रहे।
महात्मा गांधी के जीवन से प्रभावित
डीआईजी आलोक कुमार का जन्म दो अक्तूबर, 1972 को हुआ। इसलिए उनका जीवन भी महात्मा गंधी से बहुत प्रभावित है। वह जहां बैठते हैं, रहते हैं वहां हमेशा गांधी जी का चित्र लगा रहता है। चंडीगढ़ पुलिस की आधुनिक सुविधाओं से युक्त शूटिंग रेंज को अपग्रेड कर चंडीगढ़ शूटिंग एकेडमी (300 मीटर) के निर्माण में अहम भूमिका निभाई। इसी 28 जनवरी को इसका उद्घाटन किया जाएगा।



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