दूसरों के लिए जीने वालों को सलाम

Chandigarh Updated Fri, 25 Jan 2013 05:31 AM IST
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चंडीगढ़। बहादुरी की मिसाल कायम करने वालेे 13 लोगों को वीरवार को 21वें गॉडफ्रे फिलिप्स ब्रेवरी अवार्ड-2013 से नवाजा गया। पांच सितारा होटल में आयोजित समारोह में चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर राज्यों से चुने गए बहादुरों को ले. जनरल संजीव चाचरा ने मेडल और चेक भेंट किए। इन सभी बहादुरों की कहानी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। किसी ने अपनी जान दांव पर लगाकर दूसरे को बचाया तो किसी ने समाज की कुरीतियों को खत्म करने में अपनी पूरी जिंदगी समर्पित कर दी। सम्मान समारोह में हरियाणा से तीन, पंजाब से तीन, जम्मू से दो, हिमाचल से चार और चंडीगढ़ से एक शख्सियत को सम्मानित किया गया। यह अवार्ड गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया द्वारा 1990 से दिया जा रहा है। पहले इसका नाम रेड एंड व्हाइट ब्रेवरी अवार्ड्स था, जिसे 2003 में बदला गया।
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ले. जनरल चाचरा ने कहा कि देश को सिर्फ सरहद पर ही नहीं समाज में भी बहादुर लोगों की जरूरत है। गॉडफ्रे फिलिप्स ब्रेवरी अवार्ड्स के जनरल सेक्रेटरी हरमनजीत सिंह भी इस मौके पर उपस्थित रहे। उन्होंने दिल्ली गैंग रेप जैसी घटनाओं पर चिंता जाहिर की।


फिजिकल ब्रेवरी अवार्ड से इन्हें किया सम्मानित
1. पंजाब के मानसा के 17 वर्षीय गुरजीवन ने फरवरी 2010 में बैंक में 35 लाख की डकैती करने वालों को पकड़वाया।
2. जालंधर के राकेश रंजन ने छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में आगरा से जालंधर जाते हुए चोर को पकड़ा।
3. हरियाणा के करनाल निवासी मुकेश अग्रवाल देर रात जीटी रोड पर डाकुओं से भिड़ गए। उनके सीने में तीन गोलियां लगी, लेकिन उन्होंने संघर्ष जारी रखा।
4. लाहौल स्पीति (हिमाचल) के पर्वतारोही नोरबु पांसे ने बर्फ में फंसे 100 से अधिक लोगों की जान बचाई।
5. जम्मू के शक्ति नगर में सिक्योरिटी गार्ड सतपाल ने नहर में डूबने से एक लड़की को बचाया।

माइंड ऑफ स्टील अवार्ड से इन्हें नवाजा
1. चंडीगढ़ निवासी हरमन सिंह सिद्धू को अराइव सेफ एनजीओ के माध्यम से लोगों को सड़क नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए नवाजा गया। वे बीमारी के कारण व्हीलचेयर पर बैठकर ही जागरूकता का पाठ पढ़ाते हैं।
2. हरियाणा के सोनीपत के गांव बंयापुर निवासी अमित सरोहा ने विकलांगता के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल जीत सभी के लिए मिसाल पेश की।
3. हिमाचल के दोरजे बोध और उनकी पत्नी को पहाड़ों में फंसे लोगों की मदद करने के लिए सम्मानित किया गया।

स्पेशल ब्रेवरी अवार्ड इन्हें मिला
1. हरियाणा के मालीपुर (गुड़गांव) में सरकारी शिक्षिका निशा यादव ने एक एनजीओ में लड़कियों के शारीरिक शोषण का भंडाफोड़ किया।
2. पंजाब के 75 वर्षीय सरदार हरबंस सिंह ने अपना जीवन भ्रूण हत्या के खिलाफ आवाज उठाने को समर्पित कर दिया है।
3. शिमला के आईजीएमसी में हृदय रोग सर्जन डा. रजनीश पठानिया 500 से अधिक लोगों का निशुल्क इलाज कर चुके हैं।
4. जम्मू की डिस्ट्रिक्ट डोटा वेलफेयर सोसाइटी एनजीओ को जख्मी लोगों की मदद के लिए सम्मानित किया गया।

अमोदिनी अवार्ड का हकदार
1. हिमाचल के ऊना की साहित्य संस्कृति एवं जनकल्याण परिषद को अनाथ लड़कियों को शरण देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अमोदिनी श्रेणी में सम्मानित किया गया।


कोट्स
गॉडफ्रे फिलिप्स ब्रेवरी अवार्ड देने का उद्देश्य ऐसे अनजान चेहरों को दुनिया के सामने लाना है, जो समाज और इंसानियत के लिए मिसाल हैं। 21 सालों में 1200 बहादुरों को सम्मानित किया जा चुका है। यही लोग सही मायनों में देश के हीरो हैं।
- हरमनजीत सिंह, जनरल सेक्रेटरी, गॉडफ्रे फिलिप्स ब्रेवरी अवार्ड्स

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