सीएचबी ने तोड़ी कर्मचारियों की उम्मीद

Chandigarh Updated Thu, 27 Dec 2012 05:30 AM IST
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चंडीगढ़। कर्मचारियों की आवासीय योजना के लिए दो साल पहले निकाले गए ड्रा में असफल रहे कर्मचारियों को चंडीगढ़ में फ्लैट मिलने की बची उम्मीद भी खत्म हो गई। बुधवार को चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) के निदेशक मंडल की बैठक में इस योजना के सभी असफल आवेदकों की अर्नेस्ट मनी (आग्रिम राशि) एक सप्ताह के अंदर वापस करने का फैसला लिया है। यह पैसे दो साल से सीएचबी के पास पड़े थे। सीएचबी के इस फैसले से असफल आवेदकों की चंडीगढ़ में अपना फ्लैट होने की उम्मीद भी टूट गई है। प्रशासन अभी तक असफल आवेदकों को फ्लैट देने के बारे में कोई फैसला नहीं कर पाया है।
ड्रा में असफल रहे कुल 3881 कर्मचारियों में से अधिकतर ने सीएचबी को लिख कर दे दिया था कि उन्हें अर्नेस्ट मनी नहीं चाहिए। असफल आवेदक प्रशासन से चंडीगढ़ में फ्लैट की मांग कर रहे हैं। लेकिन, सीएचबी ने जब इस मामले में कानूनी राय ली तो उसमें यह स्पष्ट किया गया कि सीएचबी असफल आवेदकों की ओर से जमा अर्नेस्ट मनी नहीं रख सकता है। ऐसे में बैठक में यह तय हुआ कि असफल आवेदकों को एक सप्ताह के अंदर उनके पैसे वापस कर दिए जाएं। सीएचबी की ओर से ए कैटेगरी के 252 फ्टैल बनाए जाने हैं। ए कैटेगरी का फ्लैट दो हजार वर्ग फीट (तीन बेडरूम) में बनना है और इसके लिए 312 असफल आवेदक हैं। बी कैटेगरी के 168 फ्लैट 1400 वर्ग फीट (दो बेडरूम) में बनने हैं और इसके असफल आवेदक 155 हैं। सी कैटेगरी के 3066 फ्लैट बनने हैं और यह फ्लैट 900 वर्ग फीट में बनेंगे। इसके असफल आवेदक 2976 हैं। डी कैटेगरी के 444 फ्लैट बनने हैं और इसके असफल आवेदक 438 हैं।


कर्मचारियों को छह माह की एक्सटेंशन
सीएचबी निदेशक बोर्ड में 31 दिसंबर को रिटायर होने वाले कर्मचारियों को चंडीगढ़ प्रशासन के कर्मचारियों की तर्ज पर छह माह की एक्सटेंशन देने का फैसला लिया गया। हालाकि इसके लिए कर्मचारियों से विकल्प मांगे जाएंगे। बोर्ड ने यह तय किया कि सीएचबी के अगले चीफ इंजीनियर की नियुक्ति होने तक चंडीगढ़ प्रशासन के ीचफ इंजीनियर एसके चड्डा को सीएचबी के चीफ इंजीनियर का अतिरिक्त कार्यभार दिया जाए। साथ ही यह तय किया गया कि सीएचबी पंजाब, हरियाणा सरकारों से साथ साथ प्रशासन को दोबारा से पत्र भेजकर चीफ इंजीनियर के लिए पैनल मंगवाए। इसके लिए अब दो साल के अनुभव वाला एसई योग्य होगा जबकि पहले तीन साल का अनुभव जरूरी था।

किराए पर मिलेगा घर
बैठक में यह तय हुआ कि सीएचबी की विभिन्न योजनाओं के तहत खाली पड़े फ्लैटों को सीएचबी के कर्मचारियों को किराए पर दिया जाए। सालों से खाली पड़े इन फ्लैटों की हालत हालाकि काफी खराब है। इससे बोर्ड के कर्मचारी कम किराए पर फ्लैट में रह सकेंगे। बैठक में सीएचबी के संशोधित बजट को भी पारित किया गया। साथ ही यह तय हुआ कि लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड कराने के लिए लोगों से सिर्फ हलफनामा लिया जाए। लेकिन, यह सीएचबी के उन मकानों के मालिकों पर लागू नहीं होगा जिन्हें सीएचबी की ओर से नोटिस दिए गए हैं।


-14 जनवरी, 2008 को लांच हुई थी योजना
-7811 आवेदन मिले थे
-3930 ड्रा में सफल रहे थे
-3881 ड्रा में असफल रहे थे
-4 नवंबर, 2010 को निकाला गया था ड्रा

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