बच्चों ने न्यायाधीश से पूछा, दुराचार पीड़िता को कब मिलेगा न्याय

Chandigarh Updated Sun, 23 Dec 2012 05:31 AM IST
पंचकूला। दिल्ली में सामूहिक दुराचार के विरोध में गुस्सा सिर्फ बड़ों में नहीं छोटे-छोटे स्कूली बच्चों में भी है। वे चाहते हैं कि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय और अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। वे जानना चाहते हैं कि ऐसी वारदात पर रोक कैसे लगे? पुलिस जब एफआईआर दर्ज नहीं करती तो क्या कदम उठाना चाहिए? अमरावती विद्यालय और सेक्टर-20 स्थित गुरुकुल स्कूल के बच्चों ने यही तीखे सवाल सुप्रीमकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस डीके जैन व पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एके सिकरी से पूछ लिए। उन्होंने बच्चों के हर सवाल का जवाब दिया। साथ ही खुशी जताई कि बच्चे कानून के प्रति काफी सजग हैं। सेक्टर-14 में हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के मुख्यालय भवन में स्कूली बच्चों ने लीगल लिट्रेचर पर एक प्रदर्शनी लगा रखी थी।
सवाल : सामूहिक दुराचार पीड़िता को कितने दिन में मिलेगा न्याय?
डीके जैन : केस फास्ट ट्रैक में चलेगा तो दो-तीन महीने में न्याय मिल जाएगा।
सवाल : दहेज प्रताड़ना से होने वाली मौतों से निजात कब मिलेगी?
डीके जैन : पेरेंट्स से कहें कि शादी उसी घर में करें, जहां दहेज न लिया और न ही दिया जाता हो?
सवाल : जनसंख्या नियंत्रण पर कानून क्यों नहीं बनता?
डीके जैन : समाज कई कानूनों को मान्यता नहीं देता, यहां पर खुद जागरूक होने की जरूरत है।
सवाल : ईव टीजिंग पर पुलिस एफआईआर नहीं दर्ज करती?
डीके जैन : लीगल सर्विसेस अथॉरिटी की इसीलिए स्थापना की गई है।

गुरुकुल के बच्चों से एक्टिविटी के बारे में पूछा
सवाल-जवाब के दौरान जस्टिस एके सिकरी ने सेक्टर-20 स्थित गुरुकुल के बच्चों से पूछा कि उन्होंने नवंबर के महीने में स्टूडेंट लीगल लिटरेसी क्लब की ओर से क्या-क्या एक्टिविटीज की। बच्चों ने जवाब में जस्टिस को पूरी लिस्ट दिखाई। इससे वे बहुत खुश दिखे। उन्होंने बच्चों से कहा कि मार्च में वे पूरी छह महीने की रिपोर्ट देखेंगे, इसलिए उसे अच्छी तरह से तैयार करें।

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