अब होटल इंडस्ट्री पर भी छाईं महिलाएं

Chandigarh Updated Thu, 06 Dec 2012 05:30 AM IST
चंडीगढ़। अब होटल हो या पेट्रोल पंप, हर जगह महिला कर्मियों ने अपने टैलेंट के दम पर राज कायम कर लिया है। कदम होटल में पड़ते हैं तो फ्रंट आफिस से लेकर सर्विस तक के लिए महिला कर्मी ही तैनात हैं। सिटी के बड़े होटलों में तीस फीसदी महिलाएं काम कर रही हैं, जो बखूबी इनका संचालन संभाल रही हैं। रसोई से निकलकर दबंग बन गई इन महिलाओं के चैलेंज भी कम नहीं हैं। होटल मालिक भी महिलाओं की काबलियत से वाकिफ हैं। इस वजह से उन्हें पिक एंड ड्राप सर्विस तक उपलब्ध करवाकर अपने यहां नौकरी पर रख रहे हैं।

होटल में चैलेंज लगते हैं अच्छे : रचिता
नासिक से होटल मैनेजमेंट की डिग्री लेने के बाद मैंने होटल ज्वाइन किया तो कई आप्शन सामने थे। सर्विस इंडस्ट्री अच्छी लगी, यह चैलेंजिंग है। गेस्ट का मूड कैसा है, कैसे बात करनी है, यह सबकुछ एकदम से समझना होता है। मुझे काम करते हुए काफी समय बीत चुका है, अब यही अनुभव होटल स्टाफ के साथ बांट रही हूं। जहां तक घर का सवाल है तो बच्चा पांच साल का है और परिवार भी साथ दे रहा है तो काम करना आसान है।
- रचिता सूद, डायरेक्टर आफ सर्विसेज, होटल जेडब्लू मैरिएट

संयम रखने के कारण महिलाओं की डिमांड : गुरशरण
होटल इंडस्ट्री में महिलाओं की खास जगह है। महिलाओं में धैर्य जरा ज्यादा होता है, यह भी एक प्रमुख वजह है। मेरे सामने कई ऐसे मामले आए जबकि कोई भी संयम खो सकता था पर उनसे संभलना ज्यादा महत्वपूर्ण रहा। यहां संघर्ष तो है। कई बार ऐसे गेस्ट आते हैं, जिनकी बात तक नहीं समझ में आती, उनसे साइन लैंग्वेज में बात करनी पड़ती है।
- गुरशरण दीप कौर ग्रेवाल, ह्यूमन रिसोर्स हेड, होटल पार्क प्लाजा

दो शिफ्ट में भी चलता है काम : सुप्रिया
होटल इंडस्ट्री में महिलाओं के लिए चैलेंज ज्यादा हैं। चंडीगढ़ के होटलों में गेस्ट अच्छे होते हैं। कई बार विदेशी गेस्ट आते हैं जिनकी लैंग्वेज को समझना जरा कठिन होता है, लेकिन हमेशा तैयार रहना पड़ता है। जहां तक ड्यूटी आवर्स की बात है तो कई बार दो शिफ्ट में काम करना पड़ता है। फिर भी मुझे होटल इंडस्ट्री के अतिरिक्त कोई भी दूसरी नौकरी पसंद नहीं।
- सुप्रिया मलिक, गेस्ट रिलेशन एग्जीक्यूटिव, पार्क प्लाजा

24 घंटे रहती हूं अलर्ट : कैप्टन प्रिया
मैं इस होटल की पहली कर्मचारी हूं। होटल तो मुझको अपने घर जैसा लगता है। स्टाफ को लाइनअप करना, उनका सेलेक्शन करना और फिर सबको साथ लेकर चलना, काफी कठिन होता है। जहां तक ड्यूटी की बात है तो यह चौबीस घंटे की होती है। जरूरत पड़ने पर हमेशा तैनात। वास्तव में इसके पीछे मेरा आर्मी बैकग्राउंड है। मैं तेरह साल से काम कर रही हूं, सात साल आर्मी में सर्विस की, वो भी लद्दाख में, जहां कोई लेडी अफसर नहीं थी।
- कैप्टन प्रिया पंजिकर, डायरेक्टर आफ एचआर हेड, होटल जेडब्लू मैरिएट

Spotlight

Most Read

National

राजनाथ: अब ताकतवर देश के रूप में देखा जा रहा है भारत

राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना से नया आयाम मिला है।

22 जनवरी 2018

Related Videos

राजधानी में बेखौफ बदमाश, दिनदहाड़े घर में घुसकर महिला का कत्ल

यूपी में बदमाशों का कहर जारी है। ग्रामीण क्षेत्रों को तो छोड़ ही दीजिए, राजधानी में भी लोग सुरक्षित नहीं हैं। शनिवार दोपहर बदमाशों ने लखनऊ में हार्डवेयर कारोबारी की पत्नी की दिनदहाड़े घर में घुस कर हत्या कर दी।

21 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper