युवतियों ने पुलिस को दिखाया आईना

Chandigarh Updated Wed, 24 Oct 2012 12:00 PM IST
चंडीगढ़। आईटी पार्क में मंगलवार को डीएलएफ और पुलिस के सहयोग से छेड़खानी की घटनाओं के विरुद्ध जागरूकता फैलाने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान एसएसपी नौनिहाल सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मियों को युवतियों के आरोपों की बरसात का सामना करना पड़ा। युवतियों ने पुलिसकर्मियों पर रिश्वत लेने से लेकर मामला दर्ज न करने जैसे आरोप लगाए। इस पर एसएसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
एसएसपी नौनिहाल सिंह ने कहा कि छेड़छाड़ करने वालों से निपटने के लिए मुक्केबाज मैरीकाम की तरह मजबूत बनें, लेकिन दिमाग से। आपको अगर यह आशंका भी लगती है कि कोई आपको छेड़ सकता है तो पुलिस को 100 नंबर पर फोन करके बुला लें। 100 नंबर डायल करके उसकी गाड़ी का नंबर और हुुलिया बता दें। इतना तय है कि उस व्यक्ति के ‘रिश्तेदार’ उसको दो मिनट में मिल जाएंगे और पुलिस टूरिज्म (हवालात की सैर) का मजा दिला देंगे। उन्होंने कहा कि पिछले एक माह में 152 छेड़खानी की शिकायतें आ चुकी हैं, जिसमें 58 में एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि युवकों को खुद पर काबू रखना चाहिए क्योंकि एक एफआईआर विदेश जाना रोक सकती है। इसके बाद नौकरी भी नहीं मिलती।

आरोपों पर सिर झुकाए बैठे रहे अफसर
एसएसपी के बाद जब आईटी प्रोफेशनल ने पुुलिस के कड़वे अनुभव बताने शुरू किए तो सभी अफसर बगलें झांकने लगे। एक महिला ने ट्रैफिक पुलिस द्वारा ली गई रिश्वत की गाथा बताई और एक ने कहा कि एक व्यक्ति के खिलाफ लगातार शिकायत करने के बावजूद केस दर्ज नहीं हुआ। इस दौरान डीएसपी रोशनलाल और डीएसपी विजय कुमार भी मौजूद रहे।

मनचले ने दी थी आत्मदाह की धमकी, नहीं हुआ केस दर्ज
एक युवती ने एसएसपी से कहा कि एक व्यक्ति मेरी सहेली को रोजाना छेड़ता है। वह पंचकूला का रहने वाला है। कई बार शिकायत की तो एक दिन पेट्रोल लेकर वह घर आ धमका, अपने शरीर पर पेट्रोल डाल लिया, सहेली को बोला कि मैं आग लगा लूंगा, मैंने कहा कि तू रुक मैं ही तेरे आग लगा देती हूं। हमने सेक्टर-17 में पुलिस से शिकायत भी की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। मनीमाजरा थाने में भी गए, लेकिन वहां भी केवल आश्वासन मिले। एसएसपी ने कहा कि आप खुद आग लगाने की गलती मत कीजिए, इस तरह की घटना के साक्ष्य जुटाकर पुलिस को सूचित करें। एसएसपी ने कहा कि आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जाएंगे।

एक और पुलिस जवान पर आरोप
एक युवती ने कहा कि कुछ दिन पहले मैं आईटी पार्क में आ रही थी। पुलिस ने रास्ते में मुझे रोका और लाइसेंस दिखाने को कहा। लाइसेंस दिखाने के बावजूद उन्होंने चालान काटने की धमकी दी और मेरे पर्स से खुद ही पैसे निकाल लिए। आफिस आकर मैंने इंटरनेट से ट्रैफिक पुलिस का नंबर लिया और कॉल की, लेकिन यह गलत नंबर निकला। उस नंबर पर एक महिला ने कहा कि एक साल से उनको इस नंबर पर फोन आ रहे हैं, यह ट्रैफिक पुलिस का नंबर नहीं है। फिर किसी तरह मैंने नंबर लिया और एसएसपी आफिस में शिकायत की। कमाल की बात है कि जब मैं वापस जाने लगी तो उसी सिपाही ने मुझको रोका और मेरे पैसे वापस कर दिए। दो रुपये उसमें कम थे। एसएसपी ने ट्रैफिक पुलिस को उस जवान को खोजने के आदेश दिए।

Spotlight

Most Read

National

तीन करोड़ वाले टेबल के चक्कर में फंसा AIIMS, प्रधानमंत्री मोदी से शिकायत

आरोप है कि निविदा में दी गई शर्तों को केवल यूके की कंपनी ही पूरा कर सकती है। इस कंपनी ने टेबल की कीमत तीन करोड़ रुपये तय की है।

23 जनवरी 2018

Related Videos

छेड़खानी, यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म मामले में पुरुष ही दोषी क्यों?

अकसर जब कोई छेड़खानी, यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म का मामला सामने आता है तो पुरुषों को पूरी तरह से दोषी मान लिया जाता है।

23 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper