बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
TRY NOW

ब्याज सहित वापस करनी पड़ सकती है मुआवजा राशि

Chandigarh Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
चंडीगढ़। आईटी पार्क फेज तीन की जमीन अधिगृहण को सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद किए जाने के बाद प्रशासन मुआवजा पा चुके किसानों से ब्याज सहित राशि वसूल सकता है। हालांकि इस संबंध में कोई भी फैसला प्रशासन कानूनी राय लेने के बाद ही करेगा। शुक्रवार को अधिकारियों ने इस मामले पर बैठक कर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की स्टडी करने के बाद आगे की कार्रवाई करने पर चर्चा की।
विज्ञापन

यूटी प्रशासन के सूत्रों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसले के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने फेज तीन की अधिगृहित की गई जमीन का आंकलन करना शुरू कर दिया। तकरीबन 45 किसानों और जमीन मालिकों ने अधिग्रहण को मानते हुए यूटी प्रशासन से कुल मिला कर साढ़े पांच करोड़ रुपये का मुआवजा ले लिया था। इस बारे में प्रशासक के सलाहकर केके शर्मा का कहना है कि वह इस पूरे मामले में कानूनी राय ले रहे हैं उसके बाद ही आगे का कोई फैसला होगा। इस बारे में लैंड एक्यूजीशन अफसर तिलकराज ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस पूरे प्रोजेक्ट पर लाइन ऑफ एक्शन के लिए कानूनी राय ले रहे हैं।

---------------------------------
छोटी छोटी कंपनियों को मिल सकेगी जगह
आईटी पार्क फेज दो में खाली पड़ी कुछ जमीन को छोटी छोटी कंपनियों को दी जाएगी। इसके लिए प्रशासन नए सिरे कुछ डेवलपमेंट पॉलिसी भी बनाएगा। नई पॉलिसी के तहत चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया में अब आईटी इनेबिल्ड सुविधाएं भी शुरू हो सकती है। एडवाइजर केके शर्मा ने बताया कि लंबे समय से इंडस्ट्रियल एरिया में ऐसी सर्विसेज की मांग की जा रही थी।
किसानों ने कहा- हम पैसे नहीं लौटाएंगे
हम पैसे नहीं लौटाएंगे। प्रशासन की इस मामले में पहले ही हार हो चुकी है। जमीन किसानों की मरजी के खिलाफ ली गई थी। वर्षों से यह जमीन खाली पड़ी है। किसान इस पर फसल उगाते और अपना गुजारा करते। उल्टा प्रशासन को इसका भी ब्याज सहित मुआवजा देना चाहिए। प्रशासन के एक गलत फैसले का खामियाजा किसानों ने भुगता है।
-गुरप्रीत सिंह हैप्पी, अध्यक्ष पेंडू संघर्ष समिति चंडीगढ़
.....
वर्ष 2003 में प्रशासन ने रायपुर कलां और मौली जागरां में जमीन एक्वायर की। अभी तक इस पर कोई काम नहीं किया। किसानों को प्रशासन और मुआवजा दे। आखिरी फैसला ग्रामीण सरपंचों की बैठक में लेंगे। अभी यह बैठक होनी है।
-गुरप्रीत सिंह, सरपचं रायपुर खुर्द।
...................
खुड्डा लाहोरा और सारंगपुर की जमीन भी वापस करे प्रशासन। यहां पर भी एक्वायर की गई जमीन पर कोई भी प्रोजेक्ट नहीं चला। फिल्म सिटी सहित अन्य प्रोजेक्ट फेल हो गए। किसानों और सरपंचों की बैठक बुलाकर फैसला लिया जाएगा।
-बलविंदर सिंह, सरपंच खुडा जस्सू।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X