किसानों को वापस मिलेगी करीब पौने तीन सौ एकड़ जमीन

Chandigarh Updated Fri, 12 Oct 2012 12:00 PM IST
चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट का फैसला यूटी प्रशासन के लिए एक बड़ा झटका है। आईटी पार्क फेज तीन के लिए किसानों से 272 एकड़ जमीन के अधिग्रहण किया गया था। इससे पहले पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन के पक्ष में फैसला देते हुए अधिग्रहण को सही बताया था। गांव किशनगढ़ के किसानों ने इसे सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।

केंद्र ने भी करवाई थी जांच
वर्ष 2006 में नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही फेज तीन का जमीन मालिकों ने विरोध किया था। इनकी शिकायत पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने चीफ कंट्रोलर ऑफ ऑडिट से जांच करवाई थी। इस ऑडिट में भी जमीन अधिगृहण के औचित्य पर सवाल उठाए गए थे। उसके बाद जांच के लिए बनाई गई रामनाथन कमेटी की रिपोर्ट भी प्रशासन के भूमि अधिगृहण फैसले के खिलाफ थी। हालांकि 2010 में हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन के भूमि अधिगृहण के औचित्य को सही ठहराया था।

--------
ऐसे चला पूरा मामला
प्रमुख याचिकाकर्ताओं में से एक पंजाब के पूर्व डीजीपी सुरिन्दर सिंह बराड़ ने बताया कि फेज तीन के लिए किशनगढ़ गांव के अंतर्गत आने वाली 272 एकड़ जमीन को एक्वायर किया गया। 2009 में यूटी प्रशासन ने किसानों की जमीन अधिगृहित करनी शुरू कर दी। इसके लिए किसानों को पौने उन्नीस लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया गया। कुछ किसानों ने मुआवजा लिया जबकि उनके साथ तमाम अन्य जमीन मालिकों और किसानों ने इस पूरी प्रक्रिया को हाईकोर्ट में भी चुनौती दी। बराड़ के अनुसार इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी के नाम पर आईटी के पार्क को तमाम अन्य गतिविधियों के लिए दिया जा रहा है। फेज टू के लिए प्रशासन ने 160 एकड़ जमीन एक्वायर की थी। यहां पर अभी तक टेक महिन्द्रा और एयरटेल के अलावा कोई बड़ी कंपनी नहीं आई है। अभी भी फेस दो में काफी जमीन खाली पड़ी है। 104 एकड़ में बने आईटी पार्क फेज वन का भी कुछ हिस्सा खाली है। ऐसे में फेज तीन की जमीन को एक्वायर करने का फैसला पूरी तरह से गलत था। इसी मुद्दे पर किसान और जमीन मालिक कोर्ट गए थे।
--------------------------------
प्रशासन की दलील थी कि रोजगार मिलेगा
फेज तीन के अधिगृहण पर प्रशासन की दलील थी कि इससे तकरीबन ढाई हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा, जबकि पैंतीस हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा।
----------------------------
पंजाब से कई गुना कम मुआवजा
जब फेज तीन के लिए जमीन का यूटी प्रशासन ने अधिगृहण करना शुरू किया उससे दो महीने पहले दिसंबर 2008 में पंजाब ने इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए जमीन किसानों से लेनी शुरू की। हैरानी की बात है कि चंडीगढ़ में प्रति एकड़ का मुआवजा पौने उन्नीस लाख रुपये, जबकि मोहाली और आस पास के किसानों को पंजाब सरकार की ओर से मुआवजा डेढ़ करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से दिया गया। किशनगढ़ के सरपंच देवेन्दर लोबाना ने बताया कि उनके गंाव के सौ से ज्यादा जमीन मालिक और किसानों की जमीनों को पौने उन्नीस लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से यूटी ने भुगतान करना शुरू किया। कुछ किसानों ने मुआवजा भी ले लिया था।

------
सर्वमान्य फैसला
सुप्रीम कोर्ट का फैसला मान्य है। हालांकि यूटी के वित्त सचिव वीके सिंह ने बताया कि अभी सुप्रीम कोर्ट का फैसला उन तक नहीं पहुंचा है। सुप्रीम फैसले की प्रति आने के बाद वह यह जरूर जानेंगे कि किन आधारों पर यह मामला खारिज हुआ। दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि अब प्रशासन फिलहाल नए सिरे से जमीन अधिगृहण की कोई नोटीफिकेशन नहीं करने जा रहा है केंद्र में पारित होने वाले लैंड एक्यूजीशन एक्ट के बाद ही अब कोई फैसला होगा।

Spotlight

Most Read

Chandigarh

बॉर्डर पर तनाव का पंजाब में दिखा असर, लोगों में दहशत, BSF ने बढ़ाई गश्त

बॉर्डर पर भारत और पाकिस्तान में हो रही गोलीबारी का असर पंजाब में देखने को मिल रहा है, जहां लोगों में दहशत फैली हुई है। बीएसएफ ने भी गश्त बढ़ा दी है।

21 जनवरी 2018

Related Videos

कुएं में गिरे कुत्ते की सूझबूझ से बच्ची जान, लोग देखकर हो गए हैरान

सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक कुत्ता कुएं में गिरा हुआ है, लेकिन फिर भी उसकी जान बच गई..देखते हैं कैसे...

21 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper