प्रशासक के बदले नियुक्त हों चीफ कमिश्नर

Chandigarh Updated Mon, 10 Sep 2012 12:00 PM IST
चंडीगढ़। अब आतंकवाद का दौर खत्म हो चुका है और अशांत एरिया का दर्जा भी समाप्त हो गया है। ऐसे में प्रशासक पद की जरूरत नहीं है। इसलिए चीफ कमिश्नर के पद को फिर से बहाल किया जाए। सेक्टर-8 के सामुदायिक केंद्र में रविवार को रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने फासवेक के बैनर तले एक सुर में यह प्रस्ताव पास किया। फासवेक ने निर्णय लिया कि चीफ कमिश्नर के पद की बहाली के लिए प्रशासन के अलावा केंद्र सरकार से भी मांग की जाएगी।
बैठक में मौजूद लोगों का कहना था कि हर कोई अपनी समस्या लेकर आसानी से प्रशासक से मिलने गवर्नर हाउस नहीं जा सकता। ऐसे में चीफ कमिश्नर के पद की बहाली और अहम हो जाती है। फासवेक चेयरमैन पीसी सांघी ने कहा कि 8 माह पहले शहर से जुड़े प्रमुख मुद्दों और समस्याओं को लेकर प्रशासक के साथ बैठक की गई थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अगर चीफ कमिश्नर का पद बहाल होता है तो शहरवासियों के लिए यूटी सचिवालय जाकर अपनी समस्याएं बताना आसान हो जाएगा। बैठक में अभी तक वार्ड कमेटियों का गठन नहीं होने का मामला भी गरमाया।

1983 में प्रशासक को मिला था चार्ज
सांघी का कहना है कि जनसंख्या कम होने के कारण विधानसभा का गठन नहीं हो सकता। ऐसे में चीफ कमिश्नर ही शहरवासियों को राहत दे सकते हैं। वर्ष 1983 में आतंकवाद के समय चीफ कमिश्नर के स्थान पर पंजाब के गवर्नर को ही प्रशासक का चार्ज दिया गया था। अब यह बदलना चाहिए।

राइट टू सर्विस एक्ट लागू नहीं
चेयरमैन पीसी सांघी और सह सचिव सुनील चोपड़ा का कहना है कि 8 माह पहले प्रशासक के साथ हुई बैठक में सलाहकार केके शर्मा ने बताया था कि दिल्ली और पंजाब का राइट टू सर्विस एक्ट का अध्ययन किया जा रहा है, लेकिन प्रशासक ने सलाहकार को दिल्ली का एक्ट लागू करने के निर्देश दिए थे। आज तक यह एक्ट लागू नहीं हुआ।

राजनीतिक दल भी चाहते हैं चीफ कमिश्नर
राजनीतिक दलों के नेता भी चाहते हैं कि प्रशासक की जगह चीफ कमिश्नर के पद की बहाली की जाए। कांग्रेस अध्यक्ष बीबी बहल तो केंद्रीय मंत्री पवन बंसल की मौजूदगी में गृह मंत्री से चीफ कमिश्नर फिर से नियुक्त करने की मांग भी कर चुके हैं। दो माह पहले गृह मंत्री शहर में आए थे।

लोगों की जुबानी (फोटो सहित)
मनीमाजरा की इंदिरा कालोनी के एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र दूबे ने कहा कि वार्ड कमेटी के लिए सदस्यों की वेरिफिकेशन तक हो गई है, लेकिन 8 माह बीतने के बाद अब तक प्रशासन ने कमेटियों के लिए नोटिफिकेशन जारी नहीं की है।
सेक्टर-38 वेस्ट की एक्टिव रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी परिवर्तन कौल ने कहा कि इस शहर में वास्तुकार विभाग सबसे मजबूत है, जिससे लोगों की समस्याओं से कोई भी लेना देना नहीं है। उनके एरिए में चारों तरफ दीवान लगाने और अवैध रास्ते बंद करने के लिए हाउसिंग बोर्ड ने मंजूरी दे दी। एमपी लैंड फंड से राशि आ गई, लेकिन वास्तुकार विभाग का अड़ंगा है।
सेक्टर-18 की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी पीएस बाजवा का कहना है कि जगह-जगह सड़कों की हालत खस्ताहाल है। नगर निगम के 5 साल पूरे होने के बावजूद सड़कों की कारपेटिंग नहीं हो रही है।
सेक्टर-52 की एसोसिएशन के अध्यक्ष केएस बंगा का कहना है कि प्रशासन दक्षिणी सेक्टरों की तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है। सड़कें टूटी पड़ी हैं और सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई हैं।

Spotlight

Most Read

National

पुरुष के वेश में करती थी लूटपाट, गिरफ्तारी के बाद सुलझे नौ मामले

महिला लड़कों के ड्रेस में लूटपाट को अंजाम देती थी। अपने चेहरे को ढंकने के लिए वह मुंह पर कपड़ा बांधती थी और फिर गॉगल्स लगा लेती थी।

20 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी बोर्ड में 83,753 फर्जी छात्रों की खुली पोल समेत सुबह की 10 बड़ी खबरें

अमर उजाला टीवी पर देश-दुनिया की राजनीति, खेल, क्राइम, सिनेमा, फैशन और धर्म से जुड़ी खबरें दिन में चार बार LIVE देख सकते हैं, हमारे LIVE बुलेटिन्स हैं - यूपी न्यूज सुबह 7 बजे, न्यूज ऑवर दोपहर 1 बजे, यूपी न्यूज शाम 7 बजे।

20 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper