बैठक तक ही सीमित रह गई सलाहकार समिति

Chandigarh Updated Thu, 06 Sep 2012 12:00 PM IST
चंडीगढ़। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर लगभग ढाई साल पहले गठित प्रशासक की सलाहकार समिति सिर्फ बैठक तक ही सीमित रह गई है। 1 अप्रैल 2010 को सलाहकार समिति के गठन के बाद से अब तक पांच बैठक हो चुकी हैं, लेकिन इसमें उठे एक भी मुद्दे पर अमल नहीं हो पाया है। बैठक के मिनट्स तो बनते हैं, लेकिन उनकी एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) नहीं बनती है। ऐसे में सलाहकार समिति के सदस्य भी पहली पांच बैठकों में उठे मुद्दों पर क्या कार्रवाई हुई, इसे लेकर अनभिज्ञ हैं। इसी माह समिति की छठी बैठक होने वाली है और प्रशासन के अधिकारी एक बार फिर एजेंडा तैयार कर रहे हैं।

उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा समिति का
सलाहकार समिति की पहली बैठक में ही तय हुआ था कि तीन माह में एक बार बैठक जरूर होगी, लेकिन अब छह माह बाद होती है। इससे विकास से जुड़े मुद्दों पर कोई फैसला नहीं हो पाता है। समिति गठित करने का उद्देश्य यही था कि शहर के विकास से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट पर पहले सलाहकार समिति की बैठक में चर्चा हो, फिर आगे कुछ किया जाए। लेकिन, समिति का यह उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है।

सदस्यों की शिकायत- बोलने का मौका नहीं मिलता
समिति में 43 सदस्य हैं, जिनमें केंद्रीय मंत्री पवन बंसल से लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, रिटायर्ड आईएएस, शिक्षाविद और वकील शामिल हैं। सलाहकार समिति के कई सदस्यों की यह भी शिकायत है कि बैठक में उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जाता है। सिर्फ प्रशासक शिवराज पाटिल और प्रशासन के अधिकारी ही बोलते हैं। कुछ ही सदस्य अपनी बात कह पाते हैं और बाकी के सदस्यों को दो माह के अंदर अपनी बात लिखित में भेजने को कह दिया जाता है।

कब हुई बैठक
पहली बैठक : 9 जून 2010
दूसरी बैठक : 10 सितंबर, 2010
तीसरी बैठक : 28 फरवरी 2010
चौथी बैठक : 8 सितंबर 2011
पांचवीं बैठक : 9 फरवरी 2012

इन मुद्दों पर नहीं हुआ अमल
सलाहकार समिति की बैठकों में शहर के बढ़ते ट्रैफिक को कम करने, ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बेहतर बनाने, हैरीटेज संरक्षण, आम लोगों के लिए सस्ती आवासीय सुविधा शुरू करने, लाल डोरे के बाहर बने मकानों को नियमित करने को लेकर भी चर्चा हुई थी। लेकिन, इन मुद्दों पर अब तक कुछ नहीं हुआ। हालांकि, एक बैठक में मलोया में बनने वाले मिल्क प्लांट और मिल्क विलेज का प्रोजेक्ट रद करने का फैसला जरूर हुआ था।

कोट्स........
प्रशासन सलाहकार समिति को लेकर गंभीर नहीं है। बैठक में उठे मुद्दों पर क्या कार्रवाई हुई, इसका हमें पता नहीं चलता। मैंने गृह सचिव को पत्र लिखकर बैठक के दौरान पिछली बैठक में उठे मुद्दों की एक्शन टेकन रिपोर्ट लाने को कहा है, क्योंकि बैठक में उठे मुद्दों पर अमल होना बहुत जरूरी है।
-पीसी सांघी, अध्यक्ष, फासवेक और सदस्य, सलाहकार समिति
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सलाहकार समिति की बैठकें जब तक नियमित नहीं होंगी, तब तक इसके गठन का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकेगा। बैठक जितनी जल्दी होगी, उतना ही फायदा होगा। फरवरी के बाद से अब तक बैठक नहीं हुई है। प्रशासन को बैठक में हुई बातों को भी गंभीरता से लेना चाहिए।
- चरंजीव सिंह, अध्यक्ष, व्यापार मंडल और सदस्य, सलाहकार समिति

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