थोड़े से बदलाव से निकलेगी 60 हजार कारों के लिए जगह

Chandigarh Updated Sun, 26 Aug 2012 12:00 PM IST
चंडीगढ़। शहर के सेक्टरों में छोटे बड़े कुल 1600 पार्क हैं। हर पार्क के बाहर चारों तरफ छह फुट चौड़ा पाथ छोड़कर पेवर ब्लाक लगाए गए हैं ताकि यहां पार्किंग हो सके। मगर यह छह फुट का स्थान कारों की सीधी पार्किग के लिए पर्याप्त नहीं है। मजबूरन लोगों को लंबाई में गाड़ी खड़ी करनी पड़ती है और पौन एकड़ के एक छोटे पार्क के चारों ओर भी 20 से 25 गाड़ियां ही पार्क हो पाती हैं। इंजीनियर्स का कहना है कि अगर इस पेवर पाथ की चौड़ाई बढ़ा कर 12 फुट कर दी जाए तो इसी छोटे पार्क के चारों ओर 70 से 80 गाड़ियां पार्क की जा सकती हैं। इस तरह एक छोटे से बदलाव से सेक्टरों में करीब 60 और गाड़ियों के लिए पार्किंग की जगह निकल सकती है।

क्या है स्थिति
शहर के करीब 1600 पार्कों में से एक हजार में पेवर ब्लाक लगने का काम पूरा हो चुका है। इक्का-दुक्का को छोड़कर सभी पार्कों के बाहर चारों ओर जो पेवर पाथ बना है वह सिर्फ छह फुट चौड़ा है। यह चौड़ाई एक कार को सीधा खड़ा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। आस-पास के घरों के लोग यहां लंबाई में या तिरछी गाड़ियां खड़ी करते हैं और चारों ओर मुश्किल से 20 से 25 गाड़ियां खड़ी होने की जगह बनती है। अगर पार्क कि ग्रिल चारों ओर चार से छह फुट ओर अंदर कर पेवर पाथ की चौड़ाई इतनी बढ़ा दी जाए कि गाड़ियां सीधी खड़ी हो सकें तो पार्किंग की समस्या काफी हद तक काबू में आ सकती है। शहर के करीब छह सौ पार्कों में अभी पेवर ब्लाक का काम बाकी है। इनमें शुरू से ही यह व्यवस्था की जा सकती है। पार्कों के सामने तीन हर तीन मंजिला घरों में तीन से चार तक गाड़ियां होती हैं। जबकि घर के सामने इन्हें खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होती।
कोट

पार्कों की ग्रिल तीन से चार फुट अंदर कर पेवर पाथ चौड़े कर पार्किंग एरिया बढ़ाया जा सकता है। ऐसा करने पर एक पौन एकड़ के पार्क के चारों ओर 80 तक कारें भी पार्क हो सकती है। ऐसे में हर किसी को अपनी कोठी के आगे ही वाहन पार्क करने की जगह मिल जाएगी। ऐसा होने पर लोग पार्कों के अंदर भी वाहन खड़ा नहीं करेंगे।
-पीएस बाजवा, इंजीनियर, रिटायर, निवासी सेक्टर-18
--
पार्कों के चारों ओर 12 फुट जगह छोड़ने का सुझाव काफी अच्छा है। इसके लिए हम प्रयास करने को तैयार हैं। 29 अगस्त को होने वाली बैठक में यह मुद्दा उठाया जाएगा।
-अरुण सूद, पार्षद
--
प्रस्ताव अच्छा है। इस पर विचार किया जाएगा मगर वास्तुकार विभाग की मंजूरी के बाद ही इस तरह के कदम उठाए जा सकते हैं।
-एसएस बिद्दा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
--
सेक्टर-38 भी है उदाहरण
सेक्टर-38 के रिहायशी इलाकों में पार्किंग की काफी दिक्कत है। यहां लोग पार्कों के अंदर भी वाहन पार्क करने के लिए मजबूर हैँ। लेकिन इसी सेक्टर में दूरदर्शन कार्यालय के पास एक पार्क के चारों ओर 6 फुट की जगह 10 फुट जगह छोड़ी गई है। इस वजह से यहां लोगों को काफी राहत रहती है।

Spotlight

Most Read

Rohtak

जीएसटी विभाग ने ई-वे बिल को लेकर जांच किया अवेयरनेस कैंपेन

जीएसटी विभाग ने ई-वे बिल को लेकर जांच किया अवेयरनेस कैंपेन

19 जनवरी 2018

Related Videos

GST काउंसिल की 25वीं मीटिंग, देखिए ये चीजें हुईं सस्ती

गुरुवार को दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की 25वीं बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस मीटिंग में आम जनता के लिए जीएसटी को और भी ज्यादा सरल करने के मुद्दे पर बात हुई।

18 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper