चुनाव प्रचार को लेकर भिड़े छात्र संगठन

Chandigarh Updated Wed, 22 Aug 2012 12:00 PM IST
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र काउंसिल चुनाव से चंद सप्ताह पहले ही पीयू कैंपस राजनीति का अखाड़ा बन चुका है। आए दिन किसी न किसी बात को लेकर छात्र संगठनों में खूनी संघर्ष हो रहा है। मंगलवार को कई दिन बाद खुले पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में पहले ही दिन सैकड़ों पुसू और सोपू के छात्र चुनाव प्रचार के दौरान भिड़ गए। सूचना पर 200 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने कैंपस को घेर लिया और तीनों गेट बंद करने के बाद छात्रों को खदेड़ दिया। मामले पर काबू पाने के लिए पुलिस ने पांच छात्र नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, मंगलवार शाम को सोपू और पुसू कार्यकर्ता ईवनिंग डिपार्टमेंट के बाहर पुलिस की मौजूदगी में फिर भिड़ गए।
मंगलवार को दोपहर करीब एक बजे सेक्टर-25 स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी साउथ कैंपस में सोपू और पुसू छात्र नेताओं ने चुनावी प्रचार शुरू कर दिया। यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) में सोपू और पुसू नेता 400 से अधिक समर्थकों के साथ एक-दूसरे को ललकारने लगे। देखते ही देखते उनमें हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल पहुंच गया। छात्रों को छुड़वाने में उन्हें भी खूब धक्के लगे।

इन्हें किया गिरफ्तार
पुलिस ने सोपू प्रधान मनोज लुबाना, रोबिन बराड़ और हरदीप को और पुसू नेता संजीव व जीवनजोत को काबू कर लिया। सेक्टर-11 थाने में पांचों के खिलाफ झगड़ा करने के आरोप में 107-51 का मामला दर्ज कर लिया है।

चुनाव प्रचार के लिए मिलेगा अलग-अलग समय
सात सितंबर के संभावित चुनाव को लेकर पीयू में छात्र संगठनों ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। सभी संगठन पीयू गर्ल्स हॉस्टल, यूआईईईटी, लॉ विभाग आदि जगहों पर एक ही समय पर पहुंच रहे हैं। ऐसे में छात्र संगठनों में आपसी टकराव की संभावना बढ़ जाती है। इस मामले में डीएसडब्ल्यू प्रो. एएस अहलुवालिया ने बुधवार को बैठक बुलाई है, जिसमें सभी छात्र संगठनों को चुनाव प्रचार के लिए तयशुदा समय देने पर फैसला लिया जाएगा।

12 पुराने नेताओं की लिस्ट सौंपी पुलिस को
छात्र संगठन चुनाव की तिथि नजदीक आते देख सभी छात्र संगठनों ने पुराने धुरंधरों को कैंपस में अपनी मजबूती के लिए बुलाना शुरू कर दिया है। उधर पीयू ने भी पुराने नेताओं पर नजर रखनी शुरू कर दी है। पीयू प्रशासन ने आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे और पीयू कैंपस में अशांति फैलाने की संभावना को देखते हुए 12 पुराने छात्र नेताओं पर नजर रखने के लिए पुलिस को भी सूची सौंप दी है। इन नेताओं के पीयू में एंट्री होते ही सिक्योरटी गार्ड की नजरें टिकी रहेंगी।

100 सीसीटीवी कैमरे अगले सप्ताह
चुनाव से पहली ही कैंपस में हिंसक माहौल को देखते हुए पीयू प्रशासन ने 100 से अधिक नए सीसीटीवी कैमरे लगाने का फैसला लिया है। चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर ने मंगलवार को फिर मामले को लेकर आला अधिकारियों से चर्चा की। पीके धवन ने बताया कि सीसीटीवी को लेकर कुछ कंपनियों ने डेमो दे दिया है। अगले सप्ताह तक नए कैमरे लगने शुरू हो जाएंगे। तीनों मुख्य गेटों पर हाई रेजोल्यूशन कैमरे लगाए जाएंगे।

कोट्स
पीयू कैंपस में अशांति फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। कुछ छात्र नेताओं के नाम पुलिस को सौंप दिए हैं। हिंसक वारदात में शामिल छात्रों का दाखिला भी रद किया जाएगा।
- प्रो. एएस अहलुवालिया, डीएसडब्ल्यू, पंजाब यूनिवर्सिटी।


इस सत्र में ही कई बार भिड़े छात्र गुट
पीयू और कालेजों में नए सत्र की शुरुआत में ही आधा दर्जन के करीब छात्र संगठनों के बीच हिंसक वारदातें हो चुकी हैैं। सेक्टर-32 स्थित एसडी कालेज में सोपू छात्र संगठन के नेताओं के बीच मारपीट और डीएवी कालेज कैंपस में सोपू और पुसू के बीच मारपीट की घटना हो चुकी है। पंजाब यूनिवर्सिटी में सोपू-पुसू और इनसो के बीच भी तीन बार मारपीट हुई है। वहीं, मोहाली भी छात्र नेताओं की लड़ाई का अखाड़ा बन चुका है।

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