जीएमसीएच-32 के डायरेक्टर प्रिंसिपल के इंटरव्यू पर रोक

Chandigarh Updated Wed, 15 Aug 2012 12:00 PM IST
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चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 के डायरेक्टर प्रिंसिपल पद को चुनौती देने वाले पांच डाक्टरों की याचिका पर कैट ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए इंटरव्यू पर रोक लगा दी। मामले में जवाब दायर करने के लिए यूपीएससी और यूटी प्रशासन ने समय की मांग की। कैट ने मामले में जवाब दायर करने के लिए 30 अगस्त का समय तय किया है। इसी के साथ कैट ने आदेश दिया है कि इंटरव्यू की तारीख 30 के बाद तय की जाए।
दायर याचिका में जीएमसीएच-32 के मेडिसन विभाग के प्रमुख डॉ. अतुल महादेव, डॉ. राम सिंह, सर्जरी विभाग के प्रमुख प्रो. अशोक अत्री, हड्डी रोग विभाग के डॉ. एसके गर्ग और गाइनी विभाग की प्रमुख डॉ. अंजू हुरिया ने डायरेक्टर प्रिंसिपल पद के इंटरव्यू पर बुलाए गए डाक्टरों की चयन प्रक्रिया को चुनौती दी थी। याचिका में उन्होंने कहा था कि अगर इस पद के लिए संस्थान के ही डाक्टरों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया है तो उन लोगों को भी आवेदन करने का मौका दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस पद के लिए सभी ने पुराने नियमों के चलते ही आवेदन नहीं किया था, लेकिन बाद में यूटी प्रशासन ने इन नियमों को बदलकर संस्थान से आवेदन करने वाले अन्य चिकित्सकों को इंटरव्यू के लिए उपयुक्त पाया और उनको कॉल कर ली। ऐसे में उनको भी आवदेन करने का मौका दिया जाएं।

पीजीआई के डाक्टर ने दी थी पहले चुनौती
जीएमसीएच-32 के डायरेक्टर प्रिंसिपल पद को इससे पहले चुनौती पीजीआई के डाक्टर एसके सिंह ने कैट में दी थी। कैट ने मामले में सुनवाई करते हुए यूपीएससी को इंटरव्यू में शामिल करने का आदेश जारी किया था। यूटी प्रशासन की सिफारिश पर बाद में यूपीएससी ने जीएमसीएच के डॉ. बीएस चवन, डॉ. जगदीश चंद्र, डॉ. सुमन कोचर, डॉ. एसके जनमेजा और डॉ. अर्जुन दास को इंटरव्यू के लिए बुलाया था।

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