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टिक्करताल में चार युवक डूबे

Chandigarh Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
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मोरनी। टिक्करताल पर्यटन केंद्र की झील में रविवार बाद दोपहर नहाने उतरे चार युवक डूब गए। इनमें से एक युवक की लाश गोताखोरों ने सायं 6 बजे स्थानीय पुलिस क ी मौजूदगी में झील से बाहर निकाल ली है, जबकि प्रत्यक्षदर्शियों और युवकों के कपड़ाें के आधार पर चलाए गए तलाशी अभियान में तीन युवकों का पता नहीं चल सका। वहीं, अंधेरा होने जाने की वजह सेे अभियान रोकना पड़ा। इनकी तलाश अब सोमवार को होगी।
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जानकारी के अनुसार झील के किनारे से चार युवकों के कपड़े (तीन नीले रंग की जींस, एक क्रीम कलर की काटराइज की पैंट, एक टी-शर्ट और तीन चेक कमीजें, तीन जोड़ी चपल, एक सफेद रंग का स्पोर्ट्स शूूज, एक हेलमेट और चार युवकों के मोबाइल) बरामद हुए हैं। पुलिस द्वारा कपड़ों की तलाशी लिए जाने के बाद उसमें से दो मोटरसाइकिल की आरसी और दो चाबियां मिली हैं। आरसी में एक युवक का नाम जतिन पुत्र बाबू राम मकान नंबर 1451, हाउसिंग बोर्ड कालोनी सेक्टर-26 पंचकूला लिखा हुआ है। दूसरे युवक का नाम जसविंदर पुत्र विजेंदर कुमार, पता मकान नंबर 24, मोगीनंद पुलिस कालोनी का लिखा है।

वन विभाग के कार्य में लगे मजदूरों के अनुसार दोपहर को चार युवक बार-बार मना करने के बावजूद पर्यटन केंद्र की झील टिक्करताल में नहाने के लिए उतर गए। वह काफी देर तक पानी में नहाते रहे। शाम पांच बजे के आसपास जब मजदूर छुट्टी कर घरजाने के लिए निकले तो वहां चारों युवकों के कपडे़ व जूते पडे़ हुए दिखाई दिए। जबकि युवक कहीं नजर नहीं आए। इसके बाद मजदूरों ने मोरनी पुलिस चौकी और पर्यटन केंद्र में जानकारी दी। मोरनी पुलिस चौकी प्रभारी परमजीत सिंह ने बताया कि आला अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। अंधेरा होने के कारण युवकों की तलाश का कार्य रोक दिया गया है। कल सुबह फिर से युवकों की तलाश की जाएगी।
परमजीत सिंह ने बताया कि स्थानीय गोताखोरों की मदद से सायं छह बजे एक युवक की लाश ढूंढ निकलवाई गई है, लेकिन युवक की शिनाख्त नहीं हो पाई है। वहीं, तीन युवकों का झील के पानी में कहीं पता नहीं चल पाया है।
इस बारे में मोरनी पर्यटन केंद्र के प्रभारी रंजन अरोड़ा ने कहा कि वीकेंड पर पर्यटन केन्द्र में काफी ज्यादा भीड़ होती है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पर्यटन निगम द्वारा चेतावनी बोर्ड लगा दिया गया है। जैसे ही कोई नहाता देखा जाता है, तो उसको मना किया जाता है, लेकिन कई युवक शरारती होते हैं, जो नशे की हालत में उल्टा उन्हें ही धमकाने लग जाते हैं।


हादसों के लिए काफी चर्चित रही है झील
मोरनी। टिक्करताल में हादसे से पर्यटन निगम की लापरवाही की पोल फिर से खुल गई। पर्यटन निगम ने ताल में बोटिंग का काम प्रबंध तो कर रखा है मगर पानी में डूबने से होने वाले किसी भी हादसे से निपटने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं है। यहां पर न तो कोई आपातकाल के लिए ट्रेंड गोताखोर हैं, न ही एंबुलेंस। इसके अलावा आपातकाल में कहीं पर फोन करने के लिए किसी मोबाइल की रेंज भी नहीं है। यह झील हादसों के लिए काफी चर्चित रही है। बीते वर्षों में नाडा गांव के युवक के डूबने की घटना के अलावा झील में कई अन्य डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। फिर भी पर्यटन निगम ने कोई सबक नहीं लिया। पर्यटन विभाग की ओर से टिक्करताल के किनारे मात्र चेतावनी बोर्ड लगाकर अपना फर्ज पूरा कर दिया गया है। जबकि इस केंद्र पर निगम सुरक्षा के लिहाज से कोई सिक्योरिटी का इंतजाम भी कर सकता था। इस मामले को लेकर ‘अमर उजाला’ ने बार पर्यटन निगम को चेताया भी है।

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