देश में हर साल दो लाख मानव तस्करी!

Chandigarh Updated Mon, 30 Jul 2012 12:00 PM IST
चंडीगढ़। भारत में हर वर्ष करीब दो लाख मानवों की तस्करी हो रही है। बच्चे और महिलाएं इसके सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं। वेश्यावृत्ति, आर्गन ट्रेड, चाइल्ड लेबर, जबरन शादी और प्रोनोग्राफी के लिए मानव तस्करी की जा रही है। आतंकवाद एवं नक्सलवाद में भी इन्हें जबरन धकेला जा रहा है। तस्करों का निशाना बने लोगों में से 60 फीसदी 18 साल से कम उम्र के बच्चे हैं। लापता हुए ज्यादातर बच्चों और महिलाओं के मानव तस्करी का शिकार होने का अंदेशा है। देश में लापता बच्चों और महिलाओं में से 33 फीसदी ट्रेस नहीं हो पा रहे हैं। चंडीगढ़ ज्यूडिशियल अकादमी में रविवार को मानव तस्करी पर आयोजित सेमिनार में यह खुलासा हुआ।
स्टेट लीगल सर्विस अथारिटीज की ओर से आयोजित सेमिनार में विशषज्ञों ने कहा कि भारत, मानव तस्करी का ट्रांजिट कंट्री बनता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में सालाना करीब 2.5 मिलियन मानव तस्करी होती है। भारत में यह संख्या करीब दो लाख है। इनमें से 10 फीसदी की विदेशों को और 90 फीसदी देश में ट्रैफिकिंग हो रही है। दिल्ली की एक एनजीओ के सर्वेक्षण का हवाला देते हुए सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी डा. पीएम नायर ने कहा कि वर्ष 2008-09 में 1,17480 लोग लापता हुए, जिनमें 41,546 लोग ट्रेस नहीं हो पाए। साल 2009 से 11 तक करीब 1.77 लाख लोग लापता हुए, जिनमें से 50 हजार से ज्यादा का अभी तक कोई अता-पता नहीं चल पाया है। सेमिनार में विशेषज्ञों ने कहा कि कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों में मानव तस्करी ज्यादा हो रही है। पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्य इसमें शामिल हैं। भारत में नेपाल व बांग्लादेश से भी तस्करी हो रही है।
----- कोट-----
- मानव तस्करी को लेकर दिल्ली की एक एनजीओ के सर्वे का डाटा उपलब्ध है। बड़े पैमाने पर मानव तस्करी के मद्देनजर सरकार इस बारे में लोगों को सेंसटाइज कर रही है। यह सेमिनार भी इसी का हिस्सा है।
- बी भामाथी, अतिरिक्त सचिव, गृह मंत्रालय, भारत सरकार

गुमशुदा बच्चों के लिए बने राष्ट्रीय केंद्र : जस्टिस
चंडीगढ़। गुमशुदा बच्चों की खोज के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक केंद्र बनाने की जरूरत है। इस केंद्र के जरिए गुमशुदा बच्चों को लेकर सूचनाओं का आदान-प्रदान राष्ट्रीय स्तर पर हो सकेगा। इसके अलावा इस बारे में अलग वेबसाइट भी बनाई जानी चाहिए। मानव तस्करी को रोकने के लिए प्रशासन, पुलिस और न्यायपालिका को संयुक्त प्रयास करने होंगे। मानव तस्करी की जड़ तक जाने की जरूरत है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जसबीर सिंह ने रविवार को चंडीगढ़ में मानव तस्करी पर आयोजित सेमिनार में यह कहा। स्टेट लीगल सर्विस अथारिटी की ओर से आयोजित इस सेमिनार में कई न्यायविदों ने अपने विचार रखे।
न्यायमूर्ति जसबीर सिंह ने कहा कि हाल ही में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्णय में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में पुलिस के लिए शिशु गुम होने के बारे में हरेक शिकायत पर एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य किया है। गुमशुदा व्यक्ति की फोटो मीडिया में प्रकाशित होनी चाहिए। उन्होंने मानव तस्करी को सभ्य समाज पर कलंक करार दिया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट न्यायालय के जज सतीश कुमार मित्तल ने कहा कि मानव तस्करी अपराध बन गया है। बच्चों की तस्करी की घटनाएं बढ़ रही हैं। लगभग 60 प्रतिशत तस्करी के शिकार बच्चे 18 वर्ष से कम आयु के हैं। इस पर ध्यान केंद्रित करने के लिए जागरूकता की जरूरत है। मुंबई उच्च न्यायालय की न्यायाधीश रोशन दलवी ने यौन उत्पीड़न से संबंधित कानूनों और मानव तस्करी के कारणों पर बल दिया। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष प्रो. सांथा सिन्हा ने बाल श्रम रोकने पर जोर दिया। फैमिली कोर्ट मुंबई की जज स्वाति चौहान ने सेक्सुअल क्राइम के कारणों पर प्रकाश डाला। स्पेशल डीजी, सीआरपीएफ डा. पीएम नायर ने मानव तस्करी पर डाक्यूमेंटरी प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए एकजुट होकर काम करने की जरूरत है। हरियाणा न्यायिक प्रशासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव समीर माथुर, सदस्य सचिव, राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण यू सारथचंद्रन, अध्यक्ष शक्ति वाहिनी रविकांत ने भी अपने विचार रखे। गृह विभाग पंजाब के प्रधान सचिव डीएस बैंस ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

Spotlight

Most Read

Budaun

संरक्षित स्मारक रोजा को मजहबी रंग देने की कोशिश

संरक्षित स्मारक रोजा को मजहबी रंग देने की कोशिश

21 जनवरी 2018

Related Videos

मरने के बाद भी जिंदा रहेंगे ये बॉलीवुड कलाकार, आप भी देखें, कैसे...

बॉलीवुड कलाकारों को हम सिर्फ मनोरंजन की नजर से देखते हैं। लेकिन कुछ कलाकारों के नेक कामों को जानकार आप उनकी इज्जत पहले से ज्यादा करने लगेंगे...आइए देखते हैं कैसे...

21 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper