स्कूल में तीसरी मंजिल से गिरे तीन छात्र

Chandigarh Updated Sat, 28 Jul 2012 12:00 PM IST
चंडीगढ़। शहर के स्कूलों में बच्चों की जान से खिलवाड़ होने की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। सेक्टर 18 सरकारी स्कूल की छात्रा अनुपमा की मौत के बाद शुक्रवार को सेक्टर-11 स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल में प्रशासन की एक और लापरवाही उजागर हुई। इस स्कूल में शुक्रवार को रिसेस के दौरान तीसरी मंजिल पर पेड़ से फल तोड़ने की कोशिश कर रहे तीन छात्र रेलिंग की ग्रिल टूटने से नीचे गिर गए। आठवीं कक्षा के घायल इन तीनों छात्रों को सामान्य अस्पताल-16 में लाया गया, जहां एक की हालत गंभीर बनी हुई है। तीनों छात्र जिस जगह पर गिरे, वहां पर मिट्टी होने की वजह से मासूमाें की जान बच गई। यह बिल्डिंग पिछले साल ही तैयार करके स्कूल को सौंपी गई थी। इस वजह से यह सवाल उठ रहा है कि इतनी जल्दी ग्रिल कैसे टूट गई।
सेक्टर-11 सरकारी स्कूल में सुबह करीब 11.15 बजे रिसेस के दौरान आठवीं कक्षा के छात्र राजेश, राकेश और रंजीत खेलते हुए प्राइमरी विंग की तीसरी मंजिल की रेलिंग के पास खड़े हो गए। तीनों वहां से रेलिंग के पास पेड़ पर लगे अंडालिची फल को तोड़ने लगे। वहां रेलिंग पर लगी ग्रिल इतनी कमजोर थी कि छात्रों का बोझ भी सहन नहीं कर सकी और टूट गई। ग्रिल टूटने से राकेश सीधा जमीन पर नीचे आ गिरा। रंजीत ने गिरने से पहले पेड़ की टहनी को पकड़ लिया और राजेश उसके पैर पकड़कर, पेड़ से लटक गया। थोड़ी देर बाद वे दोनों भी जमीन पर गिर पड़े। स्कूल की वाइस प्रिंसिपल कुलवंत कौर ने कहा कि जैसे ही बच्चों के ऊपर से गिरने की सूचना मिली, सभी टीचर मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस और एंबुलेंस को इसकी सूचना दी गई और उन्हें अस्पताल में दाखिल कराया गया। घटना के बाद तीनों स्टूडेंट के परिजन भी अस्पताल में पहुंचे। परिजनों ने बताया कि राकेश के मुंह और कान से खून निकलने लगा और उसका पैर और दांत टूट गए। वहीं, राजेश का हाथ फ्रैक्चर हो गया, रंजीत को भी गुम चोटें आई हैं।


ग्रिल के टूटने पर परिजनों ने उठाए सवाल
घायल राकेश के भाई पेंटर प्रेम ने बताया कि पिता की मौत के बाद राकेश उनके साथ ही रहता है। इतनी चोट लगने के बाद अब वह कैसे पढ़ाई करेगा, इसकी चिंता सताने लगी है। उसने कहा कि ग्रिल टूटने से यह हादसा हुआ। लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई करनी चाहिए। नयागांव निवासी राजेश की मां ने कहा कि ग्रिल टूटने की प्रशासन को जांच करवानी चाहिए।

वर्जन
जैसे ही उन्हें घटना की जानकारी मिले, मौके पर पहुंच गए। रिसेस के दौरान भी स्टूडेंट्स की पूरी निगरानी की जाती है। यह बिल्डिंग 2011 में ही प्रशासन की ओर से स्कूल को सौँपी गई है।
- सतपाल सिंह, प्रिंसिपल, गवर्नमेंट हाई स्कूल, सेक्टर 11

निर्माण में लापरवाही तो होगी कार्रवाई
सभी सरकारी स्कूलों की बिल्ंिडग में सुरक्षा को लेकर आदेश जारी किए गए हैं। घटना वाली बिल्ंिडग अभी नई ही है। कंस्ट्रक्शन में अगर कोई लापरवाही मिली तो कार्रवाई होगी। सभी बिल्ंिडग की जांच के लिए इंजीनियरिंग विभाग को चिट्ठी लिखी जाएगी। सभी स्कूल प्रिंसिपल से भी रिपोर्ट मांगी गई है।
- रामकुमार शर्मा (जिला शिक्षा अधिकारी)


कहां-कहां हुई लापरवाही
- पिछले साल ही स्कूल प्रशासन को सौंपी गई नई इमारत की ग्रिल इतनी जल्दी कैसे टूट गई।
- स्कूल में ग्रिल की इतनी कमजोर व्यवस्था क्यों बनाई गई। ग्रिल कम ऊंची क्यों रखी गई।
- बच्चों को फल तोड़ने से क्यों नहीं रोका जा रहा था, कोई भी निगरानी के लिए तैनात क्यों नहीं था।

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