न आडिटोरियम बना, न डेंटल अस्पताल

Chandigarh Updated Fri, 20 Jul 2012 12:00 PM IST
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में कई इमारतों का निर्माण वर्षों से पूरा नहीं हो सका है। किसी भवन का काम फंड की कमी के कारण नहीं हो सका है, कहीं तकनीकी दिक्कतें आड़े आ गईं। अधूरी इमारतों का निर्माण कार्य पूरा कराना पीयू के नए कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने तीन नवंबर, 2009 को सेक्टर-25 स्थित साउथ कैंपस में मल्टीपर्पज आडिटोरियम की नींव रखी थी, लेकिन इसका निर्माण दो माह पहले ही शुरू हुआ है। काम पूरा होने में एक साल लग सकता है। देरी के चलते आडिटोरियम की लागत भी 10 करोड़ रुपये बढ़ गई है। इस आडिटोरियम के निर्माण के लिए पीयू और कालेजों के विद्यार्थियों से पिछले कई वर्षों से फीस वसूली जा रही है।
पीयू में कालेज भवन का निर्माण भी वर्षों से अटका है। इसके लिए भी विद्यार्थियों से फंड लिया गया था। पीयू के डॉ. एचएस जज इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस एंड हास्पिटल में एक सौ बेड के अस्पताल का निर्माण भी दो साल से अधूरा पड़ा है। पीयू में परीक्षा हॉल बिल्डिंग के निर्माण को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सेक्टर-25 स्थित साउथ कैंपस में सेंटर फॉर इमरजिंग एरियाज इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी का निर्माण भी अधूरा है। इसी कैंपस में लड़कों के हॉस्टल नंबर आठ का निर्माण कार्य भी पूरा नहीं हो सका है। इसके अलावा साउथ कैंपस में कई और भी भवनों का काम लटका है।
निर्माण में घटिया सामग्री के प्रयोग का लग चुका है आरोप
पीयू की इमारतों के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल होने का खुलासा होने के बाद जांच के आदेश दिए गए। जांच शुरू हुई, लेकिन कुछ ही दिन बाद बंद हो गई। जांच कमेटी की मात्र दो बैठकें हुई। कमेटी के सदस्यों का कहना है कि जानबूझ कर जांच को दबा दिया गया। पीयू सीनेट की पिछले साल हुई बैठक में एक सदस्य हरदिलजीत सिंह गोसल ने पीयू में निर्माणाधीन एक बिल्डिंग के काम में इस्तेमाल हो रही ईंट को तोड़कर सनसनी फैला दी थी। पीयू के सीनेट सदस्यों का कहना है कि पीयू में पिछले तीन-चार वर्षों में हुए निर्माण की सीबीआई जांच होनी चाहिए, क्योंकि निर्माण में न सिर्फ घटिया सामग्री का प्रयोग हुआ था बल्कि कई अन्य अनियमितताएं भी हुई हैं। पीयू के कंस्ट्रक्शन विभाग के एक्सईएन सतीश कदम और एसडीओ नंद लाल को दो साल पहले सीबीआई ने एक ठेकेदार से रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार भी किया था।
नींव पत्थर पर भी वीसी का नाम
अपने कार्यकाल में कुलपति प्रो. आरसी सोबती मल्टीपर्पज आडिटोरियम का काम चाहे पूरा नहीं करा सके, लेकिन इसके नींव पत्थर पर उनका नाम भी प्रधानमंत्री के नाम के साथ लिखा है। पीयू ने इस नींव पत्थर को काफी संभाल कर रखा है।

Spotlight

Most Read

Madhya Pradesh

MP निकाय चुनाव: कांग्रेस और भाजपा ने जीतीं 9-9 सीटें, एक पर निर्दलीय विजयी

मध्य प्रदेश में 19 नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्ष पद पर हुए चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

20 जनवरी 2018

Related Videos

इस मराठी फिल्म का रीमेक लेकर आ रहे हैं करण जौहर, पोस्टर जारी

मराठी फिल्म 'सैराट' की रीमेक ‘धड़क’ 20 जुलाई को रिलीज हो रही है। इस बात की घोषणा फिल्म के प्रोड्यूसर करन जौहर ने की। इसके साथ ही करन जौहर ने धड़क का नया पोस्टर भी जारी किया है। जिसमें जाह्नवी और ईशान की रोमांटिक केमिस्ट्री भी दिख रही है।

20 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper