बिना खेले दे दिया फाइनल का खिताब

Chandigarh Updated Thu, 19 Jul 2012 12:00 PM IST
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पंचकूला। इंटर स्कूल जोनल प्रतियोगिता मजाक बनकर रह गई है। कभी खिलाड़ियों को बिना खेले वापस भेज दिया जाता है तो कभी भेदभाव का रवैया अपनाकर बिना खेले एक टीम को फाइनल का खिताब दे दिया जाता है। मंगलवार को भी ऐसा ही मामला सामने आया। मुकाबले में फुटबाल के मैच में चंडीमंदिर आर्मी पब्लिक स्कूल ने सेक्टर-20 स्थित संस्कृति माडल स्कूल को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। फाइनल में उसका मुकाबला सतलुज पब्लिक स्कूल से होना था। आरोप है कि सेमीफाइनल मैच जीतने के तुरंत बाद टीम को फाइनल खेलने को कह दिया गया। आर्मी पब्लिक स्कूल की टीम ने कहा कि उसे अभी कुछ समय चाहिए, जिससे उनकी थकावट उतर सके। इस पर प्रतियोगिता के अधिकारी भड़क गए और कहा कि टीम के मुताबिक मैनेजमेंट नहीं चल सकता है। कुछ देर बाद वाक ओवर कर सतलुज टीम को फाइनल का खिताब दे दिया गया। अधिकारियों के इस रवैये से आर्मी पब्लिक स्कूल के बच्चों और मैनेजमेंट में खासा रोष है, क्योंकि उनका सपना टूट गया। टूर्नामेंट जीतने के लिए उनकी टीम ने खासी मेहनत की थी। उल्लेखनीय है कि जोनल टूर्नामेंट जीतने के बाद टीम का चयन जिला स्तर प्रतियोगिता के लिए किया जाता है।
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आर्मी पब्लिक स्कूल के फिजिकल एजुकेशन के टीचर और कोच ने असिस्टेंट एजूकेशन आफिसर को इस मामले की पूरी जानकारी दी तो उन्होंने मौके पर पहुंचने की बात कही। अधिकारी जब तक पहुंचते तब तक फाइनल का फैसला हो चुका था। उन्होंने फिर से इस मामले की सुनवाई के लिए अगले दिन यानी बुधवार सुबह आठ बजे बुलाया। अगले दिन खिलाड़ी और कोच मैदान में पहुंच गए, लेकिन अधिकारी नहीं आए। फोन किया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में आप जोनल सेक्रेटरी इंदू दहिया से बात कर लें। जब कोच ने इंदू दहिया से बात की तो उन्होंने कहा कि मैच का फैसला हो चुका है। अब इसमें कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता। इससे खिलाड़ी और कोच मायूस होकर वापस लौट आए।
कोट
शिक्षा विभाग का रवैया काफी लापरवाही वाला है। दूसरी टीम को जिताने के लिए विभाग ने आर्मी पब्लिक स्कूल की टीम के साथ भेदभाव किया है। इससे बच्चे काफी मायूस हो गए हैं।
राजदेविंदर कौर जौहल, फिजिकल शिक्षिका, आर्मी पब्लिक स्कूल
कोट
अंडर-17 और अंडर-14 टीम को जब अगले दिन का मौका दिया जा सकता है तो हमारी टीम को क्यों नहीं। यह सोची-समझी चाल थी। इसकी जांच होनी चाहिए।
सोहन, कोच आर्मी पब्लिक स्कूल, चंडीमंदिर
कोट
इस मामले में आप जोनल सेक्रेटरी से बात करें तो ज्यादा अच्छा होगा। इसका फैसला जो उन्होंने लिया वही सही है।
जयभगवान पन्नु, असिस्टेंट एजूकेशन आफिसर
कोट
आर्मी पब्लिक स्कूल के टीम के सारे आरोप बेबुनियाद हैं। फैसले के दौरान उनकी टीम का कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था।
इंदू दहिया, जोनल सेक्रेटरी, इंटर स्कूल जोनल प्रतियोगिता
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