शहर में मौत बनकर दौड़ी बेकाबू बस

Chandigarh Updated Tue, 17 Jul 2012 12:00 PM IST
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चंडीगढ़। पंजाब रोडवेज के बस चालक ने घोर लापरवाही बरतते हुए सोमवार दोपहर सेक्टर 43/44 की डिवाइडिंग पर बेकाबू बस से रिक्शा सवार एक बच्ची और महिला को कुचल दिया। इस हादसे में दोनों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। बस इतनी बेकाबू थी कि उसने 100 मीटर के दायरे में ही ग्रीन बेल्ट पर चढ़ते हुए चार पेड़ों को तोड़ दिया और एक बड़े पेड़ से टकराने के बाद ही रुकी। इससे बस में सवार 21 यात्रियों की भी जान पर बन आई। चालक ने इस कदर लापरवाही बरती कि होशियारपुर जाने के लिए सेक्टर-43/44/50/52 चौराहे से यू-टर्न लेने की बजाय बाई ओर 43/44 की डिवाइडिंग रोड की ओर मुड़ गया। पुलिस ने सेक्टर-36 थाने में पंजाब रोडवेज के बस ड्राइवर शिरणजीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस घटना में घायल मृतक बच्ची की मां समेत आठ लोगों का पीजीआई और जीएमसीएच-32 में इलाज चल रहा है। इस हादसे की वजह से यह रोड लगभग एक घंटे तक बाधित रहा।
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सोमवार दोपहर करीब 1.15 बजे सेक्टर 43 बस स्टैंड से होशियारपुर के लिए पंजाब रोडवेज की बस निकली। पुलिस और रोडवेज अधिकारियों के मुताबिक बस को होशियारपुर जाने के लिए 43/44/50/52 चौराहे से यू-टर्न लेना था, लेकि न बस चालक ने बस को सेक्टर-43/44 की डिवाइडिंग रोड की तरफ मोड़ दिया। यहां पर बेकाबू बस ने एक रिक्शे को कुचल दिया। इससे रिक्शे पर सवार कजहेड़ी निवासी दो वर्षीय बच्ची प्रिया, उसकी बुआ शोभा (35) और उसकी मां अनीता (38) समेत रिक्शा चालक रामभजन बुरी तरह घायल हो गए। हादसे में घायल प्रिया और हिमाचल के ऊना जिले की अम्ब निवासी शोभा ने दम तोड़ दिया। इसके बाद भी बेकाबू बस के ब्रेक नहीं लगे और वह एक के बाद एक चार पेड़ों को तोड़ते हुए एक बड़े पेड़ से टकराकर रुक गई। बस का अगला हिस्सा भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और सवारियों में हड़कंप मचने से एक महिला सवारी गेट से ही कूद गई, जिसे उसे चोटें आईं।
पीजीआई में उपचाराधीन रिक्शा चालक रामभजन ने बताया कि सेक्टर-42 से वह सेक्टर-44 की मार्केट के लिए जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रही बस ने टक्कर मारी, जिससे वह दूर जाकर गिरा और बेहोश हो गया। हादसा इतना भयावह था कि टूटे हुए रिक्शे और आसपास मृतकों की चप्पल, अन्य सामान और खून बिखरा हुआ था।
वर्जन
बस चालक को चौराहे से यू टर्न लेना था, लेकिन वह सेक्टर-43/44 की तरफ मुड़ गया। फिलहाल इस घटना में हुए घायलों का इलाज चल रहा है और आरोपी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
सुरेंद्र कुमार गौतम, जांच अधिकारी।

मेरी बेटी को लौटा दो...
मृतक बच्ची प्रिया के पिता सुरेश, सेक्टर-18 में ढाबा चलाते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी अनीता के अंगूठे में चोट लगी थी। इसके एक्स रे के लिए वह सेक्टर-44 जा रही थी। इस दौरान हिमाचल से आई उनकी बहन और बेटी भी रिक्शे में सवार थी। बेटी के गम में सुरेश का बुरा हाल था। वह बार-बार यही कह रहे थे मेरी बेटी को लौटा दो। सुरेश ने कहा कि उसने सुबह ही अपने हाथों से बच्ची को खाना खिलाया था।

ड्राइवर की लापरवाही या पड़ा था दौरा
बस के बेकाबू होने की वजह का पुलिस खुलासा नहीं कर रही है, लेकिन इसमें बैठे सवारियों की माने तो होशियारपुर डिपो की बस (पीबी-07एस-2704) के अड्डे से निकलने के चंद मिनटों बाद ही हादसा हो गया। जब घटना हुई उस वक्त ड्राइवर बैक मिरर की तरफ ही लगातार देख रहा था। पुलिस के मुताबिक उसे दौरा पड़ने की वजह से ऐसा हुआ और वह गर्दन भी नहीं हिला पा रहा था। पीजीआई में इलाज के दौरान ड्राइवर होशियारपुर निवासी शरणजीत ने कहा कि उसने सैंडल पहन रखी थी, उसके अड़ जाने की वजह से वह ब्रेक नहीं लगा सका। सवाल यह उठता है कि अगर ड्राइवर को दौरे पड़ते हैं तो दर्जनों सवारियों को लेकर उसे लांग रूट पर चलने की इजाजत किसने दी।
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