सरकारी कमेटी को पूर्व फौजियों ने नकारा

Chandigarh Updated Sun, 15 Jul 2012 12:00 PM IST
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मोहाली। वन रैंक वन पेंशन जैसे कई मुद्दों के संबंध में केंद्र सरकार द्वारा गठित कमेटी को पूर्व फौजियों ने नकार दिया है। यह फैसला शनिवार को हुई आल इंडिया डिफेंस ब्रदरहुड की मीटिंग में लिया गया।
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संगठन के प्रधान ब्रिगेडियर हरवंत सिंह ने कहा कि कमेटी का नकारने के कई कारण हैं। सबसे पहले, इसमें किसी भी मौजूदा या पूर्व सैन्य अधिकारी को नहीं लिया गया है। कमेटी में सारे ब्यूरोक्रेट हैं, जो फौजियों के काम की परिस्थितियों, उनकी समस्याओं को नहीं समझ सकते। इससे पहले राजनीतिज्ञों की अगुवाई में गठित कई पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटियों ने फौजियों के हक में सिफारिशें कीं, पर उन्हें नकार दिया गया। जबकि, एक कैबिनेट सेक्रेटरी कमेटी ने पूर्व फौजियों के हकों के खिलाफ सिफारिशें कीं, उन्हें मान लिया गया। नई कमेटी भी उसी का अवतार है, इसके द्वारा भी पुराने जैसे नकारात्मक सिफारिशों की ही उम्मीद है। कमेटी को नकारने का यह भी कारण हैं कि इसके टर्म ऑफ रेफ्रेंस में कई अहम मुद्दों को शामिल नहीं किया गया है। इसलिए यह कमेटी भी सिर्फ एक छलावा ही है, इससे पूर्व फौजियों को कोई खास उम्मीद नहीं है। यह भी पहले की कैबिनेट सेक्रेटरी कमेटी की तरह ही सिफारिशें करेगी। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार वाकई फौजियों का भला चाहती तो लोगों के नुमाइंदों की अगुवाई में गठित कमेटियों की सिफारिशों को लागू किया जाता।
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