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60 : 40 ही रहें पंजाब-हरियाणा के अफसर

Chandigarh Updated Tue, 12 Jun 2012 12:00 PM IST
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चंडीगढ़। केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ यूटी में पंजाब और हरियाणा से आईएएस, आईपीएस और राज्य काडर के अन्य अधिकारियाें की तैनाती के लिए 60:40 के अनुपात को बनाए रखने के लिए कहा है। इस संबंध में केंद्रीय गृह सचिव ने यूटी प्रशासक के साथ बात भी की है।
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पंजाब सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को भेेजे एक पत्र में यह अनुपात बनाए रखने विश्वास दिलाया है। बादल द्वारा प्रधानमंत्री के साथ हुई विभिन्न मुलाकातों के दौरान लगातार आपत्ति उठाए जाने के बाद गृह मंत्रालय द्वारा यह आश्वासन दिया गया है।
बादल क ो लिखे पत्र में चिदंबरम ने कहा कि उनका मंत्रालय चंडीगढ़ के प्रति पंजाब और हरियाणा की गंभीरता के संबंध में विशेष रूप से फिक्र मंद है। इस कारण दोनों राज्यों के 60:40 के अनुपात और चंडीगढ़ प्रशासन में उनकी भूमिका के बारे गलतफहमियां पैदा करने वाला ऐसा कोई कदम नही उठाया जाएगा।
पत्र में यह भी जानकारी दी गई है कि केंद्रीय गृह सचिव इस संबंध में चंडीगढ़ के प्रशासक के साथ बातचीत भी कर चुके है। प्रशासक को यह भी कहा गया है कि पंजाब एवं हरियाणा के बीच 60:40 अनुपात क ो विश्वसनीय बनाया जाए और न केवल पदों के लिए बल्कि दोनो राज्यों के अधिकारियों के बीच विभागों के वितरण भी पहले की तरह ही होने चाहिए। इसका उल्लंघन नहीं होना चाहिए।

पंजाब ने जताई थी चिंता :
पंजाब सरकार ने हरियाणा सरकार द्वारा मौजूदा फार्मूले का उल्लंघन करके चंडीगढ़ प्रशासन में अधिकारियों की तैनाती करने के मामले पर चिंता जाहिर की थी। बादल ने विभिन्न समय पर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के आगे इस मामले को उठाया था। यूटी में बस कंडक्टरों की भर्ती का मुद्दा पंजाब विधानसभा में भी जोर शोर से उठा था और राज्यपाल और यूटी के प्रशासक से पंजाब की ओर से सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल मिला था। इसके बाद यह भर्ती रद कर दी गई थी। इन कंडक्टरों में ज्यादा हरियाणा के ही युवाओं को रखा गया था।
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सचिव के दो पद बनाने से पैदा हुआ विवाद
चंडीगढ़ (ब्यूरो)। यूटी प्रशासन में सचिव के दो नए पद बनाने से विवाद पैदा हुआ था। इस पर पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिंदबरम को पत्र लिखा था। यूटी कैडर के अफसरों को इन दो पदों पर तैनात किया गया है। जब से यूटी चंडीगढ़ बना है, तब से पंजाब और हरियाणा के अफसर ही यहां तैनात होते रहे हैं और यह अनुपात 60:40 का रहा है। अब इसमें कमी आने लगी है जिस पर दोनों राज्यों को एतराज है।
कुछ समय पहले यूटी कॉडर के अधिकारियों को कई अहम विभाग दे दिए गए थे। जब पंजाब-हरियाणा ने विरोध जताया तब यूटी प्रशासन ने यूटी कॉडर के अधिकारियों के पास से विभाग वापस ले लिए। इस विवाद से पहले भी यूटी कॉडर के कुछ अधिकारियोें को कम अनुभव के बाद भी सचिव जैसे पद देकर विवाद को जन्म दिया गया था। उस वक्त तो हरियाणा के एचसीएस अधिकारियों ने भी लॉबिंग करनी शुरू कर दी थी। दरअसल जब चंडीगढ़ का निर्माण हुआ तभी से यहां पर पंजाब और हरियाणा के अधिकारियों को साठ और चालीस फीसदी के हिसाब से कार्य का विभाजन और उनको पदों को देने की व्यवस्था हुई। उसके बाद में एजीएमयूटी कॉडर(अरुणांचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और यूनियन टेरेटरी कॉडर) बना। हालांकि इस कॉडर के अधिकारियों को अभी तक चंडीगढ़ में हिस्सेदारी के तौर पर कुछ नहीं मिला।

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