'My Result Plus
'My Result Plus 'My Result Plus

सुकमा: नक्सल प्रभावित ये गांव 15 साल बाद हुआ रौशन, गांव में जश्न

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Updated Mon, 09 Apr 2018 09:59 AM IST
sukma's naxal affected chintalnar village electrified after 15 years
ख़बर सुनें
सुकमा के नक्सल प्रभावित चिंतालनगर गांव में 15 सालों बाद बिजली आई है। नक्सल प्रभावित इस क्षेत्र में लोग प्राथमिक सुविधाओं के लिए मोहताज थे। सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी इन गांवों को 15 सालों तक अंधेरे में रहना पड़ा। क्योंकि नक्सलियों ने यहां बाधा डाला। कई बार बिजली के तारों को उखाड़ फेंका और ट्रांसफॉर्मर फूंक दिए जिससे गांवों तक बिजली न पहुंचे। नक्सल प्रभावित इस क्षेत्र के चिंतलनाल गांव में 15 साल बाद बिजली पहुंची है।
गांववालों ने खुशी जताते हुए कहा कि नक्सलियों ने सारी सुविधाएं तबाह कर दीं। इस क्षेत्र में नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच कई बार एनकाउंटर हुए हैं। चिंतालनगर गांव निवासी एक महिला का कहना है कि हम अपने गांव में बिजली आने से बहुत खुश हैं। अब हम बिजली से मिलने वाली सारी सुविधाओं का लाभ उठा पाएंगे। महिला ने कहा कि अब हम फ्रिज और टीवी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह का कहना है कि अंधेरे में कई साले से खोए रहने के बाद चिंतालनगर और जगरगुंडा गांव दोबारा चमक गए हैं। नकसलियों ने गांव वालों को बिजली से वंचित कर दिया था। साथ ही सेना के जवानों ने भी बहुत से त्याग किए हैं, न तो उन्हें अच्छी सड़क मिल पाई और न ही संचार और बिजली जैसी सुविधाएं। सीएम ने कहा कि अब उनका त्याग व्यर्थ नहीं जाएगा।

 


 

RELATED

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Lucknow

बैल गाड़ी से विधान परिषद आएंगे कांग्रेस एमएलसी, प्रमुख सचिव से मांगा पास

पेट्रोल-डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी का विरोध करते हुए कांग्रेसी नेता दीपक सिंह ने विधान परिषद के प्रमुख सचिव को पत्र लिख अनोखी मांग रखी है।

25 मई 2018

Related Videos

नक्सलियों को गृहमंत्री की चुनौती, सामने से लड़ने की हिम्मत नहीं

दंतेवाड़ा नक्सली हमले के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने नक्सलियों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि उनमें इतनी हिम्मत नहीं कि वो आमने-सामने की लड़ाई कर सकें। दंतेवाड़ा नक्सली हमले में सात जवान शहीद हुए।

20 मई 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे कि कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स और सोशल मीडिया साइट्स के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज़ नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज़ हटा सकते हैं और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डेटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy और Privacy Policy के बारे में और पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen