विज्ञापन

मतदान के बाद अंगुली पर स्याही न लगाएं नहीं तो नक्सली मार देंगे, बस्तर के ग्रामीणों की गुहार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Updated Wed, 10 Oct 2018 08:59 AM IST
maoist
maoist
विज्ञापन
ख़बर सुनें
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का खौफ इस कदर समाया हुआ है कि लोग चुनाव में मतदान करने से भी कतराते हैं। नक्सलियों ने ग्रामीणों के चुनाव बहिष्कार करने का एलान कर रखा है। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में लोग चुनाव में मतदान कर अपनी भागीदार करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने प्रशासन से अपनी पहचान गुप्त रखने की गुहार लगाई है। 
विज्ञापन
छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित बस्तर के लोग विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करना चाहते हैं। लेकिन चुनाव में इसकी पहचान के लिए स्याही नहीं लगवाना चाहते। वोटर जागरूकता अभियान के दौरान बस्तर के लोगों ने बीजापुर और सुकमा कलेक्टर को बताया, "वोट डालने के बाद हमारी अंगुली पर स्याही न लगाई जाए, नहीं तो इस स्याही को देखकर नक्सली हमें मार देंगे। हम मतदान करना चाहते हैं, लेकिन नक्सलियों का डर है।" 

वहीं ग्रामीणों की इस मांग पर सीईओ सुब्रत साहू का कहना है कि मुद्दा विचाराधीन है, आयोग मतदान की तारीख के समय ही अंतिम फैसला लेगा। 

बता दें कि छत्तीसगढ़ में पहले चरण में 12 नवंबर को चुनाव होंगे। वहीं दूसरे चरण में 20 नवंबर को मतदान कराए जाएंगे। जिसमें बस्तर की 12 सीटों पर पहले चरण में 12 नवंबर को मतदान होना है। 

वोटिंग के बाद नक्सलियों का खौफ

नक्सली मतदान के बाद गांव-गांव में घूमकर ग्रामीणों के हाथ देखते हैं। अगर किसी की अंगुली पर स्याही के निशान पाए गए तो उसे परेशान किया जाता है। चुनाव में मतदान करने पर हत्या तक करने के मामले सामने आए हैं। इसलिए ग्रामीण मतदान में हिस्सा नहीं लेते। 

बीते चुनावों में बस्तर के अंदरूनी जिले सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर में 100 से अधिक ऐसे बूथ सामने आए थे, जहां एक फीसदी से कम मतदान हुआ। 

चुनाव अधिकारियों की सुरक्षा भी चुनौती

सुरक्षाबलों द्वारा चुनाव अधिकारियों को बूथ तक पहुंचाना भी एक बड़ी समस्या है। कई ऐसे बूथ हैं जहां तक पहुंचने के लिए सड़क ही नहीं है, ऐसी स्थिति में सुरक्षाबल कई किलोमीटर पैदल चलकर और नक्सलियों से अधिकारियों को सुरक्षित रखते हुए पहुंचाने का काम करते हैं। इस प्रकार की समस्याओं से बचने के लिये इस बार चुनाव आयोग प्लानिंग कर रहा है। 
 
जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग ने छत्तीसगढ़ के 1 करोड़ 81 लाख से अधिक मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए इस बार 23 हजार 411 मतदान केंद्र चिन्हित किये है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Chhattisgarh

Chhattisgarh Exit Poll 2018: छत्तीसगढ़ में दिख रही है कांटे की टक्कर, रमन की राह मुश्किल

छत्तीसगढ़ में इस बार नक्सल खतरें को देखते हुए दो चरणों में विधानसभा चुनाव हुए। पहले चरण में 12 नवंबर को 18 नक्सल प्रभावित सीटों पर और 20 नवंबर को बाकी 72 पर चुनाव हुए।  

8 दिसंबर 2018

विज्ञापन

चुनाव नतीजों पर मुस्कुराते हुए रमन सिंह ने किया ये दावा

2018 विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने राज्य में चौथी बार सरकार बनाने का दावा किया है। चुनाव आयोग पर उठते सवालों पर भी रमन सिंह ने आयोग का पक्ष लेते हुए भरोसा रखने को कहा।

9 दिसंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election