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मोहाली: पंजाब के पूर्व डीजीपी परमदीप सिंह गिल समेत 45 लोगों पर अवैध खनन का केस दर्ज

पंजाब के पूर्व डीजीपी परमदीप सिंह गिल समेत 45 लोगों पर अवैध खनन का केस दर्ज किया गया है। जिला खनन अधिकारी की शिकायत पर दर्ज इस मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। जानकारी के मुताबिक, सैनी माजरा में अवैध खनन की शिकायत जिला खनन अधिकारी ने 2019 में दी थी। पूरी जांच पड़ताल के बाद अब इसमें केस दर्ज किया गया है। इससे पहले पुलिस और खनन विभाग में लंबा पत्राचार चला। 

खनन विभाग ने पूरा रिकॉर्ड पुलिस को मुहैया कराया। इसके बाद यह कार्रवाई हो सकी। वहीं, जिला प्रशासन ने एसडीएम खरड़ की अगुवाई में एक कमेटी गठित की थी, जिसने 23 अप्रैल, 2019 को सैनी माजरा का दौरा कर अपनी रिपोर्ट में अवैध खनन की पुष्टि की थी। जिस जमीन पर खनन हुआ, वह पीएस गिल समेत अन्य किसानों की है। माजरी थाने के एसएचओ हिम्मत सिंह ने बताया कि यह केस उनके थाने में दर्ज हुआ है लेकिन परमदीप सिंह गिल पूर्व डीजीपी हैं, इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। क्योंकि एफआईआर में उनका पद नहीं लिखा है। सिर्फ नाम है। 

कौन हैं परमदीप सिंह गिल
परमदीप सिंह गिल 1974 बैच के जम्मू-कश्मीर कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। अकाली दल-बीजेपी की गठबंधन सरकार में 2009 में उन्हें पंजाब का डीजीपी नियुक्त किया गया था और वह 2011 में रिटायर्ड हुए थे। 2012 में उन्होंने मोगा से अकाली दल से विधानसभा चुनाव भी लड़ा।

193 किसानों पर लगाया था 52 करोड़ का जुर्माना
पिछले साल खनन विभाग ने अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी। इस दौरान करीब 193 किसानों पर 52 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसमें मियांपुर चंगल, कुब्बाहेड़ी और अभिपुर के किसान शामिल थे। फिलहाल यह केस डीसी के पास लंबित है। हालांकि विभाग की तरफ से गठित स्पेशल टीमें जांच में जुटी हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर। सांकेतिक तस्वीर।

पंजाब में क्या टूट जाएगा अकाली दल- भाजपा गठबंधन? बीजेपी नेताओं ने उठाई ये मांग

पंजाब भाजपा की गुरुवार को प्रदेश प्रभारी प्रभात झा की उपस्थिति और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्विनी शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में पार्टी पदाधिकारियों ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने की मांग की। चंडीगढ़ स्थित प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित इस बैठक में प्रदेश भाजपा के 35 पदाधिकारी शामिल हुए। 

बैठक का आयोजन प्रदेश इकाई के विस्तार और प्रदेश के नेताओं की पार्टी प्रभारी से आमने-सामने वार्ता के उद्देश्य से किया गया था। सूत्रों का कहना है कि बैठक में कई पदाधिकारियों ने 2022 के विधानसभा चुनाव अकाली दल के साथ मिलकर लड़ने पर अनिच्छा जाहिर की। कुछ पदाधिकारियों ने प्रभात झा से यह भी कहा कि अगर अकाली दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ना ही है तो पूर्व मंत्री मदन मोहन मित्तल के फार्मूले के तहत लड़ा जाए। इसमें मित्तल ने आधी-आधी सीटों पर लड़ने की बात कही थी। यानी भाजपा 59 सीटों पर और अकाली दल 58 सीटों पर चुनाव लड़े।

करीब तीन घंटे चली बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी को गठबंधन के बारे में अभी से फैसला ले लेना चाहिए और सीटों के बंटवारे पर सहमति बना लेनी चाहिए। ऐन चुनाव के मौके पर होने वाली हलचल पार्टी कार्यकर्ताओं को भी उलझन में डालती है और विभिन्न सीटों पर कड़ी मेहनत कर रहे कार्यकर्ता और नेता अंतिम समय पर हतोत्साहित हो जाते हैं। पदाधिकारियों ने इस मुद्दों को पार्टी हाईकमान तक पहुंचाने का आग्रह किया। प्रभात झा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने कहा कि सभी नेता पार्टी की रीढ़ हैं और उनके विचारों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा। 

हम पार्टी को परिवार की तरह चलाते हैं: प्रभात झा
बैठक में प्रभात झा ने कहा कि हम पार्टी को परिवार के रूप में चलाते हैं लेकिन अन्य लोग परिवार को पार्टी के रूप में चलाते हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं की पार्टी है और यहां हर कार्यकर्ता सेवा को अपना सौभाग्य व गौरव समझता है। कार्यकर्ताओं ने कोरोना की चुनौतियों को दरकिनार करते हुए फ्रंटलाइन पर सेवाकार्य किए। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा संगठन महामंत्री दिनेश कुमार, प्रदेश महामंत्री डॉ. सुभाष शर्मा, मालविंदर सिंह कंग भी उपस्थित रहे।
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चंडीगढ़ में बाहर से आने वालों का ऑक्सीजन लेवल भी चेक किया जाएगा, प्रशासक के कड़े आदेश

कोरोना महामारी की वजह से विभिन्न राज्यों की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। ऐसे में अन्य राज्यों के लोग चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं और यहां के निवासी होने का झूठा दावा कर अपना इलाज करवा रहे हैं। बुधवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के साथ हुई बैठक में यह खुलासा पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. जगतराम ने किया।

इसके बाद प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनकी टीम, जो शहर के विभिन्न एंट्री प्वाइंट पर थर्मल स्क्रीनिंग का काम कर रही हैं, वह अपने साथ ऑक्सीमीटर भी रखें, ताकि संदिग्ध व्यक्ति की ऑक्सीजन लेवल की भी जांच तुरंत की जा सके। उन्होंने कहा कि इससे कोरोना के लक्षणों की जल्द पहचान हो सकेगी।

इसके अलावा प्रशासक ने स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता को आदेश दिया कि वह यह सुनिश्चित करें कि शहर में बायो मेडिकल वेस्ट खास तौर पर पीपीई किट का निपटारा सही तरीके से हो। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में पीजीआई डायरेक्टर ने बताया कि वह अन्य राज्यों से आने वाले प्रत्येक मरीज का कोरोना टेस्ट कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जो मरीज किसी अन्य अथॉरिटी से कोरोना निगेटिव का सर्टिफिकेट लेकर पीजीआई आ रहा है, उसकी भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस दौरान यह बात सामने आई है कि बहुत से मरीज ऐसे हैं जो अन्य राज्यों से संबंध रखते हैं लेकिन इलाज करवाने के लिए खुद को चंडीगढ़ का झूठा पता देकर शहर का नागरिक बता रहे हैं।

इस पर प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने स्वास्थ्य सचिव को निर्देश दिए कि वह गलत जानकारी देने वाले ऐसे मामलों को देखें और उनकी जांच करें।
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पंजाब यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए करें ऑनलाइन आवेदन, हैंडबुक व फार्म वेबसाइट पर अपलोड

पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में बुधवार से नए शैक्षिक सत्र के लिए दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वेबसाइट पर हैंडबुक व ऑनलाइन फार्म भी लॉन्च कर दिया गया है। पीयू वीसी प्रो. राजकुमार, डीयूआई प्रो. आरके सिंगला, कंप्यूटर सेंटर निदेशक डॉ. सुखविंदर सिंह ने जानकारियां उपलब्ध कराईं। हैंडबुक व ऑनलाइन फार्म का शुल्क भी निर्धारित कर दिया गया है। फार्म भरने की आखिरी तिथि 10 अगस्त है।

पीयू ने स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट कोर्स आदि के लिए ऑनलाइन फार्म भरने की प्रक्रिया शुरू की है। पीयू इस बार 153 कोर्सेज के लिए फार्म भरवा रहा है। ऑनलाइन फार्म के लिए सॉफ्टवेयर बनाने का जिम्मा कंप्यूटर सेंटर के पास था जो बेहतर साबित हुआ है।

पहले ही दिन कई स्टूडेंट्स ने हैंडबुक आदि डाउनलोड की। एक कोर्स के लिए 300, दो कोर्स के लिए 400, तीन कोर्स के लिए 500, चार कोर्स के लिए 600 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। पीयू ने बताया कि एडमिशन की प्रक्रिया समय समय पर अवगत कराई जाती रहेगी।
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अमृतसर में शर्मनाक घटना, महिला को पीटा, कपड़े फाड़कर गली में भगाया, मां को कमरे में किया बंद

प्रतीकात्मक तस्वीर
अमृतसर के थाना सदर अंतर्गत एक युवक ने पूर्व प्रेमिका को धोखे से घर बुलाकर उसे पीटा। कपड़े फाड़ दिए। इसके बाद उसे इसी हालत में गली में भागने को मजबूर किया। पीड़िता की मां को भी पीटकर घर के एक कमरे में कई घंटे तक बंद रखा। जानकारी के अनुसार महिला के एक व्यक्ति से विवाह से पहले संबंध थे। युवक ने महिला का अश्लील वीडियो बना लिया। वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर वह शादी के बाद भी संबंध बनाने का दबाव बनाता था। कुछ दिन पूर्व यह महिला अपनी मां के साथ पूर्व प्रेमी के घर गई ताकि वीडियो डिलीट करवाई जा सके। 

जब वह युवक के घर पहुंची तो उसने संबंध बनाने की कोशिश की। विरोध करने पर महिला को पीटा। उसके कपडे फाड़ दिए। उसे गली में भागने को मजबूर कर दिया। महिला के शोर मचाने पर मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने महिला को अस्पताल में दाखिल करवाया। लोगों ने महिला की मां को इस व्यक्ति के चंगुल से छुड़ाया। 

महिला ने बताया की वह शादीशुदा है। उसकी सात वर्ष की एक बेटी है। एक व्यक्ति से उसके विवाह पूर्व संबंध थे। उसने उसका वीडियो बनाकर कई बार दुष्कर्म किया। वह व्यक्ति भी शादीशुदा है। महिला ने आरोप लगाया कि सदर थाना उस व्यक्ति पर कार्रवाई करने के स्थान पर समझौते का दबाव बना रहा है। उसने इस संबंध में डीजीपी दिनकर गुप्ता व पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह को शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

महिला के वकील ने कहा कि पुलिस ने इंसाफ न दिया तो वह अदालत में याचिका दायर करेंगे। एएसआई गुरजीत सिंह ने महिला के आरोपों को नकारते हुए कहा कि वह दो दिन से पीड़ित महिला को थाने आने को कह रहे हैं लेकिन वह नहीं आ रही है। एसीपी सरबजीत सिंह ने कहा की मामला गंभीर है। जांच की जा रही है।
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अलर्टः पासपोर्ट कार्यालय न आएं, वीडियो कॉल के जरिए निकालेंगे आवेदकों की समस्याओं का हल

चंडीगढ़ सेक्टर 34 स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने आवेदकों से गुजारिश की है कि उन्हें अपनी समस्याएं हल कराने के लिए ऑफिस आने की जरूरत नहीं है। उन्हें दिए गए नंबर से वीडियो कॉल करके भी वे इसका समाधान करा सकते हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

पासपोर्ट कार्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि जिन आवेदकों ने सिर्फ पूछताछ के लिए ऑनलाइन मुलाकात का समय ले रखा है, वे कार्यालय आने से बचें और घर पर ही सुरक्षित रहें। आवेदकों की ओर से दर्ज पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक व्हाट्सएप वीडियो कॉल की जाएगी, जिसका नंबर 330 से खत्म होगा।

कॉल के माध्यम से उनकी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। यह कॉल उसी समय पर की जाएगी, जो मुलाकात के लिए तय है। आवेदकों से कहा गया है कि वह निर्धारित समय पर वीडियो कॉल के लिए उपलब्ध रहें।
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400 इंजीनियरों की नौकरी खतरे में पड़ी, कंपनियों ने पंजाब यूनिवर्सिटी को नोटिस भेज मांगी डिग्रियां

कोरोना महामारी काल ने दुनियाभर के करोड़ों लोगों को बेरोजगार कर दिया है। अभी भी हजारों लोगों की नौकरियां खतरे में पड़ी हुई हैं। ऐसे ही पंजाब यूनिवर्सिटी के कई प्रशिक्षु इंजीनियरों की नौकरियां भी दांव पर लगी हैं। जहां ये इंजीनियरिंग ट्रेनिंग कर रहे हैं, उन कंपनियों ने पीयू के यूआईईटी विभाग को नोटिस भेजते हुए कहा है कि छात्रों की डिग्रियां मुहैया कराई जाएं।

हालात यह है कि कोरोना के चलते पीयू में अभी परीक्षा नहीं हुई है। हालांकि विभाग इन छात्रों की मुश्किलों को हल करने में जुट गया है। इन सभी का वायवा करवा दिया गया है। साथ ही विभाग पीयू प्रशासन के जरिये अन्य कार्रवाई करवा रहा है ताकि इन छात्रों की नौकरियां सुरक्षित रह सकें।

400 छात्र कंपनियों में कर रहे ट्रेनिंग
यूआईईटी विभाग के फाइनल ईयर में लगभग 600 स्टूडेंट हैं। इनमें से 80 फीसदी की नौकरियां लग चुकी हैं। जैसे ही स्टूडेंट छठे सेमेस्टर में पहुंचते हैं। कंपनियां उनको योग्यता के मुताबिक सिलेक्ट कर लेती हैं और आखिरी सेमेस्टर में यह स्टूडेंट ट्रेनिंग पर चले जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि लगभग 400 स्टूडेंट ट्रेनिंग पर हैं। यह छात्र बेहद योग्य हैं।

इनको यूआईईटी ने कड़ी मेहनत से तराशा है। ट्रेनिंग पर जाने के बाद कोरोना ने दस्तक दे दी और इसके कारण इनकी परीक्षाएं लगातार लेट होती गईं। कंपनियों को हर बार जुलाई तक छात्रों की डिग्री या प्रोविजनल मिल जाते हैं, लेकिन इस बार नहीं मिले, क्योंकि पीयू की ओर से परीक्षाएं नहीं करवाई गईं। कोरोना के कारण अभी यह प्रक्रिया लेट होगी।
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने दी 26 सप्ताह का गर्भ गिराने की अनुमति, मां-बाप ने खुद की थी मांग

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने गर्भ में पल रहे 26 सप्ताह का गर्भ गिराने की अनुमति दे दी है। खुद मां-बाप ने ऐसा करने की मांग की थी। दरअसल, भ्रूण का मस्तिष्क व अन्य अंग विकसित न होने के चलते उसके जीवित रहने की कम संभावना को देखते हुए गर्भपातकी अनुमति दी गई है।

याचिका दाखिल करते हुए दंपती ने बताया कि उन्होंने मोहाली के एक निजी केंद्र से अल्ट्रासाउंड करवाया था। रिपोर्ट देखने के बाद उन्हें कजहेड़ी के सिविल अस्पताल या सेक्टर 16 अस्पताल में इलाज कराने का सुझाव दिया गया था। याचिकाकर्ता ने पीजीआई का रुख किया, जहां पर कोरोना के चलते भीड़भाड़ के कारण उन्होंने सेक्टर 16 अस्पताल में टेस्ट करवाए।

जांच के बाद दंपती को बताया गया कि भ्रूण का मस्तिष्क विकसित नहीं हुआ है तथा अन्य अंग भी अविकसित हैं। जब तक यह रिपोर्ट आई, तब तक भ्रूण की आयु इतनी बढ़ चुकी थी कि उसे बिना कोर्ट की अनुमति के गिराया नहीं जा सकता। इसके चलते याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का रुख किया।

हाईकोर्ट ने पीजीआई को मेडिकल बोर्ड का गठन करने के आदेश दिए थे। जांच के बाद बोर्ड ने कहा कि यदि बच्चा जन्म लेता है तो उसके जीवित रहने की संभावना न के बराबर है। बोर्ड ने महिला का गर्भपात करने की अनुमति देने का सुझाव दिया था। मेडिकल बोर्ड की राय के बाद हाईकोर्ट ने गर्भपात की अनुमति दे दी है।
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हरियाणा सरकार भी कम कर सकती है 9वीं से 12वीं का सिलेबस, एमएचआरडी को लिखेंगे पत्र

हरियाणा सरकार भी नौवीं से बारहवीं कक्षा के सिलेबस में कटौती कर सकती है। केंद्रीय स्कूल शिक्षा बोर्ड के सिलेबस घटाने के बाद इस पर विचार शुरू कर दिया गया है। शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने बुधवार को चंडीगढ़ में इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना के मद्देनजर सरकार पहले से ही स्कूल खोलने और सिलेबस को लेकर विचार कर रही है।

अगर कुछ देरी से स्कूल शुरू होते तो गर्मी, सर्दी व दूसरे शनिवार की छुट्टियां रद्द कर सिलेबस पूरा कराया जा सकता था, लेकिन हालात अनुसार स्कूल खोलने को लेकर अभी कोई सहमति नहीं बन पाई है। सीबीएसई ने सिलेबस 50 फीसदी तक काम किया है। इसे देखते हुए हरियाणा सरकार भी मानव संसाधन विकास मंत्रालय को प्रस्ताव भेजेगी। जैसे आदेश होंगे वैसे लागू किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। उनकी पढ़ाई का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। कंवर पाल ने बताया कि इस बार कांवड़ यात्रा न होने के कारण सरकार हर शिवालय व मंदिर में गंगाजल उपलब्ध कराएगी ताकि कांवड़िए जलाभिषेक कर सकें। यह उनकी आस्था का विषय है। इस बार कोरोना को देखते हुए कांवड़ यात्रा न कराने का निर्णय लिया गया है।

कांवड़ियों को जलाभिषेक के लिए गंगाजल सरकार उपलब्ध कराएगी। सीएम मनोहर लाल पहले ही आदेश जारी कर चुके हैं। जिससे कि अपना धार्मिक अनुष्ठान पूरा करने में कावंड़ियों को दिक्कत न आए। इस बार कोरोना के चलते कांवड़ यात्रा संभव नहीं है।
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