लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Chandigarh ›   Unable to find vacant posts of teachers and staff in PU

पीयू में शिक्षकों व कर्मचारियों के खाली पदों का नहीं लग पा रहा पता

Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 08 Feb 2021 02:05 AM IST
Unable to find vacant posts of teachers and staff in PU
विज्ञापन
ख़बर सुनें
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में शिक्षकों व कर्मचारियों के कितने पद रिक्त हैं और कितनी जरूरत है, इसका पता नहीं लग पा रहा है। मैन पावर ऑडिट के जरिए यह पता लगना था, लेकिन यह शुरू ही नहीं हो सका। इस कारण शिक्षकों व कर्मचारियों की नई तैनाती भी नहीं हो पा रही।

पीयू पहले हर दो से तीन साल में मैन पावर ऑडिट करवाकर ये पता लगाती थी कि किस विभाग में कितने शिक्षक व कर्मचारी कार्यरत हैं और कितने पद खाली हुए और कितने की जरूरत है। दो साल से यदि कोई पद खाली चल रहा होता है तो वह स्वीकृत पद स्वत: ही खत्म भी हो जाता है, क्योंकि दो साल से उस पद की जरूरत होती तो वहां तैनाती की मांग की जाती। इस तरह कई पद वर्षों से खाली हैं जो स्वत: ही खत्म हो जाएंगे, लेकिन इसका पता मैन पावर ऑडिट के जरिए ही लगेगा। अब तक यह ऑडिट पीयू की ओर से शुरू नहीं करवाया गया। हालांकि किसी एजेंसी को इसका जिम्मा दिया गया था। उसने काम शुरू किया या नहीं, यह भी नहीं बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि मैन पावर ऑडिट जरूरी है। इसके होने के बाद ही शिक्षकों व कर्मचारियों की भर्तियों का रास्ता साफ होगा अन्यथा भर्तियां निकलीं भी तो उन्हें इस आधार पर रोका जा सकता है क्योंकि पिछले वर्षों में ऐसा हुआ भी है। शिक्षकों की भर्तियां निकली थीं। उस पर सवाल खड़े किए गए थे जिन विभागों में शिक्षकों की भर्तियां निकाली गई हैं वहां से अधिक जरूरत दूसरे विभागों में शिक्षकों की है। यह भर्तियां रोक दी गई और अब तक शुरू नहीं हो सकीं।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00