पंजाब को दहलाने की साजिश नाकाम: हैंड ग्रेनेड व पिस्तौल के साथ कट्टरपंथी गिरफ्तार, कई बड़े खुलासे से पुलिस भी हैरान

संवाद न्यूज एजेंसी, तरनतारन (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 24 Nov 2021 06:53 PM IST

सार

पंजाब पुलिस ने एक और संभावित आतंकी हमले को विफल कर दिया है। पुलिस ने तरनतारन जिले में एक कट्टरपंथी को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी विदेश से संचालित आतंकी संगठनों के संपर्क में था। उसके कब्जे से दो चीन निर्मित P-86 हैंड ग्रेनेड और दो पिस्तौल और कारतूस मिले हैं।
बरामद हैंड ग्रेनेड, पिस्तौल व कारतूस।
बरामद हैंड ग्रेनेड, पिस्तौल व कारतूस। - फोटो : एएनआई
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विस्तार

पंजाब पुलिस ने विदेश में सक्रिय आतंकवादी संस्थाओं से जुड़े कट्टरपंथी रणजीत सिंह को तरनतारन के गांव सोहल से गिरफ्तार कर एक और संभावित आतंकी हमले को नाकाम कर दिया है। पुलिस ने उसके कब्जे से दो चीनी पी-86 हैंड ग्रेनेड, दो पिस्तौल और कारतूसों के अलावा एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
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पंजाब के डीजीपी इकबाल प्रीत सिंह सहोता ने बताया है कि अमृतसर के इलाके में रणजीत सिंह की मौजूदगी संबंधी खुफिया सूचना पर कार्रवाई करते हुए एसएसओसी अमृतसर की विशेष टीमों को निर्धारित क्षेत्र में भेजा गया था और रणजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब पंजाब में अन्य हथियारों के साथ-साथ हथगोले और टिफिन बमों की भारी आमद सामने आ रही है। 


हाल ही में सीआईए नवांशहर और पठानकोट के छावनी क्षेत्र में दो ग्रेनेड धमाकों के मामले और जीरा क्षेत्र से एक हथगोले की बरामदगी के मामले सामने आए हैं। एडीजीपी (आंतरिक सुरक्षा) आरएन ढोके ने बताया कि यूके आधारित उस व्यक्ति और उसके अन्य भारतीय साथियों का पता लगाने की कोशिशें की जा रही हैं, जिसने रणजीत के लिए हथियारों की खेप का प्रबंध किया था। इस बीच, सशस्त्र एक्ट की धारा 25, विस्फोटक पदार्थ संशोधन एक्ट की धाराओं 3, 4 और 5 और भारतीय दंड अधिनियम की धाराओं 120 और 120-बी के अंतर्गत थाना एसएसओसी अमृतसर में एफआईआर दर्ज की गई है।

सोशल ग्रुप 'कौम दे राखे' के जरिए जुड़ा कट्टरपंथियों से

डीजीपी सहोता ने बताया कि जांच के दौरान रणजीत ने खुलासा किया कि उसने सामाजिक कार्यों के बहाने फंड इकट्ठा करने के लिए ‘कौम दे राखे’ नामक ग्रुप बनाया था और इस ग्रुप के जरिए सोशल मीडिया पर वह यूके और अन्य देशों में रह रहे अलग-अलग कट्टरपंथी और दहशतगर्द तत्वों के संपर्क में आया, जिन्होंने सामाजिक कार्य की आड़ में स्लीपर सैल बनाने के लिए मदद की पेशकश की थी। डीजीपी ने आगे बताया कि रणजीत ने आगे खुलासा किया कि हाल ही में उसे हथियारों और विस्फोटकों की एक खेप मुहैया करवाई गई थी और वह सरहदी राज्य में डर का माहौल पैदा करने और अमन-कानून की व्यवस्था को भंग करने के लिए आतंकवादी हमला करने की योजना बना रहा था।

श्री हरमंदिर साहिब के बाहर बुतों में की थी तोड़फोड़
डीजीपी ने बताया कि रणजीत उस ग्रुप का हिस्सा था, जिसने 15 जनवरी, 2020 को श्री हरमंदिर साहिब को जाने वाली विरासती सड़क पर लोक नृत्यों संबंधी प्रतिमाओं में तोड़फोड़ की थी। उन्होंने आगे बताया कि पुलिस की तरफ से रणजीत को प्रतिमाओं की तोड़फोड़ के मामले में गिरफ्तार किया गया था और वह इस समय जमानत पर था। 
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