लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab-Haryana High Court reprimanded Punjab government on encroachment in protected area of Harike Wetland

हरिके वेटलैंड के संरक्षित क्षेत्र में अतिक्रमण: हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, पंजाब सरकार ने मांगी चार हफ्ते की मोहल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 01 Oct 2022 10:17 AM IST
सार

फिरोजपुर निवासी जसकिरण जीत सिंह ने 2016 में हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में बताया था कि फिरोजपुर, तरनतारन और कपूरथला जिले में फैले सैकड़ों एकड़ वेटलैंड पर अवैध तरीके से कब्जे हो रहे हैं। फिरोजपुर जिले में पड़ी हरिके वेटलैंड सैंक्चुरी की नियमों के अनुसार सेल डीड जारी नहीं की जा सकती।

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

फिरोजपुर और तरनतारन के सैकड़ों एकड़ क्षेत्र में फैले हरिके वेटलैंड के संरक्षित क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की फटकार के बाद पंजाब सरकार हरकत में आ गई है। सरकार ने अवैध अतिक्रमण हटाने शुरू कर दिए हैं और सभी अतिक्रमण हटाने के लिए चार हफ्ते की मोहलत मांगी है। साथ ही अतिक्रमण के लिए दोषी राजस्व अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। यह जानकारी पंजाब सरकार ने जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दी। 



इस मामले में फिरोजपुर निवासी जसकिरण जीत सिंह ने 2016 में हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में बताया था कि फिरोजपुर, तरनतारन और कपूरथला जिले में फैले सैकड़ों एकड़ वेटलैंड पर अवैध तरीके से कब्जे हो रहे हैं। फिरोजपुर जिले में पड़ी हरिके वेटलैंड सैंक्चुरी की नियमों के अनुसार सेल डीड जारी नहीं की जा सकती। पंजाब सरकार ने इस बाबत अधिसूचना भी जारी की थी। लेकिन साल 2007 व 2008 के बीच इस जमीन के कुछ हिस्से की सेल डीड जारी कर दी गई और अगस्त 2015 तक इस सैंक्चुरी में बड़े स्तर पर निर्माण कार्य शुरू हो गए, जिसमें एक गुरुद्वारा भी शामिल है। 

वेटलैंड फेंसिंग में निर्माण कार्य की सौंपी थी फोटो 

याची ने हाईकोर्ट को कुछ फोटो सौंपते हुए बताया कि ये साफ दर्शाते हैं कि वेटलैंड फेंसिंग के भीतर निर्माण कार्य जोरों से जारी है। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से अपील की कि इस मामले में राज्य सरकार और पर्यावरण मंत्रालय को उचित निर्देश दिए जाएं ताकि अवैध कब्जों को रोका जा सके। हाईकोर्ट ने निर्माण पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने कहा था कि डीसी व एसएसपी सुनिश्चित करें कि कोर्ट के आदेश का पालन हो।

बिजली ट्रांसफार्मर से प्रवासी पक्षियों की जान को खतरा 

याची ने कहा कि इस सैंक्चुरी में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं और यहां किसी भी प्रकार के ट्रांसफार्मर नहीं लगाए जाने चाहिए। बावजूद इसके बिजली विभाग ने एक ट्रांसफार्मर भी लगा दिया है। इस कारण प्रवासी पक्षी जो यहां आकर बैठते है उनकी जान को खतरा बन गया है। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया था कि इस बाबत उसने सरकार को मांग पत्र देकर इस मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की थी लेकिन उनके मांग पत्र पर सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। निर्माण हटाने व दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई कर अब हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को कार्रवाई के लिए चार सप्ताह का समय देते हुए फिरोजपुर के डीसी और एसएसपी को 2 नवंबर को अगली सुनवाई पर स्टेटस रिपोर्ट दायर करने का आदेश दिया है।

खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00