विज्ञापन
विज्ञापन

जज्बाः मिशन ओलंपिक के लिए तैयारी में जुटे हैं चंडीगढ़ के पैरा टेबल टेनिस स्टार ये पति-पत्नी

संजीव पंगोत्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 13 Sep 2019 01:31 PM IST
पैरा टेबल टेनिस प्लेयर
पैरा टेबल टेनिस प्लेयर - फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें
चंडीगढ़ के पैरा ओलंपिक टेबल टेनिस खिलाड़ी मुकेश कुमार और पूनम की निगाहें अब 2020 ओलंपिक पर हैं। इसके लिए यह दोनों अभी से दिन-रात अभ्यास करने में जुटे हुए हैं। मुकेश कुमार और पूनम पति-पत्नी हैं और इंटरनेशनल लेवल के बेहतरीन पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं। दोनों देश ही नहीं विदेशों में मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। मुकेश और पूनम का एक पांव खराब है।
विज्ञापन
बावजूद इसके इन दोनों ने हौसला नहीं छोड़ा। अपने जज्बे के दम पर टेबल टेनिस के खेल से जुड़े। दिन रात मेहनत की और आज वर्ल्ड लेवल पर खेलते हुए मेडल बटोरने में लगे हैं। पिछले महीने ही मुकेश और उनकी पत्नी पूनम रानी दोनों ताईवान, जापान, बैंकाक  में इंटरनेशनल टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर लौटे हैं।

इस साल अक्तूबर, नवंबर, दिसंबर में पैरा टेबल टेनिस प्रतियोगिताएं विभिन्न देशों में आयोजित होनी हैं। इसमें बेहतर प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों को ओलंपिक का टिकट मिलना है। मुकेश और पूनम इन दिनों मिशन ओलंपिक के लिए पूरी तरह से जुटे हैं। सुबह और शाम कई घंटाें अभ्यास कर रहे हैं। मुकेश और पूनम ने बताया कि वह देश के लिए ओलंपिक का टिकट हासिल करने में पूरा जोर लगा देंगे।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

स्वतंत्रता दिवस पर मुकेश हुए थे सम्मानित

विज्ञापन

Recommended

छात्रोंं के करियर को नई ऊंचाइयां देता ये खास प्रोग्राम
Invertis university

छात्रोंं के करियर को नई ऊंचाइयां देता ये खास प्रोग्राम

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019
Astrology Services

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Dehradun

उत्तराखंड: शैलेश मटियानी पुरस्कार से नवाजे जाएंगे उत्तराखंड के 24 शिक्षक

शैलेश मटियानी राज्य शिक्षक पुरस्कार 2016-17 के लिए प्रदेश से 24 शिक्षकों को चयनित किया गया है।

17 अक्टूबर 2019

विज्ञापन

मदर टेरेसा को मिला था शांति के लिए नोबेल पुरस्कार, लेकिन कुछ लोगों ने दिया था नकार

17 अक्टूबर 1979 को मदर टेरेसा को शांति का नोबेल मिला था। नोबेल पुरस्कारों का इतिहास काफी रोचक रहा है। साथ ही विवादास्पद भी। ऐसा भी हुआ है जब विश्व का यह सर्वोच्च सम्मान लेने से लोगों ने मना कर दिया।

17 अक्टूबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree