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Lumpy Skin Disease: पंजाब में पशु मेलों पर रोक, लुधियाना में 81 टीमें गठित

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Mon, 08 Aug 2022 09:31 PM IST
सार

पशुओं में लंपी रोग को और अधिक फैलने से रोकने के लिए जिला प्रशासन ने लुधियाना में पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की 81 टीमों का गठन किया गया है। जिले में अब तक 3640 पशु चर्म रोग से प्रभावित मिले हैं और टीमें प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रख रही हैं, ताकि रोग और न फैले।

लंपी स्किन रोग
लंपी स्किन रोग - फोटो : संवाद
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विस्तार

पंजाब में पशुओं में फैल रही लंपी स्किन बीमारी की रोकथाम के उपायों के तहत पशु पालन, मछली पालन व डेयरी विकास विभाग ने विभिन्न जिलों में लगने वाले पशु मेलों के आयोजन पर रोक लगा दी है। सोमवार को मोगा समेत किसी भी जिले में पशु मेले नहीं लगे। इस बीच, विभाग ने गोशालाओं के साथ ही लावारिस गायों पर भी विशेष ध्यान देना शुरू किया है ताकि स्वस्थ पशुओं को उनसे अलग रखकर इस रोग से बचाया जा सके। 



विभाग ने स्वस्थ पशुओं में संक्रमण रोकने के लिए दवा देने का काम शुरू कर दिया है। पशुपालन विभाग के निदेशक ने संबधित विभागों के अधिकारियों, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग की पशु मेला शाखा, राज्य के सभी डीसीज, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारियों, सह जिला पशु मेला अधिकारियों को पत्र जारी कर कहा गया है कि लंपी स्किन रोग को लेकर केंद्र सरकार द्वारा दिशा-निर्देश जारी किया गया है। इसके तहत राज्य में पशु मंडियों को अगले आदेश तक बंद रखने को कहा गया है।


लुधियाना में 81 टीमें गठित
पशुओं में लंपी रोग को और अधिक फैलने से रोकने के लिए जिला प्रशासन ने लुधियाना में पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की 81 टीमों का गठन किया गया है। जिले में अब तक 3640 पशु चर्म रोग से प्रभावित मिले हैं और टीमें प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रख रही हैं, ताकि रोग और न फैले। डीसी सुरभि मलिक ने बताया कि पशुपालकों को घबराने की जरूरत नहीं है और यदि कोई पशु चर्म रोग से पीड़ित पाया जाता है तो वह तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय में संपर्क करें। 

इस रोग से ग्रसित पशुओं को 102 से 104 तक का तेज बुखार हो जाता है। खाना-पीना बंद कर देते हैं और त्वचा पर छाले पड़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी पशु में ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं तो स्वस्थ पशुओं को प्रभावित पशुओं से अलग कर दिया जाए और तत्काल नजदीकी पशु औषधालय से संपर्क किया जाए। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में मच्छरों के काटने से यह बीमारी ज्यादा फैलती है इसलिए जानवरों के आसपास सफाई रखनी चाहिए और संक्रमित जानवरों को दूसरों से अलग रखना चाहिए।

साथ ही प्रभावित पशुओं को मच्छरदानी से ढकना चाहिए और ऐसे जानवरों की देखभाल करने वालों को मास्क, दस्ताने और सेनिटाइजर का उपयोग करना चाहिए। डीसी ने पशुपालकों को अपने स्वस्थ पशुओं को गैट पॉक्स का टीका लगाने को भी कहा, जो बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए निशुल्क लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार उक्त बीमारी को रोकने के लिए कटिबद्ध है और तेजी से काम कर रही है। 

अमृतसर में 55 टीमें तैनात
अमृतसर में अब तक लगभग 2010 पशु लंपी से प्रभावित हैं। उनका इलाज संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारी व पशु चिकित्सा निरीक्षक कर रहे हैं। अमृतसर के डीसी हरप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि पंजाब के पशुपालन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को गांव जाकर बीमार पशुओं का इलाज करने का निर्देश दिया है। 

प्रभावित गांवों में जागरूकता शिविर भी आयोजित हो रहे हैं। इन शिविरों में पशुपालकों को बीमारी से बचाव की जानकारी दी जा रही है। जिले में इलाज और टीकाकरण पर 55 टीमें काम कर रही हैं। जिले में इस बीमारी से प्रभावित पशुओं का इलाज किया जा रहा है। स्वस्थ पशुओं को इस बीमारी से बचाने के लिए टीके लगाए जा रहे हैं। जिले में टीके की 4932 वैकसीन खुराक आ चुकी है। 2516 खुराक पशुओं को दी जा चुकी है और शेष 2416 खुराक पशुओं को दे दी जाएगी। पशुपालन उपनिदेशक नवराज सिंह संधू ने बताया कि अभी तक केवल गाय ही इस रोग से प्रभावित हैं और भैंसों के इस रोग से प्रभावित होने का कोई मामला सामने नहीं आया है।
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