लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Chandigarh ›   High Court issues notice to Punjab Government in petition related to mining

Punjab: सरकार को हाईकोर्ट का नोटिस, बाहर से आई खनन सामग्री पर रॉयल्टी व पेनल्टी वसूली पर भी रोक लगाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 10 Sep 2022 12:52 AM IST
सार

हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। साथ ही पॉलिसी के इस क्लॉज पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

पंजाब की खनन नीति में बाहरी राज्यों के क्रशर से प्रदेश में आने वाले वाहनों से रॉयल्टी और पेनल्टी की वसूली के प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही हाईकोर्ट ने याचिका लंबित रहते इस प्रावधान पर भी रोक लगा दी है।



जम्मू-कश्मीर के कठुआ के ओम क्रशर द्वारा सीनियर एडवोकेट आशीष चोपड़ा के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए 24 अगस्त को जारी माइनिंग पॉलिसी के क्लॉज 2 (9) को चुनौती दी है। इस क्लॉज के अनुसार बाहरी राज्यों के क्रशर से पंजाब में माल लाने वाले वाहनों से रॉयल्टी और पेनल्टी वसूले जाने का प्रावधान है। 


याचिकाकर्ता का कहना है कि इस पॉलिसी में शामिल किया गया यह क्लॉज माइन्स एंड मिनरल (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट-1957 के विरुद्ध है। ऐसे में यह प्रावधान अवैध और गलत है लिहाजा इसे रद्द किया जाए। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि जब तक याचिका हाईकोर्ट में विचाराधीन है तब तक इस क्लॉज पर रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। साथ ही पॉलिसी के इस क्लॉज पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।

काफी पेचीदा है प्रक्रिया 
पंजाब में खनन सामग्री लेकर जाने वाले वाहनों से गुंडा टैक्स वसूली रोकने के लिए पंजाब सरकार ने चेक पोस्ट बनाई थी। अवैध खनन की स्थिति में वाहन से 7 रुपये प्रति क्यूबिक फुट रॉयल्टी व पेनल्टी के रूप में वसूली का आदेश दिया गया है। साथ ही पंजाब में बाहर से आने वाले वाहनों से भी यह राशि ली जाएगी। 

इसके बाद दस्तावेजों में संबंधित राज्य से वेरिफाई होने के बाद इस राशि को वापस किया जाएगा। इसी प्रावधान को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि इससे उनका पैसा फंस जाता है और उन्हें लंबे समय तक इसके लिए इंतजार करना पड़ता है। साथ ही यह प्रक्रिया काफी पेचीदा है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00