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हाईकोर्ट की खबरें: तजिंदर पाल सिंह बग्गा और भूपेंद्र सिंह की याचिकाओं पर हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 09 Aug 2022 12:08 AM IST
सार

बग्गा की याचिका पर सोमवार को लंबी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सभी पक्षों को सुना। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock
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विस्तार

भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा की एफआईआर को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सोमवार को लंबी बहस के बाद सभी पक्षों को सुनकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। बग्गा के खिलाफ मोहाली में केस दर्ज है।



दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कश्मीर को लेकर जो बयान दिया था उसके बाद बग्गा ने कहा था कि जब तक केजरीवाल कश्मीरियों से माफी नहीं मांगेंगे तब तक उन्हें जीने नहीं देंगे। इस बयान के बाद पंजाब के मोहाली में बग्गा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।


इस एफआईआर को रद्द करने के लिए बग्गा ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली थी। बग्गा की याचिका पर सोमवार को लंबी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सभी पक्षों को सुना। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया।

चन्नी के भांजे भूपेंद्र सिंह की याचिका पर हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित
पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के भांजे भूपिंदर सिंह हनी और कुदरतदीप सिंह के खिलाफ राहों में इसी महीने दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। दोनों ने एफआईआर रद्द करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। 

याचिका में दोनों ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए एफआईआर और इस एफआईआर पर हो रही कार्रवाई पर याचिका लंबित रहते रोक लगाने की भी मांग की थी। मामला सुनवाई के लिए जस्टिस विकास बहल की बेंच के समक्ष पहुंचा था।

जस्टिस विकास बहल ने निजी कारणों का हवाला देते हुए इस पर सुनवाई से इन्कार कर दिया था। इस याचिका पर सुनवाई के लिए नई बेंच के गठन के लिए इसे मुख्य न्यायाधीश को रेफर कर दिया था। जस्टिस जेएस पुरी की बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया।

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