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टूटा पांच साल का रिकॉर्ड, हथिनी कुंड से छोड़ा गया सबसे अधिक पानी, दिल्ली में आ सकती 'आफत'

निरंजन राणा, अमर उजाला, रोहतक/यमुनानगर/नंगल (हरियाणा) Updated Sun, 18 Aug 2019 08:22 PM IST
हथिनी कुंड  बैराज से यमुना में छोड़ा गया पानी
हथिनी कुंड बैराज से यमुना में छोड़ा गया पानी - फोटो : अमर उजाला
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बारिश से हरियाणा और पंजाब में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। दो दिन से पहाड़ों में हो रही तेज बारिश ने हथिनी कुंड बैराज पर यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से बहुत ऊपर कर दिया है। हथिनी कुंड बैराज पर यमुना नदी के जलस्तर ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शाम 5:00 बजे तक हथिनी कुंड बैराज पर यमुना नदी का जलस्तर 814000 दर्ज किया गया।
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पहाड़ों में हो रही मूसलाधार बारिश से यमुना ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। रविवार को यमुना के जलस्तर ने अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ दिए और शाम छह बजे जलस्तर आठ लाख 28 हजार क्यूसेक को भी पार कर गया। जो खतरे के निशान से आठ गुणा ज्यादा है। जिसके चलते सिंचाई विभाग की तरफ से यमुनानगर, करनाल, पानीपत और सोनीपत में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं इन चारों जिलों में यमुना की जद में आने वाले रिहायशी इलाके खाली करने के आदेश जारी किए हैं।

साथ ही दिल्ली सरकार को भी सूचना भिजवा दी है। 72 घंटे के भीतर पानी के इस खतरनाल लेवल से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में बाढ़ के आसार बन गए हैं। हथिनीकुंड बैराज बनने के बाद अब तक का सबसे ज्यादा पानी 17 जून 2013 को 8,06,464 क्यूसेक दर्ज किया गया था। जबकि पिछले साल साढ़े छह लाख क्यूसेक पानी आया था। 1872 में अंग्रेजों द्वारा बनाएं गए ताजेवाला हेडवर्क्स पर भी इतना ज्यादा पानी पहुंचने का कोई रिकार्ड नहीं है।

दिल्ली में पहुंच सकता है ज्यादा पानी
सिंचाई विभाग की यमुना जल सेवाएं प्रभाग के एक्सईएन हरिदेव कांबोज ने बताया कि यमुनानगर में सोमनदी और पथराला नदी भी उफान पर है। इसके अतिरिक्त हरियाणा और यूपी के कई बड़े बरसाती नाले यमुना में गिरते हैं। ऐसे में दिल्ली पहुंचने वाला पानी आठ लाख क्यूसेक से काफी ज्यादा हो सकता है। क्योंकि इन नदी नालों का जलस्तर भी खतरे के निशान से कई गुणा ज्यादा है। दिल्ली सरकार को इस बारे में सूचना भिजवा दी गई है।   





वहीं यमुनानगर में यमुना के किनारे बसे चार गांवों में पानी घुस गया है। प्रशासन ने यमुनानगर, करनाल, पानीपत और सोनीपत में अलर्ट जारी किया। बैराज से पानी छोड़े जाने के 72 घंटे बाद दिल्ली में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं। हथिनी कुंड बैराज से अब तक 7 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है जो पिछले 5 सालों मैं सबसे अधिक है। संभावना है कि रात या कल सुबह यमुना के तटवर्ती गांवों में पानी पहुंच सकता है। 2014 में करीब 600000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जिससे कई गांव में बाढ़ के हालात बने थे और फसलें नष्ट हुई थी।

रेलवे ट्रैक धंसा, यातायात प्रभावित
यमुनानगर में बारिश ने आफत मचा रखा है। पिछले 16 घंटों से हो रही लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। शहर में लोगों के घरों तक पानी घुस गया है। मदद के लिए लोग फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप में गुहार लगा रहे हैं। वहीं दुसाने गांव के पास रेल की पटरी धंसने के कारण गाड़ियों का आवागमन रुक गया है। पूरे यमुनानगर में इंटरनेट सेवा के साथ बस और रेल यातायात प्रभावित है। वहीं 50 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट चुका है। 
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